बीट पुलिसिंग में झारखंड का पहला जिला बना गुमला, सभी पंचायत भवनों में लगे क्यूआर कोड

झारखंड का पहला जिला गुमला बना है जहां बीट पुलिसिंग के तहत काम हो रहा है. इसके तहत नक्सल प्रभावित गांव के 40 युवकों को पुलिस की ट्रेनिंग दी जा रही है. वहीं, जोहार कॉप से अंधविश्वास पर वार किया जा रहा है. साथ ही जिले के सभी पंचायत भवनों में क्यूआर कोड लगाया गया है.
गुमला, जगरनाथ/अंकित : झारखंड राज्य का पहला जिला गुमला है जहां बीट पुलिसिंग के तहत काम हो रहा है. इसके तहत 250 क्यूआर कोड बेस्ट सिस्टम लगाकर क्षेत्र में निगरानी रखी जा रही है. शुरुआती दौर में जिले के शहरी क्षेत्रों में इसका उपयोग किया गया. वर्तमान में जिले के सभी पंचायत भवनों में क्यूआर कोड लगाया गया है. जहां पर प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी द्वारा शहरी क्षेत्र में दिन में तीन बार तथा ग्रामीण इलाकों में सप्ताह में दो बार बांटे गये बीट क्षेत्र में पहुंचकर निगरानी रखी जा रही है. जिससे क्षेत्र में अपराध नियंत्रण में है. यह पहल, गुमला के पुलिस अधीक्षक डॉ एहतेशाम वकारीब ने की है. एसपी ने कहा कि शुरू में बीट पुलिसिंग गुमला शहर में लागू किया गया. इसका असर यह हुआ कि शहरी क्षेत्र में अपराध कम हुआ है. लोगों का पुलिस के प्रति विश्वास भी बढ़ा है. क्योंकि गुमला पुलिस 24 घंटे गश्ती पर रहती है. शहर के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में भी इस नियम को लागू किया गया.
जोहार कॉप से अंधविश्वास पर वार
गुमला पुलिस ने नक्सल प्रभावित गांव के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की पहल की है. इसके तहत नक्सल पीड़ित गांव के 40 युवाओं को पारा मिलिट्री व पुलिस में बहाली में भाग लेने के लिए ट्रेनिंग दी जा रही है. यह ट्रेनिंग पुलिस लाइन चंदाली में चल रहा है. इसके अलावा अंधविश्वास से जकड़े गुमला जिला में एसपी डॉ एहतेशाम वकारीब की पहल पर जोहार कॉप के तहत डायन बिसाही पर वार किया जा रहा है. गांव-गांव में डायन बिसाही को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है. एसपी डॉ एहतेशाम वकारीब ने कहा कि जोहार कॉप कार्यक्रम के तहत विभिन्न थाना क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा, बाल मजदूर, डायन बिसाही, नशापान, बाल-विवाह, साइबर क्राइम से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. जिसमें जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से जरूरतमंद एवं इच्छुक 40 नवयुवकों को सर्वांगीण विकास के साथ-साथ परामिलिट्री व पुलिस में नियुक्ति हेतु प्रशिक्षण दिया जा रहा है.
गांव के युवाओं को खेल से जोड़ा जा रहा
साथ ही आमजनों के बीच समन्वय बनाये रखने के लिए विभिन्न थाना क्षेत्रों में विभिन्न खेलों जैसे फुटबॉल, बॉलीबॉल, क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया. खिलाड़ियों के बीच जर्सी, शर्ट, फुटबॉल, फुटबॉल नेट, बॉलीबॉल, क्रिकेट किट, स्किपिंग, रेडियो एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया. जिससे पुलिस एवं आमजनों के बीच सहयोग की भावना बनी रहती है. एसपी ने कहा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस द्वारा डायन बिसाही, मानव तस्करी, नशापान की रोकथाम हेतु जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है. गुमला पुलिस द्वारा समुदायिक पुलिसिंग के तहत उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस एवं आमजनी के बीच आपसी सहयोग समन्वय हेतु महिला, बच्चों एवं जरूरतमंदों के बीच कंबल, साड़ी, धोती, स्कूल बैग इत्यादि अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया गया है.
तीन थानों में पुस्तकालय बनेगा
जिले के घाघरा, सिसई व चैनपुर थाना में पुस्तकालय का निर्माण होगा. इसके लिए गुमला एसपी ने पहल शुरू कर दी है. दोस्ताना पड़ोस पुलिस प्रोजेक्ट के तहत जिले के सभी थानों का सुंदरीकरण किया जा रहा है. जिसमें गार्डन का निर्माण, स्वागत कक्ष, आम जनों के बैठने एवं पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है. इस योजना के अंतर्गत चैनपुर एवं रायडीह थाना में गार्डन का निर्माण किया गया है. यहां पर आमजनों की समस्याओं को सुनी जाती है.
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