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Year Ender: चांदी ने सोने और शेयर बाजार को दी पटखनी! साल 2025 में कीमतों में 130% उछाल

Updated at : 23 Dec 2025 5:12 PM (IST)
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Year Ender

साल 2025 में चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल दर्ज.

Year Ender: साल 2025 में चांदी ने निवेशकों को चौंकाने वाला रिटर्न दिया है. वैश्विक अनिश्चितताओं, औद्योगिक मांग और आपूर्ति में लगातार कमी के कारण चांदी की कीमतों में 130% से अधिक की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई. जहां सोना और शेयर बाजार सीमित रिटर्न दे पाए, वहीं चांदी निवेश का सबसे मजबूत विकल्प बनकर उभरी. विशेषज्ञों के मुताबिक 2026 में भी चांदी में 15 से 20% तक की अतिरिक्त तेजी की संभावना बनी हुई है.

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Year Ender: साल 2025 निवेश और निवेशकों को रिटर्न देने के लिहाज से चांदी का नाम सबसे टॉप पर रहा. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनाव और औद्योगिक मांग में जबरदस्त उछाल के बीच चांदी ने रिटर्न के मामले में न केवल पारंपरिक सुरक्षित निवेश सोने को, बल्कि शेयर बाजार को भी जोरदार पटखनी दी है. जहां सोने ने इस साल करीब 70% का रिटर्न दिया, वहीं चांदी में 130% से अधिक की ऐतिहासिक तेजी दर्ज की गई.

घरेलू बाजार में चांदी ने बनाया नया रिकॉर्ड

अखिल भारतीय सर्राफा संघ (एआईबीए) के अनुसार, दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को चांदी की कीमत 10,400 रुपये की तेजी के साथ 2,14,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) के अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई. साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी 2025 को चांदी का भाव 90,500 रुपये प्रति किलोग्राम था. इस तरह पूरे साल में चांदी की कीमत में 1,24,000 रुपये या लगभग 137% की बढ़ोतरी दर्ज की गई.

अंतरराष्ट्रीय बाजार और रुपये की कमजोरी का असर

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स लिमिटेड के निदेशक (जिंस एवं मुद्रा) नवीन माथुर के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में चांदी ने अब तक 130% से अधिक का रिटर्न दिया है. डॉलर के मुकाबले रुपये में 5% से ज्यादा की गिरावट के कारण एमसीएक्स वायदा बाजार में चांदी का कुल रिटर्न लगभग 138% तक पहुंच गया है. रुपये की कमजोरी ने घरेलू कीमतों को और अधिक समर्थन दिया.

कैसा रहा निवेशकों का रुझान

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकारी बॉन्ड और मुद्राओं से अपेक्षित रिटर्न कम होने के कारण निवेशकों का एक बड़ा वर्ग वैकल्पिक निवेश विकल्पों की ओर बढ़ा है. चांदी इस बदलाव की सबसे बड़ी लाभार्थी बनकर उभरी है. सुरक्षित निवेश के साथ-साथ औद्योगिक उपयोग वाली इस धातु ने निवेशकों को दोहरा फायदा दिया.

औद्योगिक मांग ने बढ़ाई चांदी की चमक

मेहता इक्विटीज लिमिटेड के उपाध्यक्ष (जिंस) राहुल कलंत्री ने कहा कि चांदी में आई तेजी सट्टेबाजी नहीं, बल्कि संरचनात्मक कारणों का परिणाम है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी), सौर ऊर्जा और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़े उद्योगों में चांदी की मांग लगातार बढ़ रही है. इन क्षेत्रों में तकनीकी विकास ने चांदी को रणनीतिक धातु बना दिया है.

आपूर्ति संकट ने कीमतों को दिया मजबूत आधार

चांदी उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले वैश्विक संगठन सिल्वर इंस्टिट्यूट के अनुमान के अनुसार, चांदी की आपूर्ति में लगातार पांचवें वर्ष करीब 9.5 करोड़ औंस की कमी बनी हुई है. यह आपूर्ति संकट आने वाले वर्षों में भी कीमतों के लिए मजबूत आधार तैयार करता है. सीमित खनन उत्पादन और बढ़ती मांग के बीच यह अंतर चांदी को दीर्घकालिक निवेश के रूप में मजबूत बनाता है.

गोल्ड-सिल्वर रेशियो में गिरावट क्या बताती है?

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने-चांदी के अनुपात (गोल्ड-सिल्वर रेशियो) में तेज गिरावट यह संकेत देती है कि चांदी की कीमत सोने की तुलना में अधिक तेजी से बढ़ रही है. यह निवेशकों में जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति को दर्शाता है और यह भी बताता है कि मौजूदा दौर में चांदी सोने के मुकाबले बेहतर रिटर्न का अवसर दे रही है.

शेयर बाजार और सोने से चांदी का बेहतर प्रदर्शन

19 दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक, सोने ने जहां लगभग 72% का रिटर्न दिया. वहीं, इक्विटी बाजार में निफ्टी 50 और निफ्टी 500 ने क्रमशः 7.0% और 5.1% का ही रिटर्न दिया. इस तुलना में चांदी का प्रदर्शन असाधारण रहा.

2026 के लिए क्या है चांदी का आउटलुक?

विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में चांदी से 15 से 20% तक की अतिरिक्त तेजी संभव है. हालांकि, नवीन माथुर चेतावनी देते हैं कि 2025 जैसे असाधारण रिटर्न की उम्मीद करना यथार्थवादी नहीं होगा. उनका सुझाव है कि कीमतों में 5 से 8% की गिरावट आने पर चरणबद्ध निवेश करना बेहतर रणनीति होगी.

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सुरक्षित निवेश से आगे बढ़ती चांदी

कुल मिलाकर, चांदी अब केवल एक सुरक्षित निवेश विकल्प नहीं रह गई है, बल्कि यह औद्योगिक विकास की रीढ़ बनती जा रही है. मजबूत मांग, सीमित आपूर्ति और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां चांदी को आने वाले वर्षों में भी निवेशकों की पसंद बनाए रख सकती हैं. हालांकि, अस्थिरता को ध्यान में रखते हुए अनुशासित और पेशेवर सलाह के साथ निवेश करना ही समझदारी होगी.

भाषा इनपुट के साथ

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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