सेबी की चेयरपर्सन का बड़ा बयान, आईपीओ फंड के दुरुपयोग पर निवेश बैंकर सतर्क रहें
Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 21 Jan 2025 7:46 PM
सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच.
IPO Funds Misuse: सेबी का यह कदम भारतीय बाजारों में पारदर्शिता और विश्वास बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है. आईपीओ फंड के दुरुपयोग को रोकने के लिए सेबी ने निवेश बैंकरों और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी है. इससे न केवल कंपनियों की जवाबदेही बढ़ेगी, बल्कि निवेशकों के हित भी सुरक्षित रहेंगे.
IPO Funds Misuse: भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने हाल ही में एक बड़ी चेतावनी जारी की है. उन्होंने निवेश बैंकरों को निर्देश दिया है कि वे ऐसी कंपनियों को पूंजी बाजार तक पहुंचने से रोकें, जो IPO (Initial Public Offering) के फंड का दुरुपयोग कर रही हैं। यह बयान उन्होंने भारतीय निवेश बैंकर संघ (AIBI) के एक कार्यक्रम में दिया.
SEBI की बड़ी चेतावनी: ‘पंप एंड डंप’ कंपनियों को बाजार में न लाएं
बुच ने कहा कि निवेश बैंकरों को इस बात का पूरी तरह अंदाजा होता है कि वे किस कंपनी को बाजार में ला रहे हैं. उन्होंने साफ कहा, “आपको खराब कंपनियों को बाजार में लाने से बचना चाहिए.”
- पंप एंड डंप स्कीम: इसमें IPO के दौरान शेयर के दाम कृत्रिम रूप से बढ़ाए जाते हैं. प्रवर्तक जल्दी मुनाफा कमाने के लिए अपने शेयर बेच देते हैं, जिससे निवेशकों को बड़ा नुकसान होता है.
- संदेहजनक संकेत: बैंकर को दी जाने वाली ऊंची फीस, कंपनी के कर्मचारियों की कमी, या बैंकरों द्वारा कंपनी की इकाइयों का दौरा न करना, ऐसे संकेत हैं जो बताते हैं कि कंपनी के इरादे सही नहीं हैं.
SEBI ने पाया IPO फंड का ‘घोर दुरुपयोग’
माधबी पुरी बुच ने यह भी बताया कि SEBI ने कुछ कंपनियों द्वारा IPO से जुटाए गए फंड का गंभीर दुरुपयोग पाया है.
कैसे किया गया दुरुपयोग?
- IPO फंड को विदेशी बाजारों में भेजा गया.
- सॉफ्टवेयर या ऐप जैसी अमूर्त वस्तुओं के फर्जी अधिग्रहण का दिखावा किया गया.
- इन फंड्स का असल उपयोग कुछ और ही किया गया.
बुच ने इस संदर्भ में SEBI की भूमिका को “हॉस्पिटल के डॉक्टर” से तुलना की, जो कंपनियों के गलत कामों की जांच करता है और कार्रवाई करता है.
IPO की फंडिंग में पारदर्शिता जरूरी
SEBI प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय बाजार अब परिपक्व हो गए हैं, लेकिन कानून का पालन केवल शब्दों में नहीं, भावना में भी किया जाना चाहिए. उन्होंने निवेश बैंकरों से आग्रह किया कि वे IPO से संबंधित कंपनियों की पूरी जांच करें और सुनिश्चित करें कि फंड का उपयोग सही तरीके से हो.
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निवेशकों के लिए सतर्कता के संकेत
- IPO में निवेश करने से पहले कंपनी की बैकग्राउंड और वित्तीय स्थिति की गहराई से जांच करें.
- ऐसे IPO से बचें, जहां अचानक अत्यधिक प्रचार हो.
- SEBI द्वारा लाए गए नए दिशा-निर्देशों और उनके सुझावों का पालन करें.
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By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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