Education: 12वीं के बाद सही करियर की ओर बढ़ाएं कदम, पसंदीदा पाठ्यक्रम अपने शहर के कॉलेजों में भी उपलब्ध

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 21 May 2025 3:30 AM

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Education news ( सोशल मीडिया)

Education: 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद, छात्रों के सामने सबसे बड़ा सवाल होता है अब आगे क्या? बिहार, विशेषकर पटना के छात्र, विभिन्न शैक्षणिक और व्यावसायिक विकल्पों के माध्यम से अपने करियर को नयी दिशा दे सकते हैं. 12वीं के बाद कई तरह के करियर विकल्प और पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख विकल्प विज्ञान, वाणिज्य और कला के छात्रों के लिए हैं.

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Education: पटना. विज्ञान के छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल और अन्य संबंधित क्षेत्रों में बीटेक, बीइ, एमबीबीएस जैसे स्नातक डिग्री कोर्स कर सकते हैं. वाणिज्य के छात्र बीसीए, बीकॉम, बीबीए जैसे डिग्री कोर्स कर सकते हैं. कला के छात्र बीए, बीजे, बीएफए जैसे डिग्री कोर्स कर सकते हैं. आइए, इन विकल्पों पर एक नजर डालते हैं:

साइंस स्ट्रीम में

  1. इंजीनियरिंग: बीटेक, बीइ, इंटीग्रेटेड एमटेक.
  2. मेडिकल: एमबीबीएस, बीडीएस, वेटनरी, आयुर्वेदिक, होम्योपैथी, बी फार्मा, नर्सिंग आदि
  3. कंप्यूटर विज्ञान: बीसीए, बीसीए.
  4. अन्य: बीएससी, बीआर्क, नर्सिंग, पैरामेडिकल.

कॉमर्स स्ट्रीम में

  1. व्यवसाय प्रशासन: बीबीए, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स.
  2. कंप्यूटर एप्लिकेशन: बीसीए.
  3. अन्य: बैचलर ऑफ होटल मैनेजमेंट, बैचलर ऑफ टूरिज्म एंड ट्रैवल मैनेजमेंट.

आर्ट्स स्ट्रीम में-

  1. मानविकी और सामाजिक विज्ञान: बीए, बीजे, बीएफए.
  2. डिजाइन: बी डिजाइन.
  3. शिक्षा: बीएड, डीएड
  4. अन्य: बी लाइब्रेरी साइंस, बी सोशल वर्क

अन्य विकल्प

  1. आइटीआई: आइटीआइ कोर्स आपको औद्योगिक क्षेत्र में नौकरी दिलाने में मदद कर सकते हैं.
  2. डिप्लोमा: इंजीनियरिंग, फैशन डिजाइनिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग जैसे क्षेत्रों में डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं.

प्रशिक्षण पाठ्यक्रम

  • कुछ शॉर्ट-टर्म प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी उपलब्ध हैं, जैसे डिजिटल मार्केटिंग, ग्राफिक डिजाइनिंग, वेब डेवलपमेंट.
  • 12वीं के बाद, छात्र अपनी रुचियों और क्षमताओं के आधार पर पाठ्यक्रम चुन सकते हैं.

उच्च शिक्षा के विकल्प

विज्ञान

  1. इंजीनियरिंग: आइआइटी पटना, एनआइटी पटना, बीसीइ जैसे संस्थानों में प्रवेश के लिए जेइइ मेन में शामिल होना होगा.
  2. चिकित्सा: नीट यूजी के माध्यम से राज्य के मेडिकल कॉलेजों, एम्स पटना जैसे संस्थानों में एमबीबीएस व बीडीएस लिए काउंसेलिंग में शामिल हो सकते हैं.
  3. अन्य विकल्प: बीएससी, बीएससी आइटी, बीसीए आदि

वाणिज्य

  1. स्नातक पाठ्यक्रम: बीकॉम, बीबीए, बीसीए
  2. पेशेवर पाठ्यक्रम: सीए, सीएस, सीएमए जैसे कोर्सों की तैयारी करें.

कला

  1. स्नातक पाठ्यक्रम: बीए विभिन्न विषयों में

स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए पीयू में 23 मई तक आवेदन का है मौका

पटना विश्वविद्यालय और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2025-29 के लिए स्नातक (यूजी) पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है. पटना विश्वविद्यालय यूजी में प्रवेश के लिए 23 मई तक आवेदन कर सकते हैं. किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटर परीक्षा उत्तीर्ण छात्र आवेदन कर सकते हैं. प्रवेश इंटर परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर होगा. कक्षा तीन जुलाई से शुरू हो जायेगी. आवेदन लिंक: pup.ac.in . पीयू में करीब 4500 सीटों पर एडमिशन होना है.

