ePaper

Voter ID Card: जान ले भारत, पैन-आधार अब नहीं रहे पहचानी दस्तावेज, सरकार ने लगाई मुहर

Updated at : 25 May 2025 3:27 PM (IST)
विज्ञापन
Voter ID Card

Voter ID Card

Voter ID Card: केंद्र सरकार ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है. देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों के खिलाफ अभियान की तैयारी की जा रही है. अब भारतीय नागरिकता के प्रमाण के रूप में आधार कार्ड, पैन कार्ड या राशन कार्ड नहीं बल्कि मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी और पासपोर्ट) को ही मान्यता दी जाएगी.

विज्ञापन

Voter ID Card: केंद्र सरकार ने नागरिकता प्रमाणन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है, जिसके तहत अब भारतीय नागरिकता के प्रमाण के रूप में केवल मतदाता पहचान पत्र (वोटर आईडी) या पासपोर्ट को ही मान्य माना जाएगा. आधार कार्ड, पैन कार्ड और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज अब नागरिकता के वैध प्रमाण नहीं माने जाएंगे. यह कदम विशेष रूप से अवैध प्रवासियों की पहचान और उन्हें रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. 

क्या है मामला  

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हाल ही में हुए वेरिफिकेशन ड्राइव के दौरान यह पाया गया कि कई अवैध प्रवासियों, विशेषकर बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों ने आधार, राशन और पैन कार्ड जैसे दस्तावेज प्राप्त कर लिए थे और उनका उपयोग भारतीय नागरिकता का झूठा दावा करने के लिए कर रहे थे.  इसलिए, अब केवल वोटर आईडी या पासपोर्ट को ही नागरिकता के प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाएगा. 

क्या है नियम के पीछे की वजह  

केंद्र सरकार द्वारा यह निर्णय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अवैध नागरिकों की पहचान के लिए उठाया गया है, जिससे देश की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने वोटर आईडी या पासपोर्ट को अपडेट और सुरक्षित रखें, क्योंकि भविष्य में विभिन्न सरकारी सेवाओं और प्रक्रियाओं में इन्हें ही प्राथमिकता दी जाएगी. गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “अभी तक कई ऐसे मामले सामने आए हैं जहां विदेशी नागरिकों ने फर्जी दस्तावेज के जरिए भारतीय नागरिकता के लाभ उठाए हैं. अब इससे सख्ती से निपटा जाएगा. ”

Also Read: Zomato ने लंबी दूरी की डिलीवरी पर लगाया अडिशनल चार्ज, कंपनी के फैसले से भड़के रेस्टोरेंट्स

क्या होगा असर

इस फैसले से उन लोगों पर प्रभाव पड़ेगा जो अब तक आधार या पैन कार्ड को नागरिकता का सबूत मानते रहे हैं. सरकार का तर्क है कि आधार और पैन पहचान का माध्यम तो हैं, लेकिन ये नागरिकता के प्रमाण नहीं हैं. यह कदम देश की सुरक्षा और जनसंख्या प्रबंधन की दिशा में एक निर्णायक मोड़ माना जा रहा है. आने वाले दिनों में इस नीति के जरिए प्रशासन को नागरिकता से जुड़ी पारदर्शिता लाने में मदद मिलेगी. 

Also Read: Adani Group: पूर्वोत्तर के नए युग की शुरुआत,अदाणी समूह करेगा 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश 

विज्ञापन
Sakshi Sinha

लेखक के बारे में

By Sakshi Sinha

Sakshi Sinha is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola