स्टाइपेंड छिपाया तो लगेगा जुर्माना, NMC ने किया 7 मेडिकल कॉलेज को अलर्ट 

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सांकेतिक तस्वीर (PC-फ्रीपिक)

NMC Warns Medical College: सभी मेडिकल कॉलेजों को अब अपने MBBS इंटर्न्स की पूरी जानकारी NMC के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी. ऐसा नहीं करने वाले कॉलेज पर सख्त कार्रवाई होगी.

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NMC Warns Medical College: नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने 7 मेडिकल कॉलेज को कहा कि MBBS इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टरों को दिए जाने वाले स्टाइपेंड की जानकारी NMC पोर्टल पर अपलोड करें. ऐसा नहीं करने वाले कॉलेज पर NMC 1 करोड़ तक का जुर्माना लगा सकता है. आयोग ने कहा कि पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऐसी जानकारी जल्द-से-जल्द अपलोड की जानी चाहिए.

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सभी 7 कॉलेज पर लगाया जाएगा दंड

आधिकारिक नोटिस में कहा गया है कि पहले दिए गए निर्देशों के बावजूद कुछ मेडिकल कॉलेजों ने अब तक NMC की वेबसाइट पर स्टाइपेंड से जुड़ा जरूरी डेटा अपलोड नहीं किया है. इसलिए नियामक संस्था ने सभी मेडिकल कॉलेजों को तय समय सीमा के भीतर यह जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है. अगर संस्थान ऐसा करने में विफल रहते हैं तो मेडिकल शिक्षा से जुड़े नियमों के तहत उन पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है.

स्टाइपेंड की जानकारी NMC की वेबसाइट पर अपलोड करें

नोटिस के अनुसार मेडिकल कॉलेजों को MBBS इंटर्न का विवरण देना होगा. यह जानकारी एनएमसी के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपलोड की जानी चाहिए और इसे सार्वजनिक रूप से भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि स्टूडेंट और संबंधित अधिकारी इसे आसानी से देख सकें.

मेडिकल स्टूडेंट के लिए इंटर्नशिप बहुत जरूरी है

NMC के अनुसार, मेडिकल इंटर्नशिप MBBS कोर्स का एक अनिवार्य हिस्सा है. इस दौरान ग्रेजुएट छात्रों को अस्पतालों में क्लिनिकल ट्रेनिंग करनी होती है, जिसके बाद ही उन्हें फाइनल रजिस्ट्रेशन मिलता है. इस ट्रेनिंग पीरियड में इंटर्न को तय दिशा-निर्देशों के अनुसार स्टाइपेंड भी दिया जाता है.

इसके अलावा आयोग ने यह भी बताया कि पोस्टग्रेजुएट मेडिकल स्टूडेंट, जो रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में काम करते हैं, उन्हें भी मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध शिक्षण अस्पतालों में ट्रेनिंग के दौरान स्टाइपेंड मिलता है.

स्टाइपेंड डेटा जमा नहीं करने वाले मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट

नीचे उन मेडिकल कॉलेजों की लिस्ट दी गई है, जिन्होंने अब तक एनएमसी पोर्टल पर स्टाइपेंड से जुड़ी जानकारी अपलोड नहीं की है.

आकाश इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर, देवनहल्ली, बेंगलुरु
राज्य: कर्नाटक
संबद्ध विश्वविद्यालय: राजीव गांधी यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज
टाइप : ट्रस्ट (निजी)

दुमका मेडिकल कॉलेज, डिगी, दुमका
राज्य: झारखंड
संबद्ध विश्वविद्यालय: सिदो-कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी
टाइप : सरकारी

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, बाड़मेर
राज्य: राजस्थान
संबद्ध विश्वविद्यालय: राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज
टाइप : सरकारी

गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, ओंगोल
(पहले राजीव गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ओंगोल के नाम से जाना जाता था)
राज्य: आंध्र प्रदेश
संबद्ध विश्वविद्यालय: डॉ. वाईएसआर यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज
टाइप : सरकारी

आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, जाटखेड़ी, भोपाल
राज्य: मध्य प्रदेश
संबद्ध विश्वविद्यालय: बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी
टाइप : सोसाइटी (निजी)

प्रसाद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ
राज्य: उत्तर प्रदेश
संबद्ध विश्वविद्यालय: डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी, फैजाबाद
टाइप : ट्रस्ट (निजी)

पंडित बी. डी. शर्मा पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, रोहतक
राज्य: हरियाणा
संबद्ध विश्वविद्यालय: पंडित बी. डी. शर्मा यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज, रोहतक
टाइप : सरकारी

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शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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