मिडिल ईस्ट वॉर के बीच सरकार ने दिया 497 करोड़ का ‘RELIEF’

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RELIEF Scheme

मिडिल ईस्ट वॉर के बीच सरकार ने दिया 497 करोड़ का ‘RELIEF’ (फोटो /Canva)

RELIEF Scheme: पश्चिम एशिया युद्ध से परेशान एक्सपोर्टर्स के लिए सरकार ने 497 करोड़ की ‘RELIEF’ स्कीम शुरू की है. इसमें बीमा कवरेज और भाड़े में 50 लाख तक की मदद शामिल है.

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RELIEF Scheme: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने भारतीय व्यापारियों की कमर तोड़ दी है. माल ढुलाई (freight) और ईंधन के दाम लगभग दोगुने हो गए हैं. इसी मुश्किल वक्त में केंद्र सरकार ने 497 करोड़ रुपये की ‘RELIEF’ स्कीम का एलान किया है, ताकि हमारे एक्सपोर्टर्स को डूबने से बचाया जा सके.

क्या है यह ‘RELIEF’ स्कीम ?

वाणिज्य मंत्रालय (Commerce Ministry) पीयूष गोयल ने यह कदम उन व्यापारियों के लिए उठाया है जिनका माल सऊदी अरब, यूएई, इजरायल, ईरान और कतर जैसे 17-18 देशों में जाता है. युद्ध की वजह से कई शिपमेंट बीच में फंसे हैं या उनकी लागत बहुत बढ़ गई है.

स्कीम के 3 सबसे बड़े फायदे

  • बीमा का पूरा कवच (100% रिस्क कवर): जिन एक्सपोर्टर्स ने 14 फरवरी से 15 मार्च 2026 के बीच माल भेजा है और उनके पास क्रेडिट इंश्योरेंस है, उन्हें अब 100% रिस्क कवरेज मिलेगा. यानी नुकसान होने पर पूरा पैसा सुरक्षित रहेगा.
  • भविष्य के लिए मदद: अगले तीन महीनों (15 जून 2026 तक) के लिए भेजे जाने वाले माल पर सरकार 95% रिस्क कवरेज में मदद करेगी, ताकि व्यापारियों का हौसला बना रहे.
  • छोटे व्यापारियों (MSMEs) को नकद राहत: ऐसे छोटे व्यापारी जिन्होंने बीमा नहीं लिया था लेकिन वे भारी-भरकम भाड़े और खर्चे से परेशान हैं, उन्हें सरकार 50% तक की भरपाई (अधिकतम 50 लाख रुपये प्रति एक्सपोर्टर) करेगी.

कॉमर्स सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल के मुताबिक, “एक्सपोर्टर्स काफी डरे हुए हैं. कई जगहों पर चावल के कंटेनर फंसे हुए हैं और बंदरगाहों पर लगने वाला एक्स्ट्रा चार्ज (Demurrage) बढ़ता जा रहा है.” सरकार का लक्ष्य है कि इस संकट की घड़ी में नौकरियां बची रहें और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारत की पकड़ कमजोर न हो.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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