पीपीयू में 22 तक एडमिशन के लिए भरे फॉर्म

पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय यूजी में चार वर्षीय बीए, बीएससी, बीकॉम कार्यक्रम में एडमिशन ले सकते हैं. आवेदन 22 मई तक कर सकते हैं. 23 से 24 मई तक आवेदन फॉर्म में सुधार किया जा सकता है. प्रथम मेरिट सूची 28 मई को जारी की जायेगी. कक्षा तीन जुलाई से शुरू हो जायेगी. आवेदन लिंक: admission.ppuponline.in. प्रवेश 12वीं के अंकों के आधार पर की जायेगी. पीपीयू में यूजी के 1.20 लाख सीटों पर एडमिशन होगा.

भाषा सीखने के लिए विशेष शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं

विदेशी भाषाओं के लिए उच्च स्तर की शिक्षा के लिए शहर में कुछ विशेष संस्थाएं हैं, जहां 12वीं के बाद प्रवेश लेकर आप भाषा विशेष में विशेषज्ञता हासिल कर सकते हैं. ये कोर्स 6, 9, 12, 18 महीने या इससे अधिक के भी हो सकते हैं. आप विभिन्न विश्वविद्यालयों से पार्ट टाइम या फुल टाइम सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं और इसके बाद परफेक्शन के लिए एडवांस्ड लेवल की शिक्षा ले सकते हैं.

यहां होती है विदेशी भाषाओं की पढ़ाई

  1. एएन कॉलेज : वर्ष 2007 से एएन कॉलेज में कोरियन लैंग्वेज की पढ़ाई हो रही है. 2021 में कॉलेज को सेंटर ऑफ किंग सेजोंग इंस्टीट्यूट कोरियन कल्चर बनाया गया था, जिसके लिए एमओयू साइन किया गया है. अब तक यहां से लगभग 600 से ज्यादा स्टूडेंट्स पास आउट हो चुके हैं. यहां से पढ़ने वाले स्टूडेंट्स का विभिन्न कंपनियों में प्लेसमेंट भी हो चुका है. जबकि कई स्टूडेंट्स आज टूरिस्ट गाइड के तौर पर काम करते हैं. इस दौरान कई स्टूडेंट्स स्कॉलरशिप हासिल कर कोरिया की पढ़ाई करते हैं.
  2. एनआइटी पटना : साल 2013 में एनआइटी पटना और हनदोंग ग्लोबल यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू साइन किया था . इस दौरान एनआइटी के तीन स्टूडेंट्स छह महीने के लिए हनदोंग ग्लोबल यूनिवर्सिटी में पढ़ने गये थे. इसके बाद एनआइटी के डायरेक्टर कैंपस में 2014 में कोरियन सेंटर की शुरुआत की थी. तब से लेकर अब तक यहां पर कोरियन लैंग्वेज की पढ़ाई जा रही है. हर साल 5-6 बैच में स्टूडेंट्स को पढ़ाया जाता है. विदेशी भाषा सीखकर कई स्टूडेंट्स आज अच्छी नौकरी हासिल कर चुके हैं.
  3. नालंदा यूनिवर्सिटी : साल 2016 में नालंदा यूनिवर्सिटी की ओर से इलेक्टिव एमए (हिस्ट्री) के स्टूडेंट्स के लिए शुरू किया गया. 2018 में कोरियन में सर्टिफिकेट कोर्स की शुरुआत की जबकि 2019 में डिप्लोमा कोर्स शुरू किया गया. मगध महिला कॉलेज- कॉलेज में 2016 से जर्मन की पढ़ाई करायी जा रही है. नये सत्र में छात्राएं इसमें नामांकन लेंगी.
  4. पटना वीमेंस कॉलेज : कॉलेज में फ्रेंच, जर्मन, स्पेनिश और कोरियन लैंग्वेज एंड कल्चर की पढ़ाई होती है. कॉलेज में जर्मन की पढ़ाई होती थी, जो बीच में बंद हो गयी थी. वहीं साल 2018 से इसे दोबारा से शुरू किया गया. फ्रेंच की पढ़ाई 2017 से हो रही है, जबकि कोरियन लैंग्वेज एंड कल्चर की पढ़ाई 2019 से हो रही है. साल 2021 से स्पैनिश की पढ़ाई शुरू हुई है. ये सभी सर्टिफिकेट कोर्स नौ महीने और साल भर के हैं.
  5. इग्नू : इग्नू से स्टूडेंट्स कई विदेशी भाषाओं में सर्टिफिकेट, डिग्री और मास्टर कोर्स कर सकते हैं. इसमें अरबी, फ्रेंच, रसियन, जापानी, कोरियन, स्पैनिश, जर्मन, पर्शियन कोर्स शामिल है. इन कोर्सों में बीए इन टूरिज्म स्टडीज (3 वर्षीय), बीकॉम (तीन वर्षीय), बीसीए (तीन वर्षीय), बैचलर इन लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (एक वर्षीय), बैचलर इन सोशल वर्क (3 वर्षीय) के अलावा पीजी डिप्लोमा के कई सब्जेक्ट, कई सर्टिफिकेट कोर्स भी शामिल हैं.

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Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

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