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Shubhangi Atre:मेरी शादी टूट रही थी और शूटिंग में कॉमेडी करना पड़ता था..

Updated at : 03 Apr 2025 5:45 PM (IST)
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shubhangi atre

shubhangi atre

अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने इस इंटरव्यू में 'भाबीजी घर पर हैं' के दस साल पूरे होने पर सीरियल के साथ -साथ अपनी निजी जिंदगी के उतार चढ़ाव पर भी बात की है.

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shubhangi atre :एंडटीवी पर प्रसारित होने वाले टेलीविजन के पॉपुलर शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ ने बीते दिनों एक और माइलस्टोन अपने नाम कर लिया है. इस शो ने टेलीविजन पर अपने दस साल पूरे कर लिए हैं. इस शो की अब तक की जर्नी पर अभिनेत्री शुभांगी अत्रे ने अपने अनुभवों को उर्मिला कोरी के साथ साझा किया. प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश.

‘भाबीजी घर पर हैं’की दस साल की इस जर्नी को किस तरह परिभाषित करेंगी ?

टीवी में दस साल पूरे करना यह एक बहुत बड़ी उपलब्धि है. इसमें कोई एक या दो लोग का हाथ नहीं है, बल्कि पूरी कास्ट एंड क्रू का है, जिसमें राइटर, प्रोड्यूसर, डायरेक्टर, एक्टर्स, क्रिएटिव्स, टेक्नीशियन सब कोई शामिल हैं. इतने साल बीत जाने के बावजूद उसी उत्साह के साथ काम करते हैं. पिछले पांच वर्षों में हर तरह से सिनारियो में बदलाव आया है. पहले लोग टीवी पर सास-बहू और रोना-धोना बहुत देखते थे. कोविड के बाद अब वह स्ट्रेस फ्री कंटेंट ज्यादा पसंद करते लगे. ये भी कहीं ना कहीं वजह है. भाबीजी की लोकप्रियता बढ़ती गयी, भले ही ओटीटी प्लेटफॉर्म्स आ गये. कॉमेडी की दुनिया में भी यह शो गेम चेंजर है. टीवी में लाउड और स्लैपस्टिक कॉमेडी ज्यादा होती आयी है, लेकिन भाबीजी में पॉज के साथ कॉमेडी को परोसा गया. पुरुष वर्ग ज्यादा भाबी जी की तरफ आकर्षित हुए. मुझे लगता है कि कई अच्छी चीजें एक साथ जुड़ती हैं, तो कोई चीज माइलस्टोन बनती है.

शिल्पा शिंदे को जब रिप्लेस कर रही थीं, उस वक्त जेहन में क्या चल रहा था. सुनने में आता है कि 80 अभिनेत्रियों का ऑडिशन हुआ था?

यह आंकड़ा आपको निर्माता ही बता पायेंगे. वैसे मुझे हमेशा ये बात लगती है कि किरदार एक्टर से बड़ा होता है.आज मैं हूं. अगर मैं किसी वजह से यह शो छोड़ती हूं और कोई भी दूसरा एक्टर इस शो को ईमानदारी से प्ले करेगा, तो लोग उसे पसंद करेंगे ही. क्योंकि, यह बहुत ही खूबसूरत किरदार है. टीवी में एक्टर्स को बहुत कम ऐसे किरदार करने को मिलते हैं, जिसमें इतनी विविधता हो. अंगूरी में सबकुछ है. मस्ती है, बौड़मपना है. इन्नोसेंस भी है. कई बार वह झगड़ने में भी पीछे नहीं रहती हैं. बड़ा ही मजेदार किरदार है. यही वजह है कि इतने साल बीत जाने के बावजूद मेरा शो से मन नहीं ऊबा है, जबकि मैं बहुत जल्दी बोर हो जाती हूं. मुझे हमेशा लगता है कि इसमें मैं ऐसा कर सकती हूं. जहां तक रिप्लेसमेंट की बात है, तो हां उस वक्त नर्वस थी, लेकिन जिम्मेदारी का भी एहसास था कि मुझे ये करना है और अच्छे से करना है. जब आप किसी चीज को शिद्दत के साथ करते हैं, तो लोग आपको पसंद करते ही हैं. मैंने किरदार से जुड़े नुएन्सेस को पकड़ा था, लेकिन मैंने किसी की कॉपी नहीं की. उसे अपने अंदाज में ही जिया.

