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Dinkar Jayanti: दिनकर के जीवन पर 200 शब्दों का स्पीच आईडिया, तालियों से गूंज उठेगा हॉल

Updated at : 18 Sep 2025 10:00 AM (IST)
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Dinkar Jayanti Speech In Hindi

दिनकर जयंती स्पीच (एआई जेनरेटेड तस्वीर)

Dinkar Jayanti Speech In Hindi: रामधारी सिंह दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले में हुआ था. हर साल इस मौके पर उनकी जयंती मनाई जाती है. स्कूल और कॉलेज में छात्र स्पीच देते हैं. ऐसे में आज हम आपको दिनकर पर 3 छोटे लेकिन प्रभावी स्पीच बताएंगे.

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Dinkar Jayanti Speech In Hindi: राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ का नाम हिंदी साहित्य में वह प्रकाश है, जिसने अपनी तेजस्वी वाणी और कविताओं से पीढ़ियों को प्रेरित किया. आज भी जब कोई मंच से उनके जीवन और विचारों पर बोलता है, तो श्रोताओं का हृदय गर्व से भर उठता है. 23 सितंबर को रामधारी सिंह दिनकर की जयंती (Ramdhari Singh Dinkar Jayanti) मनाई जाती है. इस मौके पर छात्र स्कूल और कॉलेज में स्पीच देते हैं. ऐसे में आज हम आपको दिनकर पर 3 छोटे लेकिन प्रभावी स्पीच बताएंगे. हालांकि, इससे पहले जानते हैं उनके जीवनी के बारे में.

23 सितंबर 1908 को हुआ जन्म

रामधारी सिंह दिनकर (Ramdhari Singh Dinkar Birth) का जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार के बेगूसराय जिले में हुआ था. बचपन में ही पिता का साया उठ गया, लेकिन शिक्षा के प्रति उनका जुनून कभी कम नहीं हुआ. उन्होंने इतिहास से स्नातक की पढ़ाई की और फिर साहित्य की राह चुनी. उनकी कविताओं में देशभक्ति, क्रांति और समाज सुधार की गहरी झलक मिलती है.

दिनकर की रचनाओं में मिलती है इतिहास और संस्कृति की झलक

उनकी प्रमुख रचनाओं में रश्मिरथी, परशुराम की प्रतीक्षा, हुंकार और संस्कृति के चार अध्याय शामिल हैं. दिनकर की लेखनी केवल कविता तक सीमित नहीं रही, उन्होंने इतिहास, संस्कृति और राजनीति पर भी गंभीर लेखन किया. आजादी के दौर में उनकी कविताएं युवाओं में ऊर्जा और साहस जगाने का काम करती थीं. दिनकर को पद्मभूषण से सम्मानित किया गया और उन्हें राज्यसभा के सदस्य के रूप में भी जिम्मेदारी मिली. उनका व्यक्तित्व इस बात का प्रमाण है कि साहित्य केवल शब्द नहीं, बल्कि समाज को बदलने की ताकत रखता है.

Dinkar Jayanti Speech In Hindi: स्पीच 1: राष्ट्रकवि दिनकर का परिचय

नमस्कार,

आज मैं बात करूंगा/करूंगी हिंदी के महान कवि रामधारी सिंह दिनकर की, जिन्हें राष्ट्रकवि के रूप में जाना जाता है. उनका जन्म 23 सितंबर 1908 को बिहार में हुआ. उनकी कविताओं में देशभक्ति और वीरता की गूंज सुनाई देती है. रश्मिरथी और हुंकार जैसी रचनाओं ने युवाओं के मन में क्रांति की ज्वाला जगाई. आज भी जब उनकी पंक्तियां सुनाई देती हैं तो हृदय गर्व और साहस से भर उठता है. धन्यवाद.

Dinkar Jayanti Speech In Hindi: स्पीच 2: दिनकर – शब्दों के योद्धा

आदरणीय उपस्थितजन,

रामधारी सिंह दिनकर केवल कवि नहीं थे, बल्कि शब्दों के योद्धा थे. आजादी की लड़ाई के समय उनकी कविताएं युवाओं में हिम्मत जगाती थीं. परशुराम की प्रतीक्षा और संस्कृति के चार अध्याय जैसे ग्रंथों ने साहित्य को नई दिशा दी. दिनकर जी ने हमें सिखाया कि कलम की ताकत तलवार से भी बड़ी होती है. सच में, वे हिंदी के गौरव हैं. धन्यवाद.

Dinkar Jayanti Speech In Hindi: स्पीच 3: प्रेरणा स्रोत दिनकर

सभी को नमस्कार,
राष्ट्रकवि दिनकर जी का जीवन हम सबके लिए प्रेरणा है. साधारण किसान परिवार से निकलकर उन्होंने साहित्य और राजनीति दोनों में योगदान दिया. उनकी कविताओं में ऊर्जा, साहस और संस्कृति की गहराई मिलती है. पद्मभूषण से सम्मानित दिनकर हमें यह संदेश देते हैं कि कठिनाइयों के बावजूद सपनों को साकार किया जा सकता है. आइए, हम सब उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें. धन्यवाद.

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Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

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