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SBI-PNB को बड़ी राहत, कर्नाटक सरकार ने लेनदेन पर रोक का आदेश टाला

Updated at : 17 Aug 2024 12:32 PM (IST)
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SBI-PNB को बड़ी राहत, कर्नाटक सरकार ने लेनदेन पर रोक का आदेश टाला

कर्नाटक सरकार ने एसबीआई और पीएनबी से लेनदेन पर रोक के आदेश को स्थगित किया.

SBI-PNB: कर्नाटक सरकार ने कहा कि लोक लेखा समिति की टिप्पणियों और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में शामिल निष्कर्षों के आधार पर 12 अगस्त को सर्कुलर जारी किया गया था. उसमें सभी विभागों को अपनी जमा राशि वापस लेने समेत एसबीआई और पीएनबी की सभी शाखाओं में आगे जमा राशि प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया था.

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SBI-PNB: भारतीय स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) और पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) को कर्नाटक सरकार की ओर से बड़ी राहत मिली है. सरकार ने फिलहाल अपने विभागों और सार्वजनिक इकाइयों को दोनों बैंकों के साथ सभी कारोबारी लेनदेन पर रोक के आदेश को टाल दिया है. मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के साथ बातचीत के दौरान दोनों सरकारी बैंकों के अधिकारियों के अनुरोध के बाद यह कदम उठाया गया है. सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि अभी इन दोनों सरकारी बैंकों को 15 दिन की मोहलत दी गई है.

सिद्धरमैया ने 15 दिन की दी मोहलत

कर्नाटक सरकार की ओर से जारी किए गए बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने सार्वजनिक क्षेत्र के दोनों बैंकों की तरफ से किए गए अनुरोध पर गौर करने के लिए इस फैसले को 15 दिन के लिए स्थगित करने का फैसला किया है. इससे पहले राज्य सरकार ने 12 अगस्त 2024 को जारी एक सर्कुलर में एसबीआई और पीएनबी के साथ सभी तरह का सरकारी लेनदेन बंद करने का आदेश अपने सभी विभागों, बोर्ड, निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों और विश्वविद्यालयों को दिया था. राज्य सरकार ने एक बयान में कहा कि बैंकों के अनुरोधों पर विचार करने के बाद मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने वित्त विभाग के अधिकारियों को दिए गए सर्कुलर में आदेश को 15 दिन के लिए स्थगित रखने का निर्देश दिया है.

हालात पर नजर बनाए रखेगी सरकार

सरकार के बयान में कहा गया है कि पिछले सर्कुलर को स्थगित रखने से बैंकों को संबंधित मुद्दों को संबोधित करने और सरकार की चिंताएं दूर करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. बयान के मुताबिक, सरकार अपने सभी लेन-देन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है. सरकार ने कहा कि हम स्थिति की निगरानी करना जारी रखेंगे और सभी हितधारकों के हितों की रक्षा के लिए उचित कार्रवाई करें.

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लोक लेखा समिति और कैग की रिपोर्ट में की गई थी सिफारिश

कर्नाटक सरकार ने कहा कि लोक लेखा समिति की टिप्पणियों और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में शामिल निष्कर्षों के आधार पर 12 अगस्त को सर्कुलर जारी किया गया था. उसमें सभी विभागों को अपनी जमा राशि वापस लेने समेत एसबीआई और पीएनबी की सभी शाखाओं में आगे जमा राशि प्रतिबंधित करने का निर्देश दिया गया था. बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई बैंक शाखाओं में कथित धोखाधड़ी के जवाब में की गई थी, जिसके परिणामस्वरूप कर्नाटक राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (केएसपीसीबी) और कर्नाटक औद्योगिक क्षेत्र विकास बोर्ड (केआईएडीबी) द्वारा की गई सावधि जमा राशि का पुनर्भुगतान नहीं किया गया.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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