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बॉस बनना नहीं है Gen Z को पसंद, जानिए आज के युवा क्यों ठुकरा रहे हैं मैनेजमेंट रोल्स

Updated at : 04 Nov 2025 12:08 PM (IST)
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Gen Z

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Gen Z: Gen Z मैनेजर नहीं बनना चाहते हैं. वे इस तरह के रोल्स (Roles) से भागते हैं. Gen Z स्ट्रेस (Stress) नहीं चाहते हैं. ऐसे में वे इस तरह का काम चाहते हैं, जिसमें मैनेजमेंट रोल शामिल न हो. एक रिसर्च में ऐसी बातें कही गई हैं. आइए, जानते हैं.

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Gen Z से काम कराना बहुत ही मुश्किल है क्योंकि ये ‘ना’ कहना जानते हैं और अपने च्वॉइस को सबसे आगे रखते हैं. वहीं अब एक रिसर्च बताता है कि जनरेशन Z लीडर की जिम्मेदारियों को लेना नहीं पसंद करते हैं. टीम में अपने से ज्यादा उम्र के लोगों से डील करने में दिक्कतों का सामना करने के कारण Gen Z मैनेजमेंट का रोल नहीं लेना चाहते हैं. वहीं स्ट्रेस भी एक बड़ा कारण है. 

Gen Z मैनेजर नहीं बनना चाहते हैं 

एक रिसर्च (Latest Research on Gen Z) के अनुसार, 52 प्रतिशत Gen Z मिडिल मैनेजमेंट रोल्स नहीं लेना चाहते हैं. दरअसल, एक रिक्रूटमेंट फर्म Robert Walters द्वारा प्रकाशित आर्टिकल के अनुसार, आज के समय के यूथ प्रोफेशनली लीडरशिप के रोल और पोजिशन को नहीं लेना चाहते हैं. आधे से अधिक Gen Z प्रोफेनशल वर्कर मैनेजर और लीडरशिप का काम नहीं करना चाहते हैं. वे ऐसा काम चाहते हैं जिसमें कम तनाव हो. 

Happiness है जरूरी

Gen Z के लिए सफलता का मतलब “हैप्पीनेस, फ्रीडम और पैशन” है. जहां पहले की पीढ़ियां सफलता को प्रमोशन और ऊंचे पद से जोड़ती थीं. वहीं Gen Z अपनी तरह से बढ़ना चाहती है. उनके लिए “मैनेजर बनना” अब प्रेरणादायक नहीं बल्कि सीमित महसूस होता है. उनके लिए असली सफलता का मतलब है खुश रहना.

भारत में मैनेजर होना मतलब 24 घंटे की ड्यूटी

भारत में मैनेजर से उम्मीद की जाती है कि वे किसी भी समय कॉल या मैसेज का जवाब दें. ये बात Gen Z को नहीं पसंद है. वे वर्क लाइफ बैलेंस (Work Life Balance) को महत्व देते हैं.

पसंद है स्टार्टअप कल्चर

Gen Z को ऐसे वर्कप्लेस पसंद है जहां हर किसी की आवाज सुनी जाए. बॉस और कर्मचारी वाला पुराना तरीका उन्हें पसंद नहीं है. वे ऐसा वर्किंग कल्चर में विश्वास रखते हैं जहां सब मिलकर काम करें. 

ज्यादा काम, कम सैलरी: डबल स्ट्रेस नहीं चाहिए

Gen Z देखती है कि मैनेजर्स को ज्यादा तनाव झेलना पड़ता है, लेकिन सैलरी में थोड़ा ही फर्क होता है. वे इसे “पीनट्स” (मूंगफली जैसी सैलरी) कहकर टाल देते हैं. Gen Z का मानना है, स्मार्ट वर्क करो, ओवरवर्क नहीं. वे ऐसी नौकरियां चाहते हैं जहां टैलेंट और आईडिया की कद्र हो, न कि बस काम के घंटे गिने जाएं.

ऑफिस पॉलिटिक्स से दूरी

Gen Z को गॉसिप और ऑफिस की राजनीति (Office Politics) में नहीं फंसना. वे ईमानदारी और खुली बातचीत पसंद करते हैं. मैनेजर की भूमिका में अक्सर इन्हीं चीजों से निपटना पड़ता है, जो उन्हें “ड्रामा” जैसा लगता है. 

फ्रीडम और क्रिएटिविटी रखता है मायने 

Gen Z को लचीलापन (Flexibility) और क्रिएटिविटी पसंद है. वे अपने काम करने का तरीका खुद तय करना चाहते हैं. मैनेजर की भूमिका में उन्हें सख्त नियम और डेडलाइन्स फॉलो करनी पड़ती है. 

मानसिक शांति है सबसे जरूरी

Gen Z मानसिक स्वास्थ्य और पीस ऑफ माइंड (Gen Z Mental Health) को सबसे ज्यादा महत्व देते हैं. मैनेजर्स के पास न आराम होता है, न सुकून. इसलिए वे ऐसे रोल नहीं चाहते जहां काम ही जिंदगी बन जाए. 

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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