घाटे वाले शेयर भी बचाएंगे आपका टैक्स, जानिए कैसे!

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Tax Harvesting

टैक्स हार्वेस्टिंग से ऐसे बचाएं अपना लाखों का टैक्स (फोटो/Canva)

Tax Harvesting: मार्च का महीना आते ही निवेश की दुनिया में ‘टैक्स हार्वेस्टिंग’ की चर्चा शुरू हो जाती है. सीधे शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी तकनीक है जिससे आप अपने निवेश पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकते हैं. यह काम कैसे करता है ? मान लीजिए आपने किसी शेयर से मुनाफा […]

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Tax Harvesting: मार्च का महीना आते ही निवेश की दुनिया में ‘टैक्स हार्वेस्टिंग’ की चर्चा शुरू हो जाती है. सीधे शब्दों में कहें तो यह एक ऐसी तकनीक है जिससे आप अपने निवेश पर लगने वाले टैक्स को कम कर सकते हैं.

यह काम कैसे करता है ?

मान लीजिए आपने किसी शेयर से मुनाफा कमाया है, जिस पर आपको टैक्स देना है. वहीं दूसरी ओर, आपके पास कुछ ऐसे शेयर भी हैं जो घाटे (Loss) में चल रहे हैं.

  • टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग: आप घाटे वाले शेयर बेचकर उस नुकसान को अपने मुनाफे के सामने दिखा देते हैं. इससे आपका कुल मुनाफा कम हो जाता है और आपको कम टैक्स भरना पड़ता है.
  • टैक्स गेन हार्वेस्टिंग: नियम के मुताबिक, साल में 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म मुनाफा (LTCG) टैक्स-फ्री होता है. आप शेयर बेचकर यह मुनाफा बुक कर सकते हैं और फिर से वही पैसा निवेश कर सकते हैं. इससे भविष्य के लिए आपकी निवेश लागत (Cost) बढ़ जाएगी और आगे चलकर टैक्स कम लगेगा.

ध्यान रखने वाली 5 जरूरी बातें

  • डेडलाइन: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए यह काम आपको 31 मार्च 2026 से पहले करना होगा. आखिरी दिन की भीड़ से बचने के लिए इसे अभी कर लेना बेहतर है.
  • नुकसान की भरपाई का नियम: लॉन्ग टर्म घाटे की भरपाई सिर्फ लॉन्ग टर्म मुनाफे से हो सकती है.
  • ITR भरना जरूरी: अगर आप इस साल के घाटे को अगले 8 सालों तक इस्तेमाल (Carry Forward) करना चाहते हैं, तो समय पर इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) जरूर भरें.
  • टैक्स की दरें: याद रखें, अब इक्विटी पर 1.25 लाख से ऊपर का लॉन्ग टर्म मुनाफा 12.5% और शॉर्ट टर्म मुनाफा 20% की दर से टैक्स होता है.
  • देखा-देखी न करें: सिर्फ टैक्स बचाने के चक्कर में अच्छे शेयर न बेचें। अपनी जरूरत और लॉन्ग टर्म गोल को देखकर ही फैसला लें. उलझन होने पर किसी एक्सपर्ट की सलाह लें.

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Abhishek Pandey

लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

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