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UP Politics: योगी सरकार की चुनावी सौगात, किसानों के लिए लाएगी 722 करोड़ की नयी योजना, मिलेंगे ये लाभ

यूपी विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार किसानों के लिए 722 करोड़ की नयी योजना लाने जा रही है. इसके जरिए किसानों को साधने की कोशिश की जाएगी.

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ.
सोशल मीडिया.

UP Assembly Election 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 (Uttar Pradesh Assembly Election 2022) से पहले योगी सरकार (Yogi Government) किसानों (Farmers) को बड़ी सौगात देने जा रही है. सरकार किसानों के लिए 722.85 करोड़ रुपये की आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना (Self-reliant Farmer Integrated Development Scheme) लाने जा रही है. इस योजना की मदद से अगले पांच वर्ष में किसानों को समूह में खेती कर आय बढ़ाने के लिए खेत से बाजार तक हर स्तर पर सुविधा व संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा.

चालू वित्त वर्ष में आत्मनिर्भर कृषक समन्वित विकास योजना के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव किया गया है. इस योजना के जरिए 5 साल में 2 हजार 725 कृषक उत्पादक संगठनों का गठन कर 27.25 लाख शेयर होल्डर किसानों को सीधे लाभान्वित करने की तैयारी है.

प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार की कृषि अवसंरचना निधि (एआईएफ) को आधार बनाते हुए नई योजना तैयार की है. इस निधि से राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (National Bank for Agriculture and Rural Development) यानी नाबार्ड करीब 9 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराता है. ऋण के लिए संबंधित संस्था को 10 प्रतिशत मार्जिन मनी लगानी होती है.

केंद्र सरकार दो करोड़ रुपये तक लिए गए ऋण पर 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान और क्रेडिट गारंटी देती है. वहीं, कृषि सहकारी समितियों को वह एक प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराती है. योगी सरकार इस योजना में कृषि सहकारी समितियों को मार्जिन मनी व एफपीओ, कृषि व्यवसायों से जुड़ी संस्थाओं को अपनी ओर से भी 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान देने की तैयारी कर रही है. इस तरह इन संस्थाओं को 3 प्रतिशत से भी कम ब्याज दर पर ऋण मिल सकेगा, जिससे ये संस्थाएं किसानों की लागत में कमी और आय को बढ़ाने का काम कर सकेंगी.

बता दें, यह योजना कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा और अपर मुख्य सचिव कृषि डॉ. देवेश चतुर्वेदी के निर्देशन में तैयार की गई है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस पर अपनी सहमति दे दी है. जल्द ही इसे कैबिनेट से मंजूर कराया जाएगा.

दरअसल, प्रदेश में खाद, बीज व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने वाली कृषि सहकारी समितियां (पैक्स) मार्जिन मनी न होने की वजह से एआईएफ की स्कीम का लाभ नहीं उठा पातीं. ऐसे में सरकार ने प्रदेश की 1500 पैक्स को 4-4 लाख रुपये मार्जिन मनी अपनी ओर से देने का प्रस्ताव तैयार किया है. प्रत्येक पैक्स को 20 लाख रुपये की परियोजना मंजूर होगी. पैक्स को 16 लाख एआईएफ से मिलेगा, जिसकी ब्याज दर एक प्रतिशत होगी. सभी पैक्स गोदाम बनाएंगे.

प्रदेश सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्ष तक प्रति वर्ष 625 एफपीओ का गठन करना है. केंद्र सरकार की संस्थाओं के अलावा यूपी डास्प, हार्टिकल्चर फेडरेशन, योग्य एफपीओ और स्वयं सेवी संस्थाएं इनके गठन का काम करेंगी. एफपीओ का गठन करने वाली कलस्टर बेस्ड बिजनेस आर्गनाइजेशन को 5 वर्ष तक प्रति वर्ष 5-5 लाख रुपये व नव गठित एफपीओ को 6-6 लाख रुपये तक तीन वर्ष तक देने की योजना बनाई गई है.

प्रदेश सरकार की प्रत्येक एफपीओ से औसत 1.5 करोड़ का निवेश कराने की योजना है. एफपीओ को फसल कटाई के बाद की अवसंरचना सुविधाओं के सृजन के लिए 3 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे एफपीओ से जुड़े 1000 किसान सीधे लाभ पा सकेंगे. हर साल सीधे 3 हजार रोजगार के अवसर सृजित होंगे.

इसके अलावा, प्रदेश सरकार ने कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 27 मंडियों में अनाज भंडारण व प्रबंधन के लिए 140 करोड़ की योजना तैयार की है. मंडी परिषद भी 3 प्रतिशत ब्याज दर पर एआईएफ से ऋण प्राप्त कर संसाधन बढ़ा सकेंगी.

Posted by : Achyut Kumar

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