IIT बॉम्बे से UPSC तक, पहले प्रयास में श्रेयांश ने हासिल की AIR 194

Published by : Smita Dey Updated At : 20 May 2026 3:44 PM

विज्ञापन

श्रेयांश बड़ोदिया UPSC टॉपर (Social Media)

Shreyansh Barodiya AIR 194: MP के श्रेयांश बरोदिया ने यूपीएससी जैसे देश की सबसे कठिन परीक्षा में AIR 194 हासिल किया है. उन्होंने आईआईटी बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएशन पूरा किया है.

विज्ञापन

Shreyansh Barodiya AIR 194: अक्सर लोग एक अच्छी-खासी और लाखों के पैकेज वाली नौकरी का सपना देखते हैं. लेकिन कुछ लोग ऐसे होते हैं जो देश सेवा के लिए एक नया रास्ता चुनते हैं. ऐसी ही एक कहानी है श्रेयांश बरोदिया की. मध्य प्रदेश के रहने वाले श्रेयांश ने यूपीएससी 2025 में अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 194 हासिल कर ली. श्रेयांश ने सितंबर 2024 में अपनी तैयारी शुरू की थी और मई 2025 में अपना पहला प्रीलिम्स दिया था. आइए श्रेयांश की यूपीएससी की जर्नी को करीब से जानते हैं. 

Shreyansh Barodiya AIR 194: कहां के रहने वाले हैं श्रेयांश बड़ोदिया? 

श्रेयांश बड़ोदिया मूल रूप से मध्य प्रदेश के हरदा (नर्मदापुरम) जिले के रहने वाले हैं. उनके पिता मध्यप्रदेश सरकार में फाइनेंस के जॉइंट डायरेक्टर पद से रिटायर हुए हैं और उनकी मां एक हाउसवाइफ हैं. श्रेयांश के बड़े भाई IIT भुवनेश्वर से सिविल इंजीनियर हैं और फिलहाल डेलॉइट में कंसलटेंट हैं. पिता के बार-बार होने वाले ट्रांसफर की वजह से श्रेयांश ने मध्यप्रदेश के कई छोटे शहरों में पढ़ाई की. इस बदलाव ने उन्हें हर माहौल में ढलना सिखाया, जो आगे चलकर यूपीएससी के बड़े सिलेबस को समझने में बहुत मददगार साबित हुआ.

नौकरी छोड़ी और अपनाया एक सीधा फॉर्मूला

IIT बॉम्बे से कंप्यूटर साइंस में ग्रेजुएट (2018) में होने के बाद श्रेयांश ने कॉर्पोरेट सेक्टर में तेजी से तरक्की की. लेकिन 6 साल बाद उन्होंने एक बड़े विजन के साथ इसे छोड़ने का फैसला किया. चूंकि उनका ह्यूमैनिटीज का कोई बैकग्राउंड नहीं था, इसलिए उन्होंने अपनी कमजोरी को समझा और उसे दूर करने में जुट गए. उनके पास समय बहुत कम था, इसलिए उन्होंने स्मार्ट वर्क का रास्ता चुना. उनका मानना था कि पहले बेस मजबूत करना जरूरी है.

उन्होंने इकोनॉमी, जियोग्राफी और एनवायरनमेंट जैसे बुनियादी विषयों को पहले खत्म किया. इसके बाद उन्होंने प्रीलिम्स के ढेरों टेस्ट सॉल्व किए और साथ-साथ मेंस के जरूरी विषयों जैसे इंटरनेशनल रिलेशंस, इंटरनल सिक्योरिटी और सोसाइटी की तैयारी भी पैरेलल शुरू कर दी.

ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में मैथ्स को क्यों चुना?

UPSC में कंप्यूटर साइंस का ऑप्शन नहीं होने के कारण श्रेयांश ने मैथमेटिक्स को अपना ऑप्शनल सब्जेक्ट चुना. श्रेयांश का कहना है कि जब वे जनरल स्टडीज (GS) पढ़कर थक जाते थे, तो दिमाग को शांत करने या थोड़ा ब्रेक देने के लिए मैथ्स के सवाल हल करने लगते थे. इससे उनका मानसिक संतुलन बना रहता था.

Shreyansh Barodiya AIR 194: कम समय में श्रेयांश ने मेंस की तैयारी

समय की कमी के कारण श्रेयांश प्रीलिम्स से पहले आंसर राइटिंग का ज्यादा प्रैक्टिस नहीं कर पाए थे. इसलिए उन्होंने प्रीलिम्स और मेंस के बीच मिलने वाले कीमती समय का पूरा फायदा उठाया और दिन-रात एक करके आंसर राइटिंग को मजबूत किया.

इंटरव्यू के लिए ChatGPT का किया यूज

इंटरव्यू यानी पर्सनालिटी टेस्ट के लिए श्रेयांश ने बहुत ही अलग और मॉडर्न तरीका अपनाया. श्रेयांश ने चैटजीपीटी (ChatGPT) जैसे एआई टूल का भी बहुत यूज किया. वे AI से अलग-अलग तरह के सवाल बनवाते थे ताकि यह समझ सकें कि एक बातचीत कितने तरीकों से आगे बढ़ सकती है.

यह भी पढ़ें: सरकारी स्कूल से पढ़ाई करके टॉप कॉलेज में एडमिशन, किसान के बेटे ने UPSC में गाड़ा झंडा

विज्ञापन
Smita Dey

लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola