रुपये की रफ्तार के आगे डॉलर पड़ा कमजोर, भारतीय मुद्रा ने लगाई 73 पैसे जोरदार छलांग

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अंतरबैंकिंग विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती आई.

Rupee vs Dollar: रुपये ने बुधवार को डॉलर के मुकाबले 73 पैसे की जोरदार छलांग लगाई और 88.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. आरबीआई के संभावित हस्तक्षेप, कमजोर डॉलर, कच्चे तेल की घटती कीमतों और विदेशी निवेश में बढ़ोतरी से भारतीय मुद्रा को मजबूती मिली. सेंसेक्स और निफ्टी में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिससे रुपये की रफ्तार और तेज हुई. विशेषज्ञों के अनुसार, निकट भविष्य में रुपया मजबूत रुख बनाए रख सकता है.

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Rupee vs Dollar: अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बुधवार को रुपये की रफ्तार के आगे अमेरिकी मुद्रा डॉलर का दम निकलने लगा. विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में भारतीय रुपया 73 पैसे की शानदार तेजी के साथ 88.08 प्रति डॉलर पर बंद हुआ. यह लगभग चार महीनों में एक दिन में दर्ज की गई सबसे बड़ी बढ़त है. इस मजबूती के पीछे भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के संभावित हस्तक्षेप, घरेलू बाजारों में तेजी और डॉलर की कमजोरी जैसे कारक प्रमुख रहे.

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घरेलू बाजार और व्यापार वार्ता से मिला समर्थन

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, भारत और अमेरिका के बीच चल रही व्यापार वार्ता में सकारात्मक संकेतों से बाजार में उत्साह देखने को मिला. घरेलू शेयर बाजार में लगभग 0.70% की तेजी दर्ज की गई, जिसका असर मुद्रा विनिमय दर पर भी पड़ा. इस उछाल ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और रुपया डॉलर के मुकाबले मजबूत होकर उभरा.

कमजोर डॉलर और कच्चे तेल में गिरावट का असर

डॉलर सूचकांक में कमजोरी और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में रातोंरात गिरावट ने रुपये को अतिरिक्त सहारा दिया. ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 0.19% की गिरावट के साथ 62.27 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया. तेल की कीमतों में कमी भारत जैसे आयातक देशों के लिए सकारात्मक मानी जाती है, क्योंकि इससे चालू खाते के घाटे पर दबाव घटता है और मुद्रा को स्थिरता मिलती है.

रुपये की ट्रेडिंग रेंज और प्रदर्शन

कारोबार की शुरुआत में रुपया डॉलर के मुकाबले 88.74 पर खुला और कारोबार के दौरान 88 के स्तर से नीचे चला गया. दिनभर की ट्रेडिंग में यह 87.93 प्रति डॉलर के उच्च स्तर तक पहुंचा और अंत में 88.08 पर बंद हुआ. मंगलवार को रुपया 13 पैसे गिरकर 88.81 के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ था. इस लिहाज से बुधवार का सत्र भारतीय मुद्रा के लिए बेहद सकारात्मक रहा.

विश्लेषकों की राय

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, ‘‘रुपये में आज जो उल्लेखनीय तेजी आई, वह जून के बाद से सबसे बड़ी बढ़त है. यह तेजी मुख्य रूप से आरबीआई के हस्तक्षेप, डॉलर सूचकांक में नरमी, कच्चे तेल की कम कीमतों और विदेशी पूंजी प्रवाह में वृद्धि के कारण आई.’’ वहीं, मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और घरेलू बाजारों की मजबूती से रुपया आने वाले दिनों में भी सकारात्मक रुख बनाए रख सकता है. उन्होंने अनुमान लगाया कि डॉलर-रुपया का हाजिर भाव 87.70 से 88.40 के बीच रह सकता है.

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शेयर बाजार से मिला मजबूत समर्थन

घरेलू शेयर बाजार में भी बुधवार को शानदार तेजी दर्ज की गई. बीएसई सेंसेक्स 575.45 अंक बढ़कर 82,605.43 अंक पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 178.05 अंक की छलांग लगाकर 25,323.55 पर पहुंच गया. विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लिवाली ने इस तेजी को मजबूती दी. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, एफआईआई ने बुधवार को 68.64 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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