Chatra: पुलिस ने 3 घंटे में ही गुम हुए 5 साल के बच्चे को खोज निकाला, परिजनों ने ली राहत की सांस

बच्चे को उसके परिजनों को सौंपते पुलिस अधिकारी
Chatra: शिला थाना क्षेत्र में गुम हुए एक पांच साल के बच्चे को पुलिस ने 3 घंटे में ही खोज निकाला. बच्चे के मिलने से उसके माता-पिता ने राहत की सांस ली है.
मो तसलीम
Chatra: बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का एक ताजा उदाहरण सामने आया है. शिला थाना क्षेत्र के ईद गांव निवासी नागेश्वर भुइयां का 5 साल का बेटा आर्यन कुमार गुरुवार की शाम को लापता हो गया था. काफी खोजबीन के बावजूद देर शाम करीब 6:30 बजे तक बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला, जिसके बाद परिजनों ने शिला ओपी को इसकी सूचना दी. सूचना मिलते ही शिला ओपी प्रभारी हरीशचंद्र तिरवार ने सीनियर पदाधिकारियों को जानकारी देते हुए ओपी में बहाल सभी पुलिस पदाधिकारियों, जवानों व चौकीदारों के साथ तुरंत ही खोजबीन अभियान शुरू कर दिया.
कई टीम बनाकर पुलिस ने शुरू की खोज
पुलिस टीम ने अलग-अलग दिशाओं में कड़ी तलाशी अभियान चलाया. खोजबीन के दौरान पिरी जंगल में सड़क किनारे एक बच्चा रोते हुए मिला, जो नंगे पैर था और केवल गंजी पहने हुए था. बच्चे को देख वहां से गुजर रहे लोग भी रुक गए. स्थानीय लोगों के सहयोग से बच्चे की पहचान कर उसके परिजनों का पता लगाया गया और करीब तीन घंटे के अंदर आर्यन कुमार को सकुशल उसके माता-पिता को सौंप दिया गया.
बहन के पीछे-पीछे गया था बच्चा
बच्चे के पिता नागेश्वर भुइयां व मां छोटिया देवी ने बताया कि शाम के समय आर्यन की बड़ी बहन कुमकुम कुमारी अपनी नानी के घर टीकुलिया (सिमरिया) के लिए निकली थी. उन्होंने बताया कि हो सकता है उसी का पीछा करते हुए आर्यन घर से निकल गया और करीब सात किलोमीटर दूर पिरी जंगल तक पहुंचकर भटक गया. बच्चे की सुरक्षित बरामदगी होने पर परिजनों ने राहत की सांस ली. इस प्रकार पुलिस की तत्परता से कुछ अनहोनी होने से पहले की बच्चे को उनके माता-पिता से मिला दिया गया.
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By AmleshNandan Sinha
अमलेश नंदन सिन्हा प्रभात खबर डिजिटल में वरिष्ठ पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता में 20 से अधिक वर्षों का अनुभव है. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद से इन्होंने कई समाचार पत्रों के साथ काम किया. इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत रांची एक्सप्रेस से की, जो अपने समय में झारखंड के विश्वसनीय अखबारों में से एक था. एक दशक से ज्यादा समय से ये डिजिटल के लिए काम कर रहे हैं. झारखंड की खबरों के अलावा, समसामयिक विषयों के बारे में भी लिखने में रुचि रखते हैं. विज्ञान और आधुनिक चिकित्सा के बारे में देखना, पढ़ना और नई जानकारियां प्राप्त करना इन्हें पसंद है.
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