Film से मिली प्रेरणा, BDS की डिग्री छोड़कर बन गए आईपीएस
Published by : Shambhavi Shivani Updated At : 29 Aug 2025 10:35 AM
वरुण कुमार (क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
IPS Success Story: वरुण कुमार तमिलनाडु के रहने वाले हैं. वे 2011 के बैच के आईपीएस अधिकारी हैं. उन्हें आईपीएस बनने की प्रेरणा एक फिल्म से मिली. आईपीएस बनने से पहले वे उन्होंने बीडीएस की पढ़ाई पूरी की है. आइए, जानते हैं उनकी सफलता की कहानी.
IPS Success Story: UPSC निकालने के बाद उम्मीदवारों की चर्चा तो खूब होती है, लेकिन अफसर बनने के बाद भी कई अधिकारी अपने काम और फैसलों से सुर्खियां बटोरते हैं. ऐसे ही हैं तमिलनाडु के 2011 बैच के IPS ऑफिसर वरुण कुमार. इन दिनों इनकी खूब चर्चा होती है.
IPS Success Story: बीडीएस की पढ़ाई
वरुण कुमार तमिलनाडु के रहने वाले हैं. शुरुआती पढ़ाई कैंपियन हायर सेकेंडरी स्कूल से की. पिता अर्थशास्त्र के प्रोफेसर और मां गृहिणी हैं. वहीं उनका भाई यूएसए में कार्यरत है. वरुण ने चेन्नई के रागास डेंटल कॉलेज से BDS की पढ़ाई की है.
IPS Success Story: फिल्म से मिली प्रेरणा
IPS वरुण कुमार की कहानी खास इसलिए भी है क्योंकि उनका अफसर बनने का सपना एक फिल्म से जुड़ा है. साल 2003 में उन्होंने तमिल फिल्म ‘कखा कखा’ देखी, जिसने उन्हें सिविल सेवाओं की ओर प्रेरित किया. देश के लिए कुछ करने की इच्छा तो पहले से थी, लेकिन इस फिल्म ने उनकी दिशा तय कर दी.
IPS Success Story: UPSC का सफर
- तैयारी की शुरुआत 2007 से हुई
- UPSC CSE पास करने में लगा 4 साल का संघर्ष
- कई बार असफलता मिली, लेकिन कभी हार नहीं मानी
- माता-पिता ने हर कदम पर पूरा सहयोग दिया
IPS Success Story: माता-पिता के साथ से बढ़े आगे
आज IPS वरुण कुमार न सिर्फ अपने काम बल्कि अपने स्पष्ट और सख्त रुख के लिए भी जाने जाते हैं. उन्होंने कम उम्र में ही बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है. वह बताते हैं कि उनके माता-पिता को उनके निर्णयों पर कभी संदेह नहीं हुआ और वे मेरे साथ खड़े रहे.
यह भी पढ़ें- Success Story: पिता चलाते हैं किराना दुकान, बेटी बनेगी अफसर, UPSC में हासिल की 106वीं रैंक
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Shambhavi Shivani
शाम्भवी शिवानी डिजिटल मीडिया में पिछले 3 सालों से सक्रिय हैं और वर्तमान में प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शिक्षा और रोजगार से जुड़ी खबरों की समझ रखने वाली शाम्भवी एग्जाम, सरकारी नौकरी, रिजल्ट, करियर, एडमिशन और सक्सेस स्टोरी जैसे विषयों पर रिपोर्टिंग और फीचर राइटिंग करती हैं. सरल भाषा और जानकारी को व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत करना उनकी लेखन शैली की खासियत है. डिजिटल मीडिया में अपने करियर के दौरान शाम्भवी ने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्थाओं के साथ काम किया है. यहां उन्होंने एजुकेशन, युवा मुद्दों और ट्रेंडिंग विषयों पर कंटेंट तैयार किया. वर्तमान में प्रभात खबर के साथ जुड़कर वे खास तौर पर बोर्ड परीक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, सरकारी नौकरी, करियर ऑप्शंस और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज पर काम कर रही हैं. शाम्भवी की रुचि सिर्फ पत्रकारिता तक सीमित नहीं है. उन्हें सिनेमा और साहित्य में भी गहरी दिलचस्पी है, जिसका असर उनकी लेखन शैली में भी देखने को मिलता है. वे तथ्यों के साथ भावनात्मक जुड़ाव और मानवीय पहलुओं को भी अपनी स्टोरीज में जगह देने की कोशिश करती हैं. पटना में जन्मीं शाम्भवी ने Patna University से मास कम्युनिकेशन में ग्रेजुएशन किया है. इसके बाद Indira Gandhi National Open University (IGNOU) से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की. पत्रकारिता और जनसंचार की पढ़ाई ने उन्हें न्यूज राइटिंग, डिजिटल कंटेंट और ऑडियंस बिहेवियर की बेहतर समझ दी है. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लगातार बदलते ट्रेंड्स और रीडर्स की जरूरतों को समझते हुए शाम्भवी SEO-फ्रेंडली, इंफॉर्मेटिव और एंगेजिंग कंटेंट तैयार करने पर फोकस करती हैं. उनकी कोशिश रहती है कि पाठकों तक सही, उपयोगी और आसान भाषा में जानकारी पहुंचाई जा सके.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










