'आज के युवा ही कल का भारत बनाएंगे', 15 साल पहले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने दिया था ऐसा मैसेज, जिसे हर युवा को जरूर जानना चाहिए

अब्दुल कलाम, फोटो- इंस्टाग्राम
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: साल 2011 में रिलीज से पहले डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने 'आई एम कलाम' देखी थी. फिल्म उन्हें इतनी पसंद आई कि उन्होंने बच्चों, पढ़ाई और बड़े सपनों को लेकर ऐसा मैसेज दिया, जो 15 साल बाद भी उतना ही रिलेटेबल लगता है. अगर आप भी डॉ. कलाम को अपना आइडल मानते हैं, तो उनकी ये बातें आपको भी जरूर जाननी चाहिए.
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: बीते कुछ समय में NEET जैसे मुद्दों पर देशभर के युवाओं ने खुलकर अपनी आवाज उठाई. इससे साफ है कि आज की नई पीढ़ी अपने भविष्य और पढ़ाई को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक है. लेकिन क्या आपको पता है कि करीब 15 साल पहले ही डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम युवाओं के लिए एक ऐसा मैसेज दे चुके थे, जो आज भी उतना ही मायने रखता है? आज उनकी डेथ एनिवर्सरी पर जानते हैं वह किस्सा, जब साल 2011 में 'आई एम कलाम' फिल्म देखने के बाद उन्होंने बच्चों, पढ़ाई और बड़े सपनों को लेकर ऐसी बातें कही थीं, जिन्हें हर युवा और स्टूडेंट को एक बार जरूर जानना चाहिए.
APJ Abdul Kalam I Am Kalam Movie: रिलीज से पहले डॉ. कलाम ने देखी थी फिल्म
साल 2011 में 'आई एम कलाम' रिलीज होने वाली थी. यह फिल्म डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की सोच और उनके सपनों से प्रेरित थी. थिएटर्स में आने से पहले 29 जुलाई को इसकी एक स्पेशल स्क्रीनिंग दिल्ली स्थित डॉ. कलाम के घर पर रखी गई. फिल्म देखने के लिए निर्माता शांतनु मिश्रा, निर्देशक नीला माधब पांडा और बाल कलाकार हर्ष मायर व हुसैन साद भी वहां पहुंचे थे. फिल्म खत्म होने के बाद डॉ. कलाम इसे देखकर काफी खुश हुए. उन्होंने इसकी जमकर तारीफ की और बच्चों, पढ़ाई व बड़े सपनों को लेकर कुछ ऐसी बातें कहीं, जो आज भी लोगों के दिल को छू जाती हैं.
What Did APJ Abdul Kalam Say: फिल्म देखकर डॉ. कलाम ने क्या कहा था?
डॉ. कलाम ने कहा कि 'आई एम कलाम' सिर्फ एक फिल्म नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि एक इंसान भी दूसरे की जिंदगी बदल सकता है. उन्होंने कहा कि अगर भारत को आगे बढ़ाना है, तो अच्छी शिक्षा गांव-गांव तक पहुंचनी चाहिए. सिर्फ स्कूल खोल देना काफी नहीं है, बल्कि वहां ऐसे शिक्षक भी होने चाहिए जो बच्चों के अंदर बड़े सपने देखने का हौसला जगाएं.
APJ Abdul Kalam Childhood Story: अपने बचपन का किस्सा भी किया था शेयर
फिल्म देखने के बाद डॉ. कलाम ने अपने बचपन की एक याद भी सभी के साथ शेयर की. उन्होंने बताया कि जब वह करीब 10 साल के थे, तब उनके साइंस टीचर शिव सुब्रमण्यम अय्यर उन्हें समुद्र किनारे ले गए थे. वहां उन्होंने पक्षियों को उड़ते हुए दिखाया और समझाया कि वे कैसे उड़ते हैं. बस, यहीं से डॉ. कलाम के मन में उड़ान और अंतरिक्ष की दुनिया को करीब से जानने की इच्छा पैदा हुई.
इसके बाद उन्होंने फिजिक्स की पढ़ाई की, फिर एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की और आगे चलकर भारत के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि अगर उस दिन उनके शिक्षक उन्हें वह बात न समझाते, तो शायद उनका सपना कभी शुरू ही नहीं होता.
APJ Abdul Kalam Message For Children and Youth: बच्चों और युवाओं को दिया था खास मैसेज
डॉ. कलाम का मानना था कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसके बच्चे और युवा होते हैं. उन्होंने कहा कि अगर कोई बच्चा बड़ा सपना देखे, उसे पूरा करने के लिए मेहनत करे और नई चीजें सीखना कभी न छोड़े, तो उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता.
उन्होंने बच्चों और युवाओं से हमेशा पढ़ाई को सबसे ज्यादा महत्व देने की बात कही. साथ ही कहा कि मुश्किलें आएं तो हार मानने के बजाय उनसे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए. उनका मानना था कि आज के बच्चे और युवा ही कल का भारत बनाएंगे, इसलिए उन्हें सही शिक्षा, सही मार्गदर्शन और बड़े सपने देखने का मौका मिलना बहुत जरूरी है.
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By शीतल चौबे
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मूल रूप से बिहार के बक्सर की रहने वाली शीतल की शुरुआती पढ़ाई कानपुर (उत्तर प्रदेश) में हुई. इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, मध्य प्रदेश से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया.
उन्होंने अपने करियर की शुरुआत शब्द सांची से की, जहां उन्होंने एजुकेशन और एंटरटेनमेंट दोनों बीट्स पर काम किया. इसी दौरान उन्होंने कंटेंट राइटिंग के साथ वॉइस ओवर और Adobe Premiere Pro पर बेसिक वीडियो एडिटिंग का अनुभव भी हासिल किया.
करीब एक साल के अनुभव के बाद साल 2024 में वह प्रभात खबर डिजिटल से जुड़ीं. यहां वह रोजाना बॉक्स ऑफिस रिपोर्ट्स, बॉलीवुड, साउथ सिनेमा, भोजपुरी इंडस्ट्री, OTT और टीवी से जुड़ी खबरों पर काम कर रही हैं.
नई फिल्में, वेब सीरीज, एंटरटेनमेंट ट्रेंड्स और डिजिटल मीडिया की बदलती दुनिया को लगातार फॉलो करना शीतल को पसंद है. उनका फोकस ऐसी स्टोरीज लिखने पर रहता है जो तेज, भरोसेमंद, SEO-फ्रेंडली और रीडर्स के लिए पूरी तरह वैल्यू देने वाली हों.
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