MBBS के लिए पूरे नहीं हैं मार्क्स, इस कोर्स में ले एडमिशन, समय के साथ बढ़ रही डिमांड

डेंटिस्ट की सांकेतिक तस्वीर (PC-Freepik)
BDS Admission NEET Cut off: सरकारी डेंटल कॉलेज में BDS में एडमिशन के लिए सामान्य तौर पर 450 से 550+ मार्क्स सही माने जाते हैं. ऐसे स्टूडेंट्स जिनके मार्क्स MBSB Course के लिए पूरे नहीं हैं, वे डेंटल के कोर्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
BDS Admission NEET Cut Off: नीट परीक्षा का रिजल्ट आ चुका है. लेकिन बहुत से छात्र ऐसे होंगे जिनका ये लास्ट चांस होगा और वो परीक्षा क्रैक नहीं कर पाए होंगे. ऐसे छात्रों को परेशान होने की जरूरत नहीं है, उनके पास डेंटल कोर्स का ऑप्शन है. अगर आपके 450 से 500 या उससे ऊपर मार्क्स आए हैं तो आपको सरकारी डेंटल मेडिकल कॉलेज (Sarkari Dental Medical College) मिल सकता है.
नीट से मिलता है BDS में एडमिशन?
डेंटल सर्जन बनने के लिए BDS कोर्स करना होता है, बैचलर ऑफ डेंटल साइंस. सरकारी डेंटल कॉलेजों में इस कोर्स में एडमिशन पाने के लिए NEET UG परीक्षा पास करनी होती है. कटऑफ हर साल सीट की संख्या जैसे फैक्टर्स के आधार पर बदलती रहती है.
NEET में कितने मार्क्स पर मिलेगा डेंटल में एडमिशन?
सरकारी डेंटल कॉलेज से बीडीएस (BDS) करने के लिए आपको नीट (NEET UG) में कम से कम 450 से 550+ मार्क्स प्राप्त करने होंगे. कैटगरी (General, OBC, SC, ST) और काउंसलिंग (State Quota vs AIQ) के आधार पर सटीक कटऑफ बदलती है.
विभिन्न श्रेणियों के लिए अनुमानित नीट (NEET) स्कोर और रैंक इस प्रकार है-
| श्रेणी (Category) | आवश्यक NEET स्कोर (Expected Marks) | अपेक्षित रैंक (Expected Rank) |
| जनरल (General/UR) | 520 - 560+ | 50,000 - 60,000 तक |
| ओबीसी (OBC) | 500 - 545+ | 55,000 -65,000 तक |
| एससी (SC) | 420 - 470+ | 1,50,000- 2,20,000 तक |
| एसटी (ST) | 380 - 440+ | 2,00,000 - 3,00,000 तक |
नोट: यह अनुमानित आंकड़े हैं. वास्तविक कटऑफ हर वर्ष काउंसलिंग प्रक्रिया, सीटों की उपलब्धता, उम्मीदवारों की संख्या और राज्य के अनुसार अलग हो सकती है.
सरकारी BDS कॉलेज के लिए कितने मार्क्स चाहिए?
सरकारी डेंटल कॉलेज में BDS में एडमिशन के लिए सामान्य तौर पर 450 से 550+ मार्क्स सुरक्षित माने जाते हैं. हालांकि, यह कटऑफ उम्मीदवार की कैटेगरी और संबंधित राज्य की काउंसलिंग पर निर्भर करती है.
BDS क्यों है अच्छा ऑप्शन?
BDS भारत में डेंटिस्ट बनने के लिए मान्यता प्राप्त प्रोफेशनल डिग्री है. सरकारी कॉलेजों में फीस प्राइवेट कॉलेजों की तुलना में काफी कम होती है. कोर्स पूरा करने के बाद सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों, क्लीनिकों, डेंटल चेन, रिसर्च संस्थानों और शिक्षण संस्थानों में रोजगार के अवसर मिलते हैं. लाइफ स्टाइल में बदलाव आने से लोग अपने ओवरऑल लुक, जिसमें दांत और मसूड़े भी शामिल हैं, पर ध्यान देते हैं.
एडमिशन कैसे मिलेगा?
BDS में प्रवेश के लिए उम्मीदवारों को NEET UG 2026 के स्कोर के आधार पर MCC की ऑल इंडिया काउंसलिंग या संबंधित राज्य की काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेना होगा. काउंसलिंग के दौरान रैंक, कैटेगरी, सीट उपलब्धता और कॉलेज ऑप्शन के आधार पर सीट आवंटित की जाएगी.
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By शाम्भवी शिवानी
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