PPF खाते को बंद करने या रिवाइव करने की क्या है प्रक्रिया, खाते की मियाद पूरी होने पर क्या करें? ...जानें

नयी दिल्ली : कम बचत में निवेश के सभी बेहतर उत्पादों में एक है पीपीएफ यानी प्रोविडेंट फंड. बेहतर रिटर्न के साथ पीपीएफ में निवेश के जरिये आयकर का भी लाभ भी मिलता है. हालांकि, केवल कुछ सीमित निवेश में ही यह प्राप्त होता है. निवेश में कर छूट, रिटर्न में छूट, परिपक्वता में छूट या निकासी लाभ की सुविधा के कारण ही पीपीएफ आज भारत में सबसे अच्छा टैक्स बचत निवेश का विकल्प बन गया है.
नयी दिल्ली : कम बचत में निवेश के सभी बेहतर उत्पादों में एक है पीपीएफ यानी प्रोविडेंट फंड. बेहतर रिटर्न के साथ पीपीएफ में निवेश के जरिये आयकर का भी लाभ भी मिलता है. हालांकि, केवल कुछ सीमित निवेश में ही यह प्राप्त होता है. निवेश में कर छूट, रिटर्न में छूट, परिपक्वता में छूट या निकासी लाभ की सुविधा के कारण ही पीपीएफ आज भारत में सबसे अच्छा टैक्स बचत निवेश का विकल्प बन गया है.
खाताधारक अगर खाते को बंद करना चाहता है, तो जिस डाकघर या बैंक की शाखा में खाता खोला गया है, वहां जाकर जमा राशि को निकालने के बाद इसे बंद करने के लिए लिखित आवेदन देकर बंद किया जा सकता है. खाता बंद करने के लिए मूल पासबुक जमा करना होता है. साथ ही जिस खाते में राशि स्थानांतरित करना हो, उस खाते का विवरण भी देना होता है. साथ ही खाताधारक को अपनी पहचान के प्रपत्र जमा करना होता है.
पीपीएफ खाताधारक यदि किसी भी वित्तीय वर्ष में न्यूनतम राशि का योगदान करने में विफल रहता है, तो खाते को बंद कर दिया जाता है. इसके साथ ही खाताधारक की निकासी की सुविधा समाप्त हो जाती है. ऐसी परिस्थिति में खाताधारक अपने पीपीएफ खाते पर ऋण नहीं ले सकता है.
खाताधारक यदि बंद खाते को पुनर्जीवित करना चाहता है, तो परिपक्वता तिथि से पहले किसी भी समय इसे पुनर्जीवित किया जा सकता है. इसके लिए खाताधारक को खाता खोले गये अपने बैंक या डाकघर की शाखा में लिखित आवेदन जमा कर खाते को पुनर्जीवित किया जा सकता है. इसके लिए खाताधारक को प्रतिवर्ष के लिए 50 रुपये का जुर्माने के साथ बकाया भुगतान के रूप में प्रतिवर्ष के लिए न्यूनतम राशि 500 रुपये और खाते को पुनर्जीवित करनेवाले वर्ष के लिए भी न्यूनतम 500 रुपये की राशि का भुगतान करना होता है.
सामान्य मामलों में 15 वर्ष से पहले खाताधारक पीपीएफ खाते को समयपूर्व बंद नहीं कर सकता है. हालांकि, उच्च शिक्षा या आपात चिकित्सा स्थिति जैसे अत्यधिक जरूरत पड़ने पर पीपीएफ खाते को समय पूर्व बंद करने की अनुमति दी जा सकती है. हालांकि, पीपीएफ खाता को पांच वर्ष से पहले अनिवार्य रूप से बंद नहीं किया जा सकता है.
पीपीएफ खाते में 15 साल की मियाद होती है. मैच्योरिटी पूरी होने पर खाताधारक को दो विकल्प मिलते हैं. मियाद पूरी होने पर खाताधारक खाते से अपनी पूरी राशि निकाल कर खाता बंद कर सकता है. वहीं, खाताधारक को दूसरा विकल्प मिलता है कि मियाद पूरी होने पर पांच वर्ष के ब्लॉक में खाते को चालू रख सकता है.
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