अंगूरी भाभी की लोकप्रियता ने कितने खास फैन मोमेंट्स दिए हैं ?

मैंने बालाजी का शो किया है. राजश्री का भी, लेकिन इस शो से मुझे दर्शकों का बहुत प्यार मिला है. बहुत ही प्यारे-प्यारे फैन मोमेंट्स रहे हैं. एक बार कोलकाता से 12 क्लास में पढ़ने वाला बच्चा सेट पर आ गया था. वो दो-तीन दिन सेट के बाहर ही खड़ा था. फिर मेरे स्टाफ ने बताया तो मैंने उसे बुलाया. उसके मम्मी-पापा से भी बात की और कहा कि आपका बेटा जल्द ही कोलकाता वापस आ जायेगा. उनके मम्मी-पापा के लिए मैंने मिठाई भिजवाई थी. मैं अपनी कजिन की शादी में गयी थी. वहां होटल में एक महिला अपने पति और बच्चे के साथ मेरा छह घंटों से इंतजार कर रही थी. जब मैं उनसे मिली तो मैंने देखा वह पूरी तरह से अंगूरी भाभी की तरह तैयार थीं. उनके बच्चों ने बताया कि वह घर पर अंगूरी की तरह ही तैयार होकर रहती हैं.

‘भाबीजी घर पर हैं’ की इस जर्नी में क्या कभी शो मस्ट गो ऑन वाला मामला भी हुआ है ?

बहुत सारे हुए हैं. कई बार तबीयत खराब हुई है, लेकिन शूटिंग जारी रखना पड़ा है. एक बार मेरी आंखों में जबरदस्त इंफेक्शन हो गया था. मैंने सनग्लासेस लगाकर शूटिंग की थी. वैसे सबसे ज्यादा मुश्किल वक्त उस समय था, जब मैं अपनी निजी जिंदगी में उतार-चढ़ाव से गुजर रही थी. सभी को पता है कि हाल ही मेरे पति के साथ मेरा अलगाव हुआ है. वो वक्त मुश्किल भरे थे.आपकी शादी टूट रही है और आपको सेट पर आकर कॉमेडी करना होता था. उस वक्त खुद को बहुत फोर्स करना पड़ता था कि शूट करना ही है.वह बहुत ही मुश्किल वक्त था.

शूटिंग शेड्यूल क्या रहता है?

हफ्ते में एक दिन छुट्टी मिलती है. टेलीविजन है, तो 12 घंटे की शिफ्ट होती ही है, लेकिन दिक्कत होती है शूटिंग सेट पर पहुंचने में कई बार ट्रैफिक की वजह से तीन से चार घंटे चले जाते हैं. कुलमिलाकर दिन में आपको 16 घंटे देने पड़ते हैं. मैं बताना चाहूंगी कि मेरे किरदार के लुक को भी मैं ही डिजाइन करती हूं. साड़ी से लेकर ज्वेलरी तक सब कुछ मैं ही देखती हूं.

इस शो में कई आइकोनिक किरदार हैं. अंगूरी के अलावा आपका पसंदीदा किरदार कौन-सा है?

सक्सेना जी का किरदार मुझे बहुत पसंद है. खास बात ये है कि मैं एक एपिसोड में सक्सेनी भी बनी थी. मैंने उस एपिसोड को बहुत एन्जॉय किया था. मैंने ये बात कई बार सानंद को बोली है कि मुझे आपके किरदार से प्यार है.

‘भाबीजी घर पर हैं’पर अब फिल्म भी बन रही है?

इसके फिल्म अडॉप्टेशन की शूटिंग देहरादून में हो रही है. फिल्म की कास्ट क्रू में अधिकतर सीरियल के ही चेहरे नजर आयेंगे, लेकिन कुछ खास चेहरे भी जोड़े गये हैं. रवि किशन के साथ दिनेश लाल यादव निरहुआ जी भी इस फिल्म का हिस्सा होंगे. अभी तक की शूटिंग में सब कुछ अच्छा लग रहा है. उम्मीद है कि फिल्म भी सभी के लिए एक लाफ्टर राइड होगी.

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Urmila Kori

लेखक के बारे में

By Urmila Kori

I am an entertainment lifestyle journalist working for Prabhat Khabar for the last 14 years. Covering from live events to film press shows to taking interviews of celebrities and many more has been my forte. I am also doing a lot of feature-based stories on the industry on the basis of expert opinions from the insiders of the industry.

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