Lok Sabha Election 2024 : अग्निवीर योजना लाकर पीएम मोदी ने युवाओं का भविष्य दांव पर लगा दिया, प्रियंका गांधी ने उत्तराखंड में कहा
Lok Sabha Election 2024 प्रियंका गांधी ने उत्तराखंड में एक चुनावी रैली को संबोधित किया और पीएम मोदी पर जमकर बरसीं.
Lok Sabha Election 2024 : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में सैनिकों की बात की, लेकिन मैं उनसे यह पूछना चाहती हूं कि अग्निवीर योजना कौन लेकर आया, जिसने युवाओं के सपने को चूर कर दिया. अग्निवीर योजना से पहले युवा यह सपना देखते थे कि वे अपने देश की सेवा करेंगे, लेकिन अग्निवीर योजना में सेवाकाल मात्र चार का कर दिया गया है, जिसकी वजह से युवा हतोत्साहित हैं. कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने उत्तराखंड के रामनगर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी पर निशाना साधा.
बीजेपी आरोप लगाना बंद करे, 10 साल से उनकी सरकार है
प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी कब तक कांग्रेस पर आरोप लगाएगी, पिछले 10 सालों से सत्ता में बीजेपी है, फिर जो कुछ देश में हो रहा है उसके लिए बीजेपी सरकार दोषी है, लेकिन मोदी जी हमेशा कांग्रेस पर आरोप लगाते हैं. वे इस बार चार सौ पार का नारा दे रहे हैं, वे हमेशा यह कहते हैं कि पिछले 75 साल में देश में कुछ भी नहीं किया गया. मैं उनसे पूछना चाहती हूं कि अगर कांग्रेस ने कुछ नहीं किया था, तो उत्तराखंड इतना विकसित कैसे? देश में इतने सारे आईआईटी, आईआईएम और एम्स कैसे बने हैं. चंद्रयान मिशन सफल हुआ तो उसमें पंडित नेहरू का योगदान कम नहीं है, उन्होंने इतना रिसर्च कराया, जिसका परिणाम सामने है.
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By Rajneesh Anand
रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है.पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों का अनुभव रखती हैं. झारखंड की राजधानी रांची में रहने वाली रजनीश ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की और वर्ष 2000-01 में पत्रकारिता की शुरुआत की. इन्होंने पहली नौकरी झारखंड जागरण दैनिक अखबार में की. उसके बाद इन्होंने प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस तथा दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य संस्करणों में काम करने के बाद वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं. रजनीश आनंद की पहचान तथ्यपरक रिपोर्टिंग, गहन शोध और विश्लेषणात्मक लेखन के लिए है. उनकी रुचि राजनीति, सामाजिक सरोकारों, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों में रही है। उन्होंने हमेशा उन मुद्दों को प्राथमिकता दी है जो समाज के हाशिये पर खड़े लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की चर्चा में अपेक्षाकृत कम स्थान पाते हैं. वे कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर विस्तृत अध्ययन और रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान उन्होंने महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर कार्य किया. इसके अतिरिक्त सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत उन्होंने बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की. आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है. हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों, रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण प्रश्न उठाए हैं. उनका मानना है कि ऊर्जा परिवर्तन की प्रक्रिया तभी सफल होगी जब उसमें प्रभावित समुदायों की भागीदारी और हितों को केंद्र में रखा जाए.पत्रकारिता उनके लिए केवल एक पेशा नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का माध्यम है. जमीनी रिपोर्टिंग, तथ्यों की पड़ताल और जनसरोकारों को केंद्र में रखकर लिखना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है. इसके अतिरिक्त रजनीश आनंद कहानियां और कविताएं लिखने का शौक भी रखती है.
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