Why are Chips Packet Filled with Air: चिप्स पैकेट की ‘हवा’ असल में होती है साइंस! जानें क्यों जरूरी है ये ट्रिक

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Why are Chips Packet Filled with Air

चिप्स के पैकेट में हवा

Why are Chips Packet Filled with Air: चिप्स खाते वक्त आपके भी मन में ये ख्याल आता होगा कि चिप्स के पैकेट में हवा क्यों भरी होती है. बहुत से लोग इससे परेशान तो होते हैं लेकिन उन्हें इसका जवाब नहीं पता होता है. आइए, आज जानते हैं कि चिप्स के पैकेट में हवा क्यों भरी होती है.

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Why are Chips Packet Filled with Air: भारत में अक्सर लोग चिप्स का पैकेट खोलते ही शिकायत करने लगते हैं कि इसमें आधा हिस्सा तो “हवा” से भरा है. खासकर जब बच्चे बड़े चाव से चिप्स का पैकेट खरीदते हैं और उसमें आधी-से-अधिक जब हवा निकलती है तो वे काफी परेशान होते  हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर ऐसा क्यों होता है. आज एमेजिंग फैक्ट्स में इस सवाल का जवाब जानेंगे. 

चिप्स के पैकेट में हवा (Chips Packet Air) यूं ही नहीं होती. इसके पीछे साइंस का कारण है.  यह हवा कोई साधारण हवा नहीं. आइए, समझते हैं चिप्स इंडस्ट्री द्वारा चिप्स के पैकेट में हवा क्यों डाली जाती है और इसके पीछे क्या कारण है. 

Why are Chips Packet Filled with Air: चिप्स के पैकेट में हवा के पीछे का साइंस 

चिप्स के पैकेट में जो हवा भरी होती है वो एक साइंटिफिक टेक्निक का हिस्सा होती है. इसे फूड इंडस्ट्री में “स्लैक फिलिंग” कहा जाता है. दरअसल, चिप्स को सुरक्षित रखने और इसकी क्वालिटी ज्यादा दिन बनाए रखने के लिए चिप्स के पैकेट (Chips Packet) में हवा भरी होती है. 

Why are Chips Packet filled with Nitrogen: चिप्स के पैकेट में कौन सी गैस भरी जाती है?  

चिप्स के पैकेट में कोई आम हवा नहीं होती है. इसमें नाइट्रोजन गैस (Nitrogen Gas) होती है. नाइट्रोजन एक निष्क्रिय (inert) गैस है, जो खाने के साथ किसी भी तरह की रासायनिक प्रतिक्रिया नहीं करती.  यही वजह है कि चिप्स लंबे समय तक फ्रेश और सेफ रहता है. साथ ही नाइट्रोजन नमी को अंदर आने से रोकती है, जिससे चिप्स का फ्लेवर वही रहता है जो फैक्ट्री में पैकिंग के दौरान था.

Amazing Facts: नहीं जानते होंगे ये मजेदार बात 

अब आप सोच रहे होंगे कि बड़े से चिप्स के पैकेट में चिप्स कम और हवा इतनी ज्यादा क्यों होती है तो बता दें चिप्स बहुत हल्के और नाजुक होते हैं. अगर पैकेट पूरी तरह से चिप्स से भर दिया जाए तो ट्रांसपोर्ट के वक्त झटकों और मूवमेंट से चिप्स खराब हो सकते हैं. लेकिन नाइट्रोजन गैस इन चिप्स को बचाता है. इसे एक क्वालिटी कंट्रोल स्ट्रैटेजी भी मानी जाती है. 

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शाम्भवी शिवानी

लेखक के बारे में

By शाम्भवी शिवानी

शाम्भवी शिक्षा, रोजगार, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी पर खास नजर रखती हैं. उन्होंने प्रभात खबर के लिए कई UPSC और BPSC टॉपर्स के इंटरव्यू लिए हैं. साथ ही इस प्लेटफॉर्म के लिए AI एजुकेशन और करियर गाइडेंस पर एक्सपर्ट ओपनियन भी बनाती हैं. उनकी खासियत है कि वो डाटा रिलेटेड खबरों और फैक्ट्स को आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाती हैं. शाम्भवी को डिजिटल मीडिया में 3 सालों से अधिक का अनुभव है. प्रभात खबर से पहले वे राजस्थान पत्रिका और पटना स्थित न्यूज़ हाट में भी काम कर चुकी हैं. 

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