NEET UG में हिंदी से बहुत आगे निकली इंग्लिश, जानें 13 भाषाओं में से किसमें बैठे सबसे ज्यादा छात्र

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स्टूडेंट की फोटो (PC - Freepik)

स्टूडेंट की फोटो (PC - Freepik)

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने NEET UG EXAM 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस साल भी यह मेडिकल प्रवेश परीक्षा देश भर में कुल 13 भाषाओं में आयोजित की गई थी. NTA के ऑफिशियल डेटा के अनुसार, क्षेत्रीय भाषाओं के मुकाबले इंग्लिश और हिंदी माध्यम का दबदबा नजर आया है. इस आर्टिकल में जानिए कि किस भाषा में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स ने एग्जाम दिया और क्षेत्रीय भाषाओं का प्रदर्शन कैसा रहा.

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NEET UG Exam Languages: NEET UG EXAM में देश के हर कोने से स्टूडेंट शामिल होते हैं. सभी को समान अवसर देने के लिए परीक्षा कई भारतीय भाषाओं में होती है. इस साल भी परीक्षा के लिए 13 भाषाओं के ऑप्शन दिए गए थे. आइए जानते हैं NTA के डेटा के अनुसार किस भाषा में कितने कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी.

इंग्लिश का एकतरफा दबदबा

नीट परीक्षा में सबसे ज्यादा स्टूडेंट इंग्लिश और हिंदी मीडियम के ही रहे हैं. NTA द्वारा जारी किए गए डेटा में इन दोनों भाषाओं का कुल शेयर करीब 95% है. हालांकि हिन्दी से काफी आगे इंग्लिश भाषा रही है.

इंग्लिश मीडियम: पिछले वर्षो की तरह इस बार भी इंग्लिश हमेशा की तरह टॉप पर रही. इस साल रिकॉर्ड 18 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स ने NEET UG EXAM में इंग्लिश पेपर चुना. 

हिंदी मीडियम: दूसरे नंबर पर हिंदी मीडियम रहा. इस साल करीब 3.45 लाख से अधिक स्टूडेंट्स ने हिंदी में परीक्षा दी.

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अन्य क्षेत्रीय भाषाओं का हाल

इंग्लिश और हिंदी के बाद क्षेत्रीय भाषाओं में भी स्टूडेंट्स ने अपनी किस्मत आजमाई हैं. हालांकि, कुछ भाषाओं में स्टूडेंट्स का रुझान पहले के मुकाबले घटा है.

गुजराती और तमिल आगे: क्षेत्रीय भाषाओं में गुजराती मीडियम सबसे आगे रहा. करीब 49 हजार स्टूडेंट्स ने NEET UG EXAM गुजराती भाषा में पेपर दिया. वहीं तमिल भाषा में भी लगभग 29 हजार से ज्यादा स्टूडेंट बैठे.

बंगाली मीडियम: पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों से करीब 38 हजार से अधिक स्टूडेंट्स ने बंगाली भाषा को चुना.

इन भाषाओं में सबसे कम स्टूडेंट

सबसे कम स्टूडेंट पंजाबी, कन्नड़, उड़िया और मलयालम भाषाओं में दर्ज किए गए. पंजाबी भाषा में यह आंकड़ा महज कुछ सौ स्टूडेंट्स तक ही सीमित रहा.

क्यों बढ़ रहा है इंग्लिश का क्रेज

चूंकि मेडिकल की आगे की पढ़ाई भी ज्यादातर इंग्लिश में ही होती है. यही वजह है कि अब क्षेत्रीय भाषाओं के स्टूडेंट भी शुरुआत से ही इंग्लिश मीडियम चुनना पसंद कर रहे हैं.

ये रहा 13 भाषाओं का पूरा डिटेल -

भाषा स्टूडेंट्स की संख्या
इंग्लिश1808535
हिन्दी345247
आसामी2147
बंगाली38577
गुजराती49647
कन्नड़614
मराठी1144
मलयालम787
उड़िया716
पंजाबी226
तमिल29845
तेलगु1339
उर्दू919

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