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Cortisol hormones: कोर्टिसोल का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

Updated at : 14 Aug 2024 5:19 PM (IST)
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Cortisol hormones: कोर्टिसोल का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

कॉर्टिसोल एक हार्मोन है जो हमारे शरीर में होता है. यह हार्मोन तनाव से निपटता है. चलिए इसे विस्तार से जानते हैं..

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Cortisol hormones: हमारी ज़िन्दगी में तनाव एक सामान्य अनुभव है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर में एक खास हार्मोन होता है जो तनाव से निपटने में मदद करता है? यह हार्मोन है कोर्टिसोल. हम जानेंगे कि कोर्टिसोल कैसे काम करता है, और इसका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव पड़ता है.

कोर्टिसोल का कार्य

कोर्टिसोल एक स्टेरॉयड हार्मोन है जो हमारे अधिवृक्क ग्रंथियों (adrenal glands) द्वारा निर्मित होता है. जब हमें तनाव या खतरे का सामना करना पड़ता है, तो कोर्टिसोल का स्तर बढ़ जाता है. यह हार्मोन शरीर को कई तरह से मदद करता है.

1.ऊर्जा का प्रबंधन

कोर्टिसोल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे हम तनावपूर्ण परिस्थितियों में सक्रिय और सजग रह सकते हैं. यह रक्त में शर्करा (glucose) का स्तर बढ़ाता है, जिससे मांसपेशियों और मस्तिष्क को तत्काल ऊर्जा मिलती है.

2. रक्तचाप को नियंत्रित करना

कोर्टिसोल रक्तचाप को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे दिल और अन्य अंग तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं.

3. प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन

कोर्टिसोल का एक और महत्वपूर्ण कार्य प्रतिरक्षा प्रणाली को नियंत्रित करना है. यह सूजन को कम करता है, जिससे शरीर की रक्षा प्रणाली बेहतर तरीके से काम करती है.

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मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

हालांकि कोर्टिसोल तनाव की स्थिति में फायदेमंद होता है, लेकिन यदि इसका स्तर लगातार उच्च रहता है, तो यह मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है.

1. चिंता और डिप्रेशन

लंबे समय तक उच्च कोर्टिसोल स्तर चिंता और डिप्रेशन का कारण बन सकता है. यह मस्तिष्क के कुछ हिस्सों को प्रभावित करता है, जो मूड और भावनाओं को नियंत्रित करते हैं.

2. स्मरण शक्ति में कमी

अत्यधिक कोर्टिसोल मस्तिष्क के हिप्पोकैम्पस (hippocampus) को प्रभावित कर सकता है, जो याददाश्त और सीखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.

शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

1. वजन बढ़ना

उच्च कोर्टिसोल स्तर भूख को बढ़ा सकता है और वजन बढ़ाने में योगदान कर सकता है. यह विशेष रूप से पेट के आस-पास वसा को जमा कर सकता है.

2. पाचन समस्याएँ

कोर्टिसोल का अधिक स्तर पेट की समस्याएँ जैसे एसिड रिफ्लक्स और अल्सर का कारण बन सकता है.

3. हड्डियों की कमजोरी

लंबे समय तक उच्च कोर्टिसोल स्तर हड्डियों की ताकत को कम कर सकता है, जिससे हड्डियों में फ्रैक्चर का खतरा बढ़ जाता है.

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कोर्टिसोल तनाव के समय में हमारे शरीर की मदद करता है, लेकिन इसका अत्यधिक या दीर्घकालिक स्तर मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है. तनाव को नियंत्रित करने के लिए, संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद की आदतें अपनाना महत्वपूर्ण है. यदि आपको लगता है कि आपका तनाव स्तर अधिक है, तो चिकित्सक से सलाह लेना हमेशा अच्छा होता है.

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Jaya Soni

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By Jaya Soni

Jaya Soni is a contributor at Prabhat Khabar.

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