झारखंड में मनरेगा के जॉब कार्डधारियों की सही तरीके से नहीं हो रही इंट्री, करीब 3 लाख ट्रांजेक्शन फेल, मजदूर परेशान

Darbhanga News :
Jharkhand news, dumka news, दुमका (आनंद जायसवाल) : मनरेगा की योजनाओं में बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर भी हैं, जिन्हें काम के बाद उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिली और लंबे समय से उन्हें अपने हक से वंचित रहना पड़ रहा है. इसकी एक बड़ी वजह जॉब कार्डधारियों के नाम, बैंक खाता संख्या और उनके आधार नंबर की सही इंट्री न होना है. गलत खाता संख्या और आधार नंबर रहने की वजह से पूरे राज्य में 2,79,995 (लगभग 2.80) ट्रांजेक्शन फेल रहे हैं. इससे लगभग 32 करोड़ 10 लाख 13 हजार 103 रुपये का भुगतान पाने से मनरेगा के मजदूर वंचित रहे हैं. हालांकि, कई बार ऐसे रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन पर संबंधित विभाग और कर्मियों ने काम किया है तथा भुगतान कराने के लिए कई प्रयास भी किये, तब जाकर यह आंकड़ा इतने में आकर टिका है.
Jharkhand news, dumka news, दुमका (आनंद जायसवाल) : मनरेगा की योजनाओं में बड़ी संख्या में ऐसे मजदूर भी हैं, जिन्हें काम के बाद उन्हें उनकी मजदूरी नहीं मिली और लंबे समय से उन्हें अपने हक से वंचित रहना पड़ रहा है. इसकी एक बड़ी वजह जॉब कार्डधारियों के नाम, बैंक खाता संख्या और उनके आधार नंबर की सही इंट्री न होना है. गलत खाता संख्या और आधार नंबर रहने की वजह से पूरे राज्य में 2,79,995 (लगभग 2.80) ट्रांजेक्शन फेल रहे हैं. इससे लगभग 32 करोड़ 10 लाख 13 हजार 103 रुपये का भुगतान पाने से मनरेगा के मजदूर वंचित रहे हैं. हालांकि, कई बार ऐसे रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन पर संबंधित विभाग और कर्मियों ने काम किया है तथा भुगतान कराने के लिए कई प्रयास भी किये, तब जाकर यह आंकड़ा इतने में आकर टिका है.
मनरेगा में रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन का यह मामला संताल परगना में भी कम नहीं है. संताल परगना में बड़ी राशि मजदूरों तक नहीं पहुंच सकी है. कई बार अपने बैंक खाते अपडेट कराने, रोजगार सेवक और प्रखंड के पदाधिकारियों का चक्कर काटने के बाद ऐसे मजदूर अब पैसे पाने की आस छोड़ चुके हैं. उन्हें कभी जानकारी भी नहीं मिल पा रही है कि किस वजह से उनके पसीने की कमाई सरकार- बैंक और लचर व्यवस्था के बीच फंसकर रह गया है. वर्ष 2016-17, 2017-18, 2018-19, 2019-20 की योजनाओं में भी काम करने वाले मजदूरों के पैसे रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन की वजह से अटके हुए हैं.
वित्तीय वर्ष : रिजेक्टेड ट्रांजेक्शन : राशि
2016-17 : 99,913 : 11,48,73,401
2017-18 : 38,990 : 4,27,16,243
2018-19 : 34,700 : 3,94,64,047
2019-20 : 46,309 : 5,25,46,432
2020-21 : 60,083 : 7,14,12,980
कुल : 2,79,995 : 32 करोड़ 10 लाख 13 हजार 103
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जिला : 2016-17 : 2017-18 : 2018-19 : 2019-20 : 2021-22
देवघर : 99,62,940 : 26,97,081 : 13,81,129 : 13,18,545 : 15,09,708
दुमका : 1,39,79,403 : 30,60,180 : 33,97,296 : 36,47,514 : 33,91,972
गोड्डा : 16,06,540 : 10,11,696 : 241,752 : 830,718 : 30,25,236
जामताड़ा : 13,48,024 : 143,634 : 777,168 : 17,44,029 : 21,95,498
पाकुड़ : 60,17,143 : 10,39,152 : 12,63,360 : 12,06,918 : 28,15,384
साहिबगंज : 2,22,78,585 : 12,72,577 : 690,480 : 16,36,299 : 19,55,576
पूरे राज्य में 60,44,184 लाख परिवार मनरेगा से जुड़े हुए हैं. मनरेगा के तहत अभी झारखंड में कई तरह की योजनाएं चल रही है. डोभा, सिंचाई कूप, पशु शेड, प्रधानमंत्री आवास जैसे काम तो चल ही रहे हैं. इसी महत्वपूर्ण योजना के जरिये दीदी- बाड़ी योजना, बिरसा हरित ग्राम योजना, वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना और नीलाम्बर-पीताम्बर जल समृद्धि योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं और मानव दिवस का सृजन किया जा रहा है.
Posted By : Samir Ranjan.
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