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NEET 2025 Admission: नीट के बाद सरकारी मेडिकल कॉलेज की तलाश? रिम्स रांची है बेहतर ऑप्शन

Updated at : 26 Jun 2025 6:56 PM (IST)
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RIMS Ranchi Admission 2025

आरआईएमएस रांची प्रवेश 2025

NEET 2025 Admission: NEET 2025 के बाद MBBS की पढ़ाई के लिए रिम्स रांची एक बेहतरीन सरकारी विकल्प है. यहां की सालाना फीस मात्र ₹27,000 है, जो इसे बेहद किफायती बनाती है. कम रैंक पर भी जनरल, OBC और SC/ST कैटेगरी के छात्रों को मौका मिल सकता है. 85% सीटें झारखंड डोमिसाइल और 15% ऑल इंडिया कोटे के लिए आरक्षित हैं. जानें एडमिशन प्रक्रिया, कट-ऑफ और जरूरी दस्तावेजों की पूरी जानकारी.

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NEET 2025 Admission in Hindi: NEET 2025 का रिजल्ट जारी हो चुका है.  अब हर मेडिकल छात्र का सपना है कि उसे कोई अच्छा सरकारी कॉलेज मिल जाए.  लेकिन कई बार रैंक उतना अच्छा नहीं आता, जिससे छात्र मायूस हो जाते हैं.  ऐसे में झारखंड की राजधानी रांची स्थित राजेंद्र इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (RIMS) उन छात्रों के लिए बड़ा अवसर लेकर आता है, जो कम रैंक और कम बजट में MBBS की पढ़ाई करना चाहते हैं. 

NEET 2025 Admission: सरकारी कॉलेज, कम फीस, बेहतर शिक्षा

रिम्स रांची एक प्रतिष्ठित सरकारी मेडिकल कॉलेज है. यहां पढ़ाई की सालाना फीस मात्र 27,000 रुपये है.  MBBS जैसे महंगे कोर्स के लिए यह बेहद किफायती है. यही वजह है कि हर साल यहां देशभर से छात्र आवेदन करते हैं. जिन छात्रों की रैंक ज्यादा अच्छी नहीं होती, उनके लिए यह कॉलेज एक शानदार विकल्प बन जाता है. 

क्या होनी चाहिए रैंक?

एडमिशन एक्सपर्ट एसएस सिंह बताते हैं कि जनरल कैटेगरी के छात्रों को रिम्स में एडमिशन पाने के लिए करीब 4800 से 10,000 के बीच रैंक लाना जरूरी होता है. ओबीसी वर्ग के छात्रों के लिए यह सीमा 10,000 से 20,000 के बीच हो सकती है. जबकि एससी/एसटी वर्ग के छात्रों को 30,000 से 56,000 तक की रैंक पर भी सीट मिल जाती है. 

हालांकि यह जरूरी नहीं है कि हर साल यही कट-ऑफ हो. हाल के वर्षों में कट-ऑफ में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है, इसलिए बेहतर रैंक लाने की कोशिश करें. 

सीटों का बंटवारा – राज्य और ऑल इंडिया कोटा

रिम्स की 85% सीटें झारखंड के डोमिसाइल छात्रों के लिए आरक्षित हैं. यानी झारखंड के स्थायी निवासी ही इन सीटों पर आवेदन कर सकते हैं. वहीं, 15% सीटें ऑल इंडिया कोटे के तहत आती हैं, जहां देश के किसी भी राज्य से छात्र आवेदन कर सकते हैं. 

एडमिशन प्रक्रिया कैसी होती है?

NEET पास करने के बाद छात्रों को काउंसलिंग प्रक्रिया से गुजरना होता है. काउंसलिंग के जरिए ही सीट अलॉट होती है. इसके बाद सभी जरूरी दस्तावेजों का वेरिफिकेशन होता है.  जो छात्र सीट पा लेते हैं, उन्हें रिम्स में हॉस्टल सुविधा भी मिल जाती है. कम फीस और कम खर्च में रहने की सुविधा के साथ, रिम्स एक संपूर्ण विकल्प बनकर सामने आता है. 

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ऐसे छात्र रखें रिम्स को प्राथमिकता

अगर आपका रैंक बहुत अच्छा नहीं आया है, लेकिन आप सरकारी कॉलेज में पढ़ाई का सपना देख रहे हैं, तो रिम्स आपके लिए एक सुनहरा मौका है. यहां सरकारी फीस, गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई और अस्पताल की बेहतर सुविधाएं मिलती हैं. यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में छात्र रिम्स को अपनी पहली पसंद बनाते हैं. 

नोट: उपर्युक्त जानकारी नीट रिजल्ट 2025 के बाद संभावित कट-ऑफ और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. हर साल कट-ऑफ में बदलाव संभव है. इसलिए, छात्रों से अनुरोध है कि वे रिम्स रांची की अधिकारिक वेबसाइट और झारखंड कंबाइंड एंट्रेंस काउंसिल (JCECEB) की सूचना पर नजर रखें और उसी के अनुसार आवेदन प्रक्रिया पूरी करें.  एडमिशन से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और पात्रता की पुष्टि स्वयं करें. 

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Govind Jee

लेखक के बारे में

By Govind Jee

गोविन्द जी ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी विश्वविद्यालय भोपाल से की है. वे वर्तमान में प्रभात खबर में कंटेंट राइटर (डिजिटल) के पद पर कार्यरत हैं. वे पिछले आठ महीनों से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं. गोविंद जी को साहित्य पढ़ने और लिखने में भी रुचि है.

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