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बॉल ऑफ द सेंचुरी फेंकने वाले गेंदबाज शेन वार्न को लगता था सचिन तेंदुलकर से डर, धौनी के थे जबरा फैन

Updated at : 04 Mar 2022 9:59 PM (IST)
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बॉल ऑफ द सेंचुरी फेंकने वाले गेंदबाज शेन वार्न को लगता था सचिन तेंदुलकर से डर, धौनी के थे जबरा फैन

शेन वार्न पर सचिन तेंदुलकर के शाॅट्‌स का खौफ इस कदर हावी था कि वे सपने में भी उन्हें अपनी गेंद पर शाॅट्‌स लगाते देखते थे. वाॅर्न ने कहा था कि सचिन तेंदुलकर उनके सपने में आते हैं और उनकी गेंद पर छक्का जड़ते हैं.

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आस्ट्रेलिया के मशहूर क्रिकेटर शेन वार्न आज इस दुनिया को अलविदा कह गये. वे क्रिकेट जगत के ऐसे खिलाड़ी थे जिनकी तरह होना हर कोई चाहता था. ऐसे महान क्रिकेटर जिन्होंने बॉल ऑफ द सेंचुरी फेंकी थी, उन्हें क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर से डर लगता था.

सचिन का खौफ शेन वार्न पर था हावी

शेन वार्न पर सचिन तेंदुलकर के शाॅट्‌स का खौफ इस कदर हावी था कि वे सपने में भी उन्हें अपनी गेंद पर शाॅट्‌स लगाते देखते थे. वाॅर्न ने कहा था कि सचिन तेंदुलकर उनके सपने में आते हैं और उनकी गेंद पर छक्का जड़ते हैं. शेन वार्न पर सचिन तेंदुलकर का यह खौफ इसलिए हावी था क्योंकि 1998 के दौर में जब शेन वार्न का जादू सिर चढ़कर बोल रहा था उस वक्त सचिन ने शेन वार्न की जमकर धुनाई की थी.

धौनी के थे जबरा फैन

शेन वार्न भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान रहे महेंद्र सिंह धौनी के फैन थे. जब धौनी ने क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी, उस वक्त वार्न ने कहा था कि मैं उनसे फोन करके यह रिक्वेस्ट करूंगा कि वे ‘द हंड्रेड’ में खेलें.

थाईलैंड में पड़ा दिल का दौरा

गौरतलब है कि स्पिन गेंदबाजी को नयी परिभाषा देने वाले आस्ट्रेलिया के महान स्पिनर शेन वॉर्न का आज थाईलैंड में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. उनके प्रबंधन ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. उनके परिवार में दो बेटियां और एक बेटा है. वॉर्न के प्रबंधन ने आस्ट्रेलियाई मीडिया को एक संक्षिप्त बयान जारी किया है कि वॉर्न का थाईलैंड के कोह समुई में निधन हो गया है और संभवत: उन्हें दिल का दौरा पड़ा है .

फेंकी थी बॉल ऑफ द सेंचुरी

शेन वार्न ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 1992 में आस्ट्रेलिया के लिये पदार्पण किया था और 145 टेस्ट खेले और 708 विकेट लिये. वहीं 194 वनडे में 293 विकेट चटकाये. आईपीएल के पहले सत्र में 2008 में राजस्थान रॉयल्स ने उनकी कप्तानी में खिताब जीता था. उन्होंने 1993 में 24 वर्ष की उम्र में ओल्ड ट्रैफर्ड में जिस गेंद पर इंग्लैंड के माइक गैटिंग को आउट किया था , उसे ‘सदी की गेंद’ माना जाता है. गैटिंग उस लेग ब्रेक पर हैरान रह गए थे. गेंदबाजी की यह कला उस समय अंतिम सांसें ले रही थी जब वॉर्न ने उसे पुनर्जीवित किया.

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भारत में काफी लोकप्रिय थे

भारत में वह काफी लोकप्रिय थे और रवि शास्त्री उनका पहला टेस्ट विकेट थे. अपने मिजाज के कारण कई बार वह विवादों से भी घिर जाते थे. मसलन 1998 में मार्क वॉ और उन्हें पिच और मौसम के हालात की जानकारी एक सटोरिये को देने की एवज में पैसा लेने के लिये क्रिकेट आस्ट्रेलिया को जुर्माना देना पड़ा. दक्षिण अफ्रीका में 2003 विश्व कप से पहले वह प्रतिबंधित डायूरेटिक के सेवन के दोषी पाये गए . उनका हालांकि कहना था कि उनकी मां ने वजन कम करने के लिये उन्हें वह दवा दी थी. वह क्रिकेट में कोचिंग के खिलाफ थे और उनका मानना है कि क्रिकेट में मैनेजर होने चाहिये.

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