बिहार बोर्ड में Grace Marks कैसे मिलते हैं? जानें पूरा फॉर्मूला

Updated at : 16 Mar 2026 4:08 PM (IST)
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Bihar Board Grace marks

स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (Freepik)

Bihar Board Grace marks: बिहार बोर्ड में ग्रेस मार्क्स उन स्टूडेंट्स के लिए बड़ा मौका होता है, जो कुछ मार्क्स के लिए पास होने से चूक जाते हैं. ग्रेस मार्क्स के लिए स्टूडेंट्स को अलग से किसी भी तरह का अप्लाई नहीं करना पड़ता है.

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Bihar Board Grace marks: बिहार बोर्ड की एग्जाम में हर साल लाखों स्टूडेंट शामिल होते हैं. कई बार ऐसा होता है कि स्टूडेंट्स बहुत कम मार्क्स से पास होने से रह जाते हैं. ऐसे छात्रों को राहत देने के लिए बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) ग्रेस मार्क्स की फैसिलिटी देती है. यह एक्स्ट्रा मार्क्स उन कैंडिडेट्स को दिए जाते हैं, जो थोड़े मार्क्स से फेल हो जाते हैं, ताकि उनका एक साल खराब न हो. आइए जानते हैं कि बिहार बोर्ड में ग्रेस मार्क्स (Bihar Board Grace marks) और इसके नियम क्या हैं. 

Bihar Board Grace marks: बिहार बोर्ड में ग्रेस मार्क्स क्या होते हैं?

ग्रेस मार्क्स वह एक्स्ट्रा मार्क्स होता है, जो बोर्ड की ओर से स्टूडेंट्स को पास कराने के लिए दिए जाते हैं. जब कोई स्टूडेंट एक या दो सब्जेक्ट में बहुत कम मार्क्स से फेल होता है, तो बोर्ड उसकी कॉपी और कुल अंक देखकर कुछ एक्स्ट्रा मार्क्स दे सकता है. 

किन स्थितियों में मिलते हैं Grace Marks?

1. पासिंग मार्क्स से थोड़ा कम होने पर: अगर स्टूडेंट्स के किसी सब्जेक्ट में पास होने के लिए 1 से 5 मार्क्स कम होते हैं, तो बोर्ड ग्रेस मार्क्स देकर उसे पास कर सकता है. 

2. एक या दो सब्जेक्ट में फेल होने पर: अगर छात्र और सब्जेक्ट में अच्छे मार्क्स लाया है लेकिन सिर्फ एक या दो विषय में थोड़े मार्क्स से फेल हो गया है, तो बोर्ड उसे ग्रेस मार्क्स दे सकता है.

3. कुल रिजल्ट बेहतर होने पर: किसी स्टूडेंट्स का परफॉर्मेंस अच्छा है लेकिन सब्जेक्ट की वजह से रिजल्ट खराब हो रहा है, तो बोर्ड ग्रेस मार्क्स देने पर विचार करता है. 

कितने Grace Marks मिल सकते हैं?

आमतौर पर बिहार बोर्ड 1 से 8 अंक तक ग्रेस मार्क्स दे सकता है. हालांकि यह पूरी तरह बोर्ड के नियम और रिजल्ट की स्थिति पर निर्भर करता है.

क्या ग्रेस मार्क्स के लिए अप्लाई करना पड़ता है?

ग्रेस मार्क्स (Bihar Board Grace marks) के लिए स्टूडेंट्स को अलग से किसी भी तरह की अप्लाई करनी की जरूरत नहीं होती है. जब बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड रिजल्ट तैयार करता है, उसी दौरान जरूरत पड़ने पर ग्रेस मार्क्स जोड़ दिए जाते हैं. 

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Smita Dey

लेखक के बारे में

By Smita Dey

स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.

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