Grammy awards 2023: ईरानी सिंगर शर्विन हाजीपुर ने जीता ग्रैमी अवॉर्ड, इस वजह से मंडरा रहा जेल जाने का खतरा

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अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने रविवार रात घोषणा की कि हाजीपुर के ‘बराये’ गाने ने ‘न्यू सॉन्ग फॉर सोशल चेंज’ श्रेणी का ‘स्पेशल मेरिट ग्रैमी अवॉर्ड’ अपने नाम कर लिया है. सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक अंधेरे कमरे में बैठे हाजीपुर अवॉर्ड की घोषणा के बाद अपने आंसू पोंछते नजर आ रहे हैं.

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दुबई: ईरानी गायक शर्विन हाजीपुर को उनके गाने ‘बराये’ के लिए रविवार रात ‘न्यू सॉन्ग फॉर सोशल चेंज’ श्रेणी का ‘स्पेशल मेरिट ग्रैमी अवॉर्ड’ प्रदान किया गया. हाजीपुर का ‘बराये’ गीत ईरान में पुलिस हिरासत में एक महिला की मौत को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर इस्तेमाल किया जा रहा है. इस गाने के लिए हाजीपुर के सिर पर जेल जाने का खतरा भी मंडरा रहा है.

आंसू पोंछते दिखे शर्विन

अमेरिका की प्रथम महिला जिल बाइडन ने रविवार रात घोषणा की कि हाजीपुर के ‘बराये’ गाने ने ‘न्यू सॉन्ग फॉर सोशल चेंज’ श्रेणी का ‘स्पेशल मेरिट ग्रैमी अवॉर्ड’ अपने नाम कर लिया है. सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में एक अंधेरे कमरे में बैठे हाजीपुर अवॉर्ड की घोषणा के बाद अपने आंसू पोंछते नजर आ रहे हैं.


‘बराये’ का अर्थ ‘के लिए’ होता है

‘बराये’ का अर्थ ‘के लिए’ होता है. इस गाने के शुरुआती बोल हैं-“सड़कों पर झूमने-नाचने के लिए. चुंबन लेने के दौरान हम जो डर महसूस करते हैं, उसके लिए.” गाने का अंत हिरासत में महसा अमीनी की मौत को लेकर देश में सितंबर से जारी विरोध-प्रदर्शनों में बड़े पैमाने पर लगाए जा रहे नारे ‘महिलाओं, जीवन और आजादी के लिए’ के साथ होता है.

कई दिनोंतक पुलिस हिरासत में रहे

हाजीपुर (25) ने ‘बराये’ गाना अपने इंस्टाग्राम पेज पर जारी किया था, जो देखते-देखते ही वायरल हो गया था. इसके बाद, ईरान पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर कई दिनों तक हिरासत में रखा था. हाजीपुर को पिछले साल अक्टूबर में जमानत पर रिहा कर दिया गया था.

‘हिंसा भड़काने’ का लगा आरोप

ईरान में महीनों से हो रहे विरोध-प्रदर्शनों पर नजर रखने वाले संगठन ‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान’ ने बताया कि हाजीपुर पर ‘शासन के खिलाफ दुष्प्रचार करने’ और ‘हिंसा भड़काने’ के आरोप लगाए गए हैं. उन्हें ईरान से बाहर जाने से भी प्रतिबंधित कर दिया गया है.

अधिकार और आजादी देने की मांग की गई है

लॉस एंजिलिस में आयोजित ग्रैमी पुरस्कार समारोह में जिल बाइडन ने ‘बराये’ की तारीफ करते हुए कहा, “एक गाना दुनिया को एकजुट, प्रेरित और अंतत: बदल सकता है. यह महसा अमीनी मामले में विरोध का गीत बन गया है. इसमें बेहद शक्तिशाली और काव्यात्मक अंदाज में महिलाओं को उनके अधिकार और आजादी देने की मांग की गई है.”

“हम जीत गए”

जिल बाइडन की इस टिप्पणी के बाद पूरा समारोह स्थल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. वहीं, हाजीपुर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, “हम जीत गए.” हाजीपुर की जीत पर ईरान के सरकारी मीडिया या सरकारी अधिकारियों की तरफ से फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हजारों लोगों की मौत

‘ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स इन ईरान’ के मुताबिक, ईरान में हिरासत में महसा अमीनी की मौत को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शनों के दौरान 19,600 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. संगठन के अनुसार, प्राधिकारियों द्वारा विरोध को कुचलने की कोशिशों के दौरान कम से कम 527 लोग मारे जा चुके हैं.

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