मंदिरों के पट खुलने के बाद मुंह पर मास्क लगे भक्तों की ही होगी इंट्री

Updated at : 03 Jun 2020 4:31 AM (IST)
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मंदिरों के पट खुलने के बाद मुंह पर मास्क लगे भक्तों की ही होगी इंट्री

लॉकडाउन के चौथे चरण के खत्म होने के बाद अनलॉक के पहले चरण में आठ जून से मंदिरों के कपाट खुल जायेंगे. मंदिरों में केवल वही भक्त भगवान का दर्शन कर सकेंगे. जिनके मुंह पर मास्क लगा होगा

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गया : लॉकडाउन के चौथे चरण के खत्म होने के बाद अनलॉक के पहले चरण में आठ जून से मंदिरों के कपाट खुल जायेंगे. मंदिरों में केवल वही भक्त भगवान का दर्शन कर सकेंगे. जिनके मुंह पर मास्क लगा होगा. इसके अलावा भक्तों की थर्मल स्कीनिंग सहित सोशल डिस्टैंसिंग व सरकार द्वारा सुझाये गये सभी उपायों से गुजरना भी पड़ेगा. मंदिरों में वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए मंदिरों के प्रबंधन समितियों द्वारा लगातार बैठकें आयोजित हो रही हैं. अलग-अलग मंदिरों में समिति के पदाधिकारियों द्वारा वैश्विक महामारी को फैलने से रोकने के लिए रणनीतियां बनाने का काम शुरू कर दिया गया है.

श्री विष्णुपद मंदिर प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य महेश लाल गुप्त व गया पाल तीर्थ पुरोहित के महामंत्री मणिलाल बारीक में बताया कि आठ जून को मंदिर के कपाट खुलने के बाद भक्तों को भगवान के दर्शन के लिए खोल दिया जायेगा. इन लोगों ने बताया कि भगवान का दर्शन करने आये श्रद्धालुओं को हाथ-पैर धुलवाने के बाद उन्हें सैनिटाइज किया जायेगा. इसके बाद फ्लोर मार्किंग के साथ श्रद्धालुओं को प्रवेश द्वार के बाहर कतारबद्ध किया जायेगा. मंदिर के गर्भगृह में सभा मंडप से प्रवेश व मुख्य प्रवेश द्वार से सटे दरवाजे से निकलने की व्यवस्था की जायेगी. बताया गया कि गर्भ गृह में दो पंडाें के अलावा अधिकतम चार श्रद्धालुओं को एक साथ प्रवेश की अनुमति दी जायेगी.

पूछने पर इन लोगों ने बताया कि जरूरत पड़ी, तो जागरूकता को लेकर अनाउंसमेंट भी करवाया जायेगा.मां मंगला गौरी मंदिर के गर्भ गृह में एक साथ दो भक्तों को मिलेगी प्रवेश की अनुमति मां मंगला गौरी मंदिर प्रबंधकारिणी समिति द्वारा मंगलवार को आयोजित बैठक में लिए गये निर्णय के अनुसार आठ जून से खुल रहे मंदिर के कपाट के बाद एक साथ केवल दो भक्तों को ही गर्भ ग्रह में प्रवेश की अनुमति मिलेगी. बैठक के दौरान जानकारी देते हुए मां मंगला गौरी प्रबंधकारिणी समिति के अध्यक्ष शंकर यादव ने बताया कि मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के पास थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था होगी.

श्रद्धालुओं के टेंपरेचर जांच के बाद ही मंदिर परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जायेगी. इसके बाद साफ सफाई व सैनिटाइज की व्यवस्था से भी श्रद्धालुओं को गुजारना पड़ेगा. सोशल डिस्टैंसिंग को मेंटेन रखने के उद्देश्य से गर्भ गृह के पास श्रद्धालुओं की कोई कतार नहीं लगायी जायेगी. मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के बाहर से ही एक साथ दो-दो श्रद्धालुओं को परिसर में आने की अनुमति दी जायेगी.

उन्होंने बताया कि जरूरत पड़ी तो पुलिस प्रशासन का भी सहयोग लिया जायेगा. हालांकि उन्होंने बताया कि आठ जून से पहले तक समिति के पदाधिकारियों व सदस्यों की लगातार बैठक आयोजित होगी. सुझावों के साथ नियमों में संशोधन भी किया जा सकता है. बैठक में इनके अलावा सचिव अमरनाथ गिरि, प्रमोद गिरि, राजीव रंजन, विपिन गिरि, बंटी सिंह सहित समिति के कई पदाधिकारी, सदस्य व श्रद्धालु मौजूद थे.

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