10वीं-12वीं बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में बदलाव, Critical Thinking पर आधारित होंगे 50% सवाल

Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 22 Sep 2025 7:47 AM

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सीआईएससीई बोर्ड एग्जाम (प्रतीकात्मक तस्वीर)

CISCE Board Exam: अगर आप CISCE बोर्ड की परीक्षा देने वाले हैं तो आपके लिए काम की खबर है. अगले सत्र से परीक्षा का पैटर्न बदलने वाला है. यह बदलाव सिलिगुड़ी में आयोजित रीजनल कॉन्फ्रेंस में तय किया गया, जिसमें बिहार-झारखंड जोन के 172 स्कूलों के प्रिंसिपल और बोर्ड अधिकारी शामिल हुए.

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CISCE Board Exam: काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (CISCE) बोर्ड के स्कूलों में अगले सत्र से बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा. बोर्ड ने न केवल 11वीं और 12वीं की कई अहम विषयों के सिलेबस में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है, बल्कि परीक्षा पैटर्न को भी पूरी तरह नया रूप दिया जा रहा है. यह बदलाव सिलिगुड़ी में आयोजित रीजनल कॉन्फ्रेंस में तय किया गया, जिसमें बिहार-झारखंड जोन के 172 स्कूलों के प्रिंसिपल और बोर्ड अधिकारी शामिल हुए.

सिलेबस और परीक्षा पैटर्न में बदलाव

बोर्ड ने बायोलॉजी, केमेस्ट्री, हिस्ट्री, पॉलिटिकल साइंस, मैथ्स, अकाउंट्स, कॉमर्स और सोशियोलॉजी जैसे विषयों के सिलेबस में बदलाव की घोषणा की है. साथ ही, 9वीं से 12वीं तक की परीक्षाओं में अब आधे प्रश्न क्रिटिकल थिंकिंग पर आधारित होंगे और बाकी 50 फीसदी प्रश्न कंपिटेंसी बेस्ड होंगे. ये सभी प्रश्न केस स्टडी फॉर्मेट में होंगे. यानी, छात्र रटकर इनका उत्तर नहीं दे पाएंगे, बल्कि उन्हें अपने विश्लेषण और समझ के आधार पर उत्तर देना होगा.

इंप्रूवमेंट टेस्ट में नई सुविधा

छात्र-हित को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने इंप्रूवमेंट टेस्ट से जुड़ा एक अहम फैसला लिया है. अब तक छात्रों को केवल दो विषयों में ही सुधार परीक्षा देने की अनुमति थी. लेकिन अगले सत्र से छात्र अधिकतम तीन विषयों में इंप्रूवमेंट टेस्ट दे सकेंगे. यह परीक्षा जुलाई में आयोजित की जाएगी. अगर किसी छात्र को आईसीएसई (10वीं) या आईएससी (12वीं) की बोर्ड परीक्षा में कम अंक मिलते हैं, तो उन्हें अपने प्रदर्शन में सुधार का यह अवसर मिलेगा.

स्टूडेंट फ्रेंडली कदम

बोर्ड का मानना है कि इस बदलाव से न केवल छात्रों की सोचने-समझने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी अधिक व्यावहारिक और स्टूडेंट-फ्रेंडली बन जाएगी. यह कदम छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.

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