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सच कहूं, 3 बार के बाद टूटने लगी थी हिम्मत, 5वें प्रयास में अंबाला की बेटी बनी NET टॉपर

Updated at : 11 Feb 2026 12:53 PM (IST)
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UGC NET Topper Diksha Makkar

UGC NET Topper Diksha Makkar (PC-Freepik)

UGC NET Topper: अंबाला की दीक्षा मक्कड़ ने अपने पांचवें प्रयास में UGC NET में सफलता पाई. उन्होंने बताया कि उनका सफर कितनी मुश्किलों से भरा रहा. लेकिन माता पिता और शिक्षकों के स्पोर्ट से सब आसान हो गया. दीक्षा ने अन्य अस्पिरेंट के लिए सजेस्ट किया कि प्राथमिकता को समझें और उस पर काम करें.

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UGC NET Topper: कड़ी मेहनत और लंबे स्ट्रगल के बाद जीत का स्वाद चखना क्या होता है कोई हरियाणा की बेटी दीक्षा मक्कड़ से पूछे. तीन साल की लगातार मेहनत, चार बार असफलता और फिर पांचवें प्रयास में रचा इतिहास. पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ में लोक प्रशासन विभाग की पीएचडी रिसर्च स्कॉलर दीक्षा का यह सफर स्ट्रगल और मेहनत से भरा रहा है. हर असफल प्रयास के बाद उन्होंने खुद को और बेहतर किया. आज उनकी सफलता उन लाखों स्टूडेंट्स के लिए इंस्पीरेशन है जो बार-बार कोशिश करने के बावजूद निराश हो जाते हैं.

सुपरवाइजर के कहने पर दिया आखिरी अटेंप्ट 

दीक्षा बताती हैं कि UGC NET की तैयारी का सफर आसान नहीं था. पहला अटेंप्ट देने के बाद उन्हें पेपर पैटर्न और परीक्षा की गंभीरता का अंदाजा हुआ. दूसरे प्रयास में प्रदर्शन बेहतर रहा, लेकिन तीसरे प्रयास के बाद निराशा घेरने लगी. चौथे प्रयास के बाद तो उन्होंने लगभग हार मान ली थी. मगर उनके सुपरवाइजर ने उन्हें दोबारा कोशिश करने के लिए प्रेरित किया. उनकी बातों से मोटिवेट होकर दीक्षा ने फिर से तैयारी शुरू की और आखिरकार पांचवें अटेंप्ट में AIR 1 हासिल कर ली.

टीचर्स और माता-पिता का अहम योगदान

दीक्षा अपनी सफलता का क्रेडिट अपने टीचर्स, मेंटर, सुपरवाइजर और माता-पिता को देती हैं. परिवार के स्पोर्ट के बिना तो ये संभव ही नहीं था. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने ऑनलाइन कोचिंग के जरिए अपनी तैयारी को मजबूत किया. लगातार मॉक टेस्ट और रिविजन ने भी दीक्षा को रैंक 1 हासिल करने में बहुत मदद की. 

UGC NET Topper का क्या है फ्यूचर गोल?

UGC NET पास करने के बाद दीक्षा का अगला गोल असिस्टेंट प्रोफेसर बनना है. उनका झुकाव रिसर्च, अकैडमिक और टीचिंग की ओर है. हालांकि, वे सिविल सेवा में भी इंटरेस्टेड हैं तो ऐसे में इसकी भी तैयारी करना चाहती हैं. 

दीक्षा ने दिया सक्सेस मंत्र 

दीक्षा का मानना है कि सफलता के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म गोल्स बनाना बेहद जरूरी है. उन्होंने अपनी तैयारी को छोटे-छोटे टारगेट्स में बांटा और हर दिन तय समय पर पढ़ाई की. इससे उन्हें फोकस बनाए रखने में मदद मिली. उन्होंने कहा कि जो सेकेंडरी गोल्स हैं तैयारी के दौरान उन पर फोकस न करें. 

यह भी पढ़ें- राजस्थान की बेटी ने रचा इतिहास! UGC NET में रैंक 2 लाकर हासिल किया JRF 

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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