GER 2025-26: 12 साल में 7.7% बढ़ा GER, कक्षा 9-10 में 81.5% हुआ एनरोलमेंट रेशियो

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पढ़ाई करते हुए स्टूडेंट्स की AI जनरेटेड फोटो

Secondary Education GER 2025-26: माध्यमिक शिक्षा में छात्रों की पहुंच बढ़ी है. कक्षा 9-10 का GER 2013-14 के 73.8% से बढ़कर 2025-26 में 81.5% हो गया. पिछले 12 वर्षों में GER में 7.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी हुई है. जानें इसका क्या मतलब है और शिक्षा व्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ा है.

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Secondary Education GER 2025-26: माध्यमिक लेवल की शिक्षा में छात्रों की पहुंच लगातार बढ़ रही है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने X पर एक रिपोर्ट जारी करते हुए यह जानकारी दी है. जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 12 वर्षों में GER में 7.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. आइए इस बारे में डिटेल में जानते हैं.

GER 2025-26: जानिए कितनी हुई बढ़ोतरी

X पर जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-10) का Gross Enrolment Ratio (GER) 2013-14 में 73.8% था. हालांकि यह रेशियो 2025-26 में बढ़कर 81.5% हो गया है. यानी 12 वर्षों में GER में 7.7 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. यह आंकड़ा बताता है कि पहले की तुलना में अधिक छात्र माध्यमिक शिक्षा से जुड़ रहे हैं और उनके लिए आगे पढ़ाई के अवसर बढ़ रहे हैं.

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What is GER? क्या है GER

Gross Enrolment Ratio (GER) किसी निर्धारित शिक्षा स्तर पर एनरोल कैंडिडेट्स की संख्या को उस स्तर की आधिकारिक आयु-समूह वाली आबादी के प्रतिशत के रूप में दर्शाता है. यह शिक्षा तक पहुंच और एनरोल की स्थिति को समझने का एक महत्वपूर्ण इंडिकेटर है.

Change in Education System: शिक्षा क्षेत्र में आया बदलाव

माध्यमिक लेवल पर GER में यह बढ़ोतरी स्कूली शिक्षा तक पहुंच में सुधार का संकेत है. इससे यह पता चलता है कि पिछले कुछ सालों में पढ़ाई को लेकर जागरूकता बढ़ी है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन ने जो रिपोर्ट जारी किया है उससे यह पता चलता है कि पिछले 12 सालाें में हुई यह बढ़ोतरी काफी पाॅजिटिव है.

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Which challenges still need attention? जानिए इसके बारे में

GER में बढ़ोतरी निश्चित रूप से सकारात्मक संकेत है, लेकिन केवल स्कूल में एनरोमेंट बढ़ना ही पर्याप्त नहीं है. छात्रों की नियमित उपस्थिति, पढ़ाई की गुणवत्ता, सीखने का स्तर, स्कूल छोड़ने की दर और माध्यमिक शिक्षा के बाद छात्रों की कंटीन्यूटी पर भी ध्यान देना जरूरी है.

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प्रगति सिन्हा

लेखक के बारे में

By प्रगति सिन्हा

मैं प्रगति सिन्हा पिछले लगभग 3 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ी हूं। मुझे मुख्य रूप से शिक्षा से जुड़ी खबरों और उसमे हो रहे बदलावों व अपग्रेडेशन को समझना एवं उसे लोगों तक पहुंचाना पसंद है। प्रभात खबर डिजिटल के माध्यम से मेरा प्रयास रहता है कि शिक्षा जगत में हो रहे महत्वपूर्ण घटनाक्रम, विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे और नई योजनाओं की जानकारी रीडर्स तक पहुंचा सकूं। मैं इससे पहले कोलकाता स्थित सन्मार्ग हिंदी डेली में एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर काम कर चुकी हूं.

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