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Bihar Police School: बिहार के इस जिले में खुलेगा पुलिस विद्यालय, नेतरहाट और सैनिक स्कूल की तर्ज पर मिलेंगी ये सुविधाएं

Updated at : 27 Jun 2025 5:05 PM (IST)
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Bihar Police School

बिहार पुलिस स्कूल

Bihar Police School: बिहार में पहला आवासीय पुलिस विद्यालय पटना के नौबतपुर में खुलेगा, जो नेतरहाट मॉडल पर आधारित होगा. इसमें 50% सीटें पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी. स्कूल शुरुआत में कक्षा 8 तक और आगे चलकर CBSE से मान्यता प्राप्त कर कक्षा 12 तक की पढ़ाई कराएगा. यह स्कूल अनुशासन, नेतृत्व और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनेगा. प्रस्ताव पर विचार-विमर्श जारी है.

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Bihar Police School in Hindi: बिहार में पहली बार एक आवासीय पुलिस विद्यालय खोलने की योजना बनाई गई है. यह विद्यालय झारखंड के प्रसिद्ध नेतरहाट विद्यालय और सैनिक स्कूलों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा. झारखंड के अलग होने के बाद यह बिहार का पहला ऐसा संस्थान होगा, जो विशेष रूप से पुलिसकर्मियों और आम बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण, अनुशासित शिक्षा प्रदान करेगा. 

पटना के नौबतपुर में तय हुई जमीन

रिपोर्ट के अनुसार, इस स्कूल के लिए पटना के नौबतपुर इलाके में लगभग दो एकड़ जमीन चिन्हित कर ली गई है. यह स्थान राजधानी से नजदीक होने के कारण सुविधाजनक भी माना जा रहा है. विद्यालय पूरी तरह से आवासीय (रेजिडेंशियल) होगा, जिसमें छात्र-छात्राएं रहकर पढ़ाई कर सकेंगे. 

Bihar Police School in Hindi: पुलिसकर्मियों के बच्चों को मिलेगा आरक्षण

इस विशेष विद्यालय में कुल 50% सीटें पुलिस विभाग से जुड़े कर्मचारियों, शहीदों के आश्रितों और सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए आरक्षित होंगी. बाकी 50% सीटें आम जनता के बच्चों के लिए खुली रहेंगी. इससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा और शिक्षा में समावेशिता को बढ़ावा मिलेगा. 

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दो चरणों में होगी पढ़ाई की शुरुआत

शुरुआत में विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक की पढ़ाई कराई जाएगी. इसके लिए विद्यालय को बिहार शिक्षा परियोजना परिषद (BEPC) से संबद्ध किया जाएगा. भविष्य में इसे CBSE (केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड) से मान्यता दिलाकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई की सुविधा भी दी जाएगी. यह व्यवस्था राज्य में उच्चस्तरीय शिक्षा के विकल्पों को और मजबूत करेगी. 

प्रस्ताव पर चल रहा विचार-विमर्श

इस स्कूल की स्थापना को लेकर पुलिस मुख्यालय में प्राथमिक स्तर पर विचार-विमर्श किया जा चुका है. एक प्रारंभिक प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जून महीने तक गृह विभाग को भेजे जाने की योजना है. इसके अतिरिक्त, राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों जैसे डीजी, एडीजी, आईजी और डीआईजी से भी सुझाव मांगे गए हैं, ताकि योजना को और बेहतर बनाया जा सके. (Bihar Police School in Hindi)

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शिक्षा के साथ अनुशासन और नेतृत्व का विकास

यह विद्यालय न केवल शिक्षा बल्कि अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को भी बच्चों में विकसित करेगा. खासकर पुलिस परिवारों के लिए यह एक बड़ी राहत और बेहतर भविष्य की दिशा में कदम होगा. आम बच्चों को भी एक अनुशासित और गुणवत्ता-युक्त शैक्षणिक माहौल मिलेगा. 

बिहार में खुलने जा रहा यह पुलिस विद्यालय राज्य के शैक्षणिक ढांचे को नया आयाम देगा.  पुलिसकर्मियों के परिवारों के बच्चों को जहां सुविधा और सुरक्षा के साथ शिक्षा मिलेगी, वहीं आम बच्चे भी एक बेहतरीन अनुशासित संस्थान में पढ़ाई का अवसर प्राप्त करेंगे.  यह पहल सामाजिक समानता और शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय कदम है. 

नोट: यह योजना अभी अपने प्रारंभिक चरण में है. अंतिम निर्णय और निर्माण कार्य गृह विभाग व शिक्षा विभाग की स्वीकृति मिलने के बाद ही शुरू किया जाएगा. 

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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