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ASCI के जांच में भ्रामक निकले इन बड़ी कंपनियों के विज्ञापन, अमिताभ बच्‍चन, अक्षय, करीना पर लगा ये आरोप

Updated at : 29 May 2020 12:48 PM (IST)
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ASCI के जांच में भ्रामक निकले इन बड़ी कंपनियों के विज्ञापन, अमिताभ बच्‍चन, अक्षय, करीना पर लगा ये आरोप

ASCI- टीवी पर आने वाले विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करने वाली संस्था 'एडवरटाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया' ने बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन, ऋतिक रोशन, अक्षय कुमार, एक्ट्रेस करीना कपूर और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को संदिग्ध और भ्रामक दावों वाले विज्ञापन करने पर आलोचना की है. एएससीआई के अनुसार, ब्रांड ने जो विज्ञापन में दावा किया वो सही नहीं है.

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टीवी पर आने वाले विज्ञापनों की प्रमाणिकता की जांच करने वाली संस्था ‘एडवरटाइजिंग स्‍टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया’ (ASCI) ने बॉलीवुड एक्टर अमिताभ बच्चन, ऋतिक रोशन, अक्षय कुमार, एक्ट्रेस करीना कपूर और बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल को संदिग्ध और भ्रामक दावों वाले विज्ञापन करने पर आलोचना की है. एएससीआई के अनुसार, ब्रांड ने जो विज्ञापन में दावा किया वो सही नहीं है.

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एएससीआई ने कहा कि अमिताभ बच्चन ने स्टेप एप के विज्ञापन में नियम की अनदेखी की. विज्ञापन ने जो दावा किया वो सही नहीं है. अक्षय और करीना के लिए, उन दोनों ने एक फिल्म के सह-प्रचार के दौरान सबसे सफल आईवीएफ सेंटर होने का तथ्यहीन दावा किया. वहीं, एक्टर ऋतिक रोशन ने जॉली तुलसी 51 ड्रॉप्स का समर्थन किया था. ऐसा कहा गया था कि इससे बीमारियों से बचा जा सकता है, लेकिन ये दावा भी सहीं नहीं निकला. साइना नेहवाल ने रसना हनीवीटा के दावों का समर्थन किया था, जिसने हड्डियों को मजबूत करने मांसपेशियों के पुनर्विकास के दावा किया था. हालांकि ये भी सही साबित नहीं हुआ.

एएससीआई के मुताबिक, इन सितारों ने विज्ञापन करने से पहले ब्रांड के दावों की जांच नहीं की. एएससीआई ने कहा कि ब्रांड इसे साबित नहीं कर सके कि इन सेलिब्रिटी ने प्रोडक्ट का विज्ञापन करने के पहले उसके बारे में जांच-पड़ताल की.

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दरअसल, एडवरटाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने फरवरी 2020 में 279 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों की जांच की, जिनमें से विज्ञापनदाताओं द्वारा एएससीआई से बातचीत करने के बाद 101 विज्ञापन वापस ले लिए गए हैं. विज्ञापनदाताओं द्वारा एएससीआई से बातचीत करने के बाद 101 विज्ञापन वापस ले लिए गए हैं जिसके बाद ASCI की स्वतंत्र उपभोक्ता शिकायत परिषद (CCC) ने शेष 178 विज्ञापनों का मूल्यांकन किया, जिनमें से 171 विज्ञापनों के खिलाफ शिकायतों को बरकरार रखा गया था. इन 171 विज्ञापनों में से 77 शिक्षा क्षेत्र के थे, 59 स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के थे, छह अचल संपत्ति के, पांच वीज़ा / आप्रवास सेवाओं के, पांच व्यक्तिगत देखभाल के, चार खाद्य और पेय पदार्थ क्षेत्र के थे, और 15 ‘को दूसरों की श्रेणी में रखा गया.

Posted By: Divya Keshri

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Divya Keshri

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By Divya Keshri

मेरा नाम दिव्या केशरी है. मैं प्रभातखबर.कॉम में एंटरटेनमेंट लीड के तौर पर काम कर रही हूं. पिछले 5 साल से ज्यादा वक्त से मैं ग्लैमर और सिनेमा की दुनिया को कवर कर रही हूं. मेरा पूरा फोकस फिल्मों, टीवी सीरियल्स और OTT के ट्रेंडिंग अपडेट्स पर रहता है. मैं आपके लिए फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस और बॉक्स ऑफिस का पूरा हिसाब-किताब लेकर आती हूं. लिखते वक्त मेरी एक ही कोशिश रहती है- बात चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे बिल्कुल आसान और मजेदार तरीके से कहूं. ताकि आप खबर को सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि उससे कनेक्ट भी कर पाएं.

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