नए साल में बदलेगा इंजीनियरिंग ट्रेंड, CS-ECE नहीं अब Mechanical Engineering सबसे आगे

Engineering Trend 2026 : स्टूडेंट की सांकेतिक फोटो (AI Generated)
Engineering Trend 2026: इंजीनियरिंग का ट्रेंड अब बदल रहा है और मैकेनिकल इंजीनियरिंग फिर से एक मजबूत ऑप्शन बनकर सामने आ रहा है. बढ़ती इंडस्ट्री डिमांड और कोर सेक्टर की जरूरतों के कारण अब स्टूडेंट्स इसे नए तरीके से देख रहे हैं. अगर आप एक स्टेबल और अच्छा करियर चाहते हैं, तो मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स एक बेहतर ऑप्शन रहेगा.
Engineering Trend 2026: पिछले कुछ सालों में BTech में कंप्यूटर साइंस (CS) और इलेक्ट्रॉनिक्स (ECE) सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे थे लेकिन 2026 आते-आते ट्रेंड बदलता नजर आ रहा है. अब मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Engineering Trend 2026) फिर से स्टूडेंट्स की टॉप चॉइस बनकर उभर रही है. ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, EV, रोबोटिक्स और एयरोस्पेस जैसे सेक्टर में बढ़ते डिमांड ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग को दोबारा मजबूत बना दिया है. आइए इस आर्टिकल के जरीए जानते हैं कि मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स में क्या स्कोप है.
Engineering Trend 2026: मैकेनिकल इंजीनियरिंग क्यों बनेगी टॉप चॉइस ?
इंडिया में Electrical Vehicles, हाइब्रिड कार और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से बढ़ रही है. इन सभी सेक्टर्स में मैकेनिकल इंजीनियर्स की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. CS और IT सेक्टर में कंपटीशन बहुत ज्यादा हो गया है जबकि मैकेनिकल इंजीनियरिंग में कोर जॉब जैसे डिजाइन इंजीनियर, प्रोडक्शन और मेंटेनेंस इंजीनियर की डिमांड लगातार बनी हुई है.
अब मैकेनिकल इंजीनियरिंग (Engineering Trend 2026) सिर्फ मशीनों तक लिमिटेड नहीं रही है. रोबोटिक्स, AI बेस्ड मशीन और ऑटोमेशन में मैकेनिकल स्टूडेंट्स का रोल इंपोर्टेंट हो गया है. गवर्नमेंट के Make in India और Atmanirbhar Bharat जैसे अभियानों में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में नए प्लांट खुल रहे हैं, जहां मैकेनिकल इंजीनियर्स की डिमांड बढ़ रही है
मैकेनिकल इंजीनियरिंग के बाद करियर स्कोप
मैकेनिकल इंजीनियरिंग कोर्स करने के बाद स्टूडेंट्स ऑटोमोबाइल कंपनियां, एयरोस्पेस एंड डीफेंस, पावर प्लांट्स, ऑइल एंड गैस सेक्टर, PSU जॉब, EV, रोबोटिक्स और ऑटोमेशन जैसे इन सेक्टर में करियर बना सकते हैं.
मैकेनिकल इंजीनियर्स की सैलरी
मैकेनिकल इंजीनियर की सैलरी एक्सपिरियंस, कंपनी और जगह के आधार पर अलग-अलग होती है. फ्रेशर की स्टार्टिंग सैलरी लगभग 2.4 लाख से 4 लाख प्रतिवर्ष होती है जबकि कुछ साल के एक्सपिरियंस के बाद सैलरी लगभग 8 लाख से 15 लाख या उससे ज्यादा भी हो सकती है.
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लेखक के बारे में
By Smita Dey
स्मिता दे प्रभात खबर में डिजिटल कंटेंट क्रिएटर के तौर पर काम कर रही हैं. बुक्स पढ़ना, डांसिंग और ट्रैवलिंग का शौक रखने वाली स्मिता युवाओं को बेहतर करियर गाइड करना और नौकरी के लिए प्रोत्साहित करना पसंद करती हैं.
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