B''Day Spl: एक थप्पड़ ने राज कपूर को बनाया क्लैपबाॅय से शोमैन, बॉलीवुड में की बोल्ड सीन फिल्माने की शुरुआत

Updated at : 13 Dec 2018 10:50 PM (IST)
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B''Day Spl: एक थप्पड़ ने राज कपूर को बनाया क्लैपबाॅय से शोमैन, बॉलीवुड में की बोल्ड सीन फिल्माने की शुरुआत

हिंदी सिनेमा के शोमैन कहेजानेवाले एक्टर-फिल्ममेकर राज कपूर की आज 94वीं जयंती है. 14 दिसंबर 1924 को अविभाजित भारत के पेशावर (अब पाकिस्तान) में जन्मे रणबीर राज कपूर ने लगभग 60 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है. इनमें उन्होंने कई फिल्मों में उन्होंने अभिनय के अलावा पर्दे के पीछे फिल्म मेकिंग की जिम्मेदारी […]

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हिंदी सिनेमा के शोमैन कहेजानेवाले एक्टर-फिल्ममेकर राज कपूर की आज 94वीं जयंती है. 14 दिसंबर 1924 को अविभाजित भारत के पेशावर (अब पाकिस्तान) में जन्मे रणबीर राज कपूर ने लगभग 60 से भी ज्यादा फिल्मों में काम किया है. इनमें उन्होंने कई फिल्मों में उन्होंने अभिनय के अलावा पर्दे के पीछे फिल्म मेकिंग की जिम्मेदारी भी निभायी.

बॉलीवुड के शोमैन राज कपूर का रूझान पढ़ाई की तरफ कम फिल्मों की ओर ज्यादा था. इसीलिए उन्होंने 10वीं पास किये बगैर ही पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी. पिता पृथ्वीराज कपूर का फिल्म और नाटक की दुनिया में बड़ा नाम था, लेकिन बेटे राज कपूर का फिल्मी दुनिया में प्रवेश आसान नहीं था.

पृथ्वीराज कपूर ने बेटे राज कपूर को यह सीख दे रखी थी कि अगर आसमान तक पहुंचना है, तो जमीन से शुरुआत करो. यही वजह थी कि राज कपूर ने निर्देशक केदार शर्मा की एक फिल्म में क्लैप बॉय का काम शुरू कर दिया.

इस दौरान उन्हें थप्पड़ तक खाना पड़ा. दरअसल, केदार शर्मा की फिल्म की शूटिंग चल ही रही थी. राज कपूर सीन के वक्त हीरो के इतने पास आ गये थे कि क्लैप देते ही हीरो की दाढ़ी क्लैप में फंस गयी थी, जिसके लिए उन्हें एक थप्पड़ खाना पड़ा था.

साल 1935 में उन्होंने फिल्म इकबाल में बाल कलाकार के तौर पर काम किया. इसके बाद उन्हें मधुबाला के साथ फिल्म नीलकमल में लीड रोल मिला. मालूम हो कि राज कपूर ने ही बॉलीवुड की फिल्मों में बोल्ड सीन फिल्माने की शुरुआत की थी. मेरा नाम जोकर, बॉबी और राम तेरी गंगा मैली जैसी फिल्मों में उन्होंने ऐसे सीन फिल्माये थे.

राज कपूर ने बॉलीवुड को कई यादगार फिल्में दीं. इनमें आवारा, मेरा नामजोकर, श्री 420, संगम, राम तेरी गंगामैली, जिस देश में गंगा बहती है, हिना,बरसात, बॉबी, प्रेम रोग, सत्यम शिवम सुंदरम, अनाड़ी, आग, तीसरी कसम, आह, धरम करम, जागते रहो, कल आज और कल, चोरी चोरी, बूट पॉलिश, नीलकमल, छलिया, दिल ही तो है, कन्हैया, अब्दुल्ला, बीवी ओ बीवी जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं.

नीली आंखोंवाले राज कपूर की मासूम अदाकारी, चार्ली चैपलिन से मिलती-जुलती स्‍टाइल, आंखों में आंसू और होठों पर मुस्‍कराहट वाली छवि ने लोगों को अपना दीवाना बना दिया था. यही वजह थी कि उनकी ख्याति देश ही नहीं, विदेशों तक भी पहुंची.

राज कपूर को अभिनय से लेकर निर्देशन तक के लिए कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं. ऐसे ही एक अवार्ड फंक्शन के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा. कई महीनों के बेड रेस्ट के बाद उन्होंने 2 जून 1988 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया.

राज कपूर को मिले ये प्रमुख पुरस्कार और सम्मान
1960 अनाड़ी के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार
1971 में पद्म भूषण से सम्मावित किया गया
1972 में मेरा नाम जोकर के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार
1986 में राम तेरी गंगा मैली के लिए फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ निर्दशक पुरस्कार
1987 में दादा साहब फाल्के पुरस्कार

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