क्या कोरोना का फिर टूटेगा कहर ? महामारी की आहट से सहमी दुनिया, देश में भी बढ़ी निगरानी

Published by : Meenakshi Rai Updated At : 19 Dec 2023 9:52 AM

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Corona JN.1 variant in India: कोरोना वायरस के नये वैरिएंट जेएन-1 से एक बार फिर महामारी की आहट से पूरी दुनिया सहम गई है. भारत में जेएन-1 का मामला मिलने के बाद सरकार अलर्ट हो गई है.केन्द्र सरकार ने कोरोना के बढ़ते मामलों और जेएन-1 की पहचान को लेकर एडवाइजरी जारी की है.

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कोविड को लेकर निगरानी के लिए एडवाइजरी

Corona JN.1 variant in India : कोविड संक्रमण के मामलों में वृद्धि और देश में नए जेएन-1 वेरिएंट के पहले मामले का पता चलने के बीच केंद्र ने कोविड को लेकर निगरानी के लिए एडवाइजरी जारी की है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट रहने को कहा है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने देश में कोविड-19 सहित श्वसन संबंधी बीमारियों में वृद्धि के मद्देनजर तैयारियों की समीक्षा के लिए बुधवार को राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक बुलाइ है

राज्‍य, जिला स्तर तक निरंतर निगरानी

केन्द्र सरकार ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निरंतर निगरानी बनाए रखने के लिए कहा है. एडवाइजरी में कहा गया है कि राज्‍य, जिला स्तर तक कोविड की स्थिति पर निरंतर निगरानी बनाए रखें

केरल जैसे कुछ राज्यों में कोविड -19 मामलों की संख्या में वृद्धि

हाल ही में केरल जैसे कुछ राज्यों में कोविड -19 मामलों की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है. आने वाले दिनों में त्‍योहार के मौसम को ध्यान में रखते हुए राज्यों को बीमारी के प्रसार के खतरे को कम करने के लिए अपेक्षित सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय और अन्य व्यवस्थाएं करने की सलाह दी गई है.

सुनिश्चित करें निगरानी और रिपोर्टिंग

परामर्श में राज्यों से कहा गया है कि वे मामलों की बढ़ती प्रवृत्ति का शीघ्र पता लगाने के लिए सभी स्वास्थ्य केन्‍द्रों में इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी आईएलआई और श्वास संबंधी गंभीर बीमारी एसएआरआई के जिलेवार मामलों की निगरानी और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें

आरटी-पीसीआर और एंटीजन परीक्षण

राज्यों को यह भी सलाह दी गई कि वे सभी जिलों में कोविड-19 परीक्षण दिशा-निर्देशों के अनुसार पर्याप्त परीक्षण सुनिश्चित करें और आरटी-पीसीआर और एंटीजन परीक्षणों की निर्धारित संख्‍या बनाए रखें.

केरल में पाया गया JN.1 सब-वैरिएंट BA.2.86 का पहला मामला  

भारत में JN.1 सब-वैरिएंट BA.2.86 का पहला मामला हाल ही में केरल में पाया गया था. कोविड-19 सब-वेरिएंट जेएन-1 (जिसे पिरोला के नाम से भी जाना जाता है) का एक नया सब-वैरिएंट है. यह तेजी से फैलने वाला ओमीक्रॉन वैरिएंट का एक ऑफ-शूट है. विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह अधिक प्रतिरक्षा प्रतिरोधी होता है. नवंबर में WHO वैज्ञानिकों द्वारा इसे वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के रूप में पहचाना गया. JN.1 संस्करण संयुक्त राज्य अमेरिका, चीन और सिंगापुर में भी रिपोर्ट किया गया है.

कोविड-19 टीकों से जेएन.1 के खिलाफ सुरक्षा की उम्मीद

सरकार के अनुसार, वर्तमान में प्रसारित अन्य वेरिएंट की तुलना में जेएन.1 से बढ़ी गंभीरता या सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए इसके सबवेरिएंट से उत्पन्न जोखिम का कोई संकेत नहीं है. सरकार का कहना है कि कोविड-19 टीकों से जेएन.1 के खिलाफ सुरक्षा बढ़.ने की उम्मीद है,

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