ePaper

अब भाषा नहीं बनेगी रुकावट, बंगाली, मराठी, तेलुगु समेत इन भाषाओं में होगी BTech की पढ़ाई

Updated at : 27 Aug 2025 4:28 PM (IST)
विज्ञापन
BTech In Local Language IIT

आईआईटी में होगी मातृभाषा में पढ़ाई ( फोटो क्रेडिट-फ्रीपिक)

BTech In Local Language IIT: छात्रों को मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में बीटेक करने का मौका मिलेगा. देशभर के IIT अब अंग्रेजी भाषा के साथ भारतीय भाषाओं को भी बढ़ावा देंगे. एक बैठक में यह फैसला लिया गया है. अभी 11 लोकल भाषाओं में आईआईटी में पढ़ाई होगी.

विज्ञापन

BTech In Local Language IIT: अपनी मातृभाषा सभी को प्यारी होती है. बच्चे घर में सबसे पहले उसी भाषा में बात करना सीखते हैं जो उनके घर पर बोली जा रही हो. इसे ही देखते हुए नई शिक्षा नीति के तहत अपनी भाषा में पढ़ने-लिखने पर काफी जोर दिया जा रहा है. वहीं अब आईआईटी में भी मातृभाषा में पढ़ाई होगी. देशभर के IIT अब अंग्रेजी भाषा के साथ भारतीय भाषाओं को भी बढ़ावा देंगे. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में हुई IIT काउंसिल की 56वीं बैठक में यह फैसला लिया गया. इस बैठक में आईआईटी के सभी डायरेक्टर और कई सारे एक्सपर्ट शामिल हुए थे. 

IIT के कोर्सेज अब भारतीय भाषाओं में

छात्रों को मातृभाषा और क्षेत्रीय भाषाओं में बीटेक करने का मौका मिलेगा. इसके लिए स्टडी मैटेरियल से लेकर रिसर्च तक हर स्तर पर संभव बदलाव किए जाएंगे. बैठक में यह तय हुआ कि IIT के कोर्सेज अब भारतीय भाषाओं में भी पढ़ाए जाएंगे. इसके लिए फिलहाल अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद की ओर से इंजीनियरिंग की किताबें हिंदी समेत 11 क्षेत्रीय भाषाओं में तैयार की जा रही हैं. 

BTech In Local Language IIT: किन 11 क्षेत्रीय भाषाओं में होगी इंजीनियरिंग की पढ़ाई 

  • तमिल
  • तेलुगु
  • उर्दू
  • मलयालम
  • बंगाली
  • असमिया
  • मराठी
  • कन्नड़
  • ओड़िआ
  • गुजराती
  • पंजाबी

BTech In Local Language IIT: मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा हासिल करें

अब छात्र अपनी प्राथमिक भाषा या मातृभाषा में तकनीकी शिक्षा ग्रहण कर सकेंगे, जिससे भाषा की बाधाएं कम होंगी और शिक्षण समावेशी बना रहेगा. नई शिक्षा नीति को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है. 

उद्योग के सहयोग को बढ़ावा 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि IIT युवा शिक्षण और शोध गतिविधियों में उद्योग के सहयोग को बढ़ावा देगा. इसका उद्देश्य तकनीक को उद्योग की आवश्यकताओं से जोड़ना और रिसर्च को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है. 

छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान 

इसके अलावा, छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने का निर्देश जारी किया गया. प्रत्येक छात्र का वार्षिक हेल्थ चेकअप सुनिश्चित किया जाएगा और संस्थानों में स्पोर्ट्स के लिए कोटा लागू कर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को पढ़ाई और खेल दोनों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. 

यह भी पढ़ें- दिल्ली की इस बड़ी यूनिवर्सिटी में Admission का सुनहरा मौका, 5 Special Course के लिए ऑफलाइन काउंसलिंग

विज्ञापन
Shambhavi Shivani

लेखक के बारे में

By Shambhavi Shivani

शाम्भवी शिवानी पिछले 3 सालों से डिजिटल मीडिया के साथ जुड़ी हुई हैं. उन्होंने न्यूज़ हाट और राजस्थान पत्रिका जैसी संस्था के साथ काम किया है. अभी प्रभात खबर की डिजिटल टीम के साथ जुड़कर एजुकेशन बीट पर काम कर रही हैं. शाम्भवी यहां एग्जाम, नौकरी, सक्सेस स्टोरी की खबरें देखती हैं. इसके अलावा वे सिनेमा और साहित्य में भी रुचि रखती हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola