आज से शुरू हो रही है RBI की बड़ी बैठक , क्या जून में घटेगी आपके लोन की EMI ?
Published by : Abhishek Pandey Updated At : 03 Jun 2026 11:17 AM
RBI MPC Meeting : आज से शुरू हो रही है RBI मॉनेटरी पॉलिसी की अहम बैठक! क्या इस बार सस्ती होगी आपके होम और कार लोन की EMI? जानिए क्या है एक्सपर्ट्स का अनुमान.
RBI MPC Meeting : भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक आज 3 जून से शुरू हो रही है. यह बैठक 5 जून तक चलेगी और इसी दिन सुबह गवर्नर द्वारा समिति के सभी नीतिगत फैसलों का ऐलान किया जाएगा. देश भर के मध्यम वर्ग और कर्जदारों की नजरें इस बैठक पर टिकी हैं, क्योंकि इसी से तय होता है कि आपके होम लोन या कार लोन की ईएमआई (EMI) घटेगी या बढ़ेगी.
बाजार विशेषज्ञों और अर्थशास्त्रियों के अनुसार, देश और दुनिया के मौजूदा आर्थिक हालातों को देखते हुए इस बैठक में ब्याज दरों (रेपो रेट) में कटौती की उम्मीद बेहद कम है. इससे पहले अप्रैल में हुई इस वित्त वर्ष की पहली बैठक में भी दरों को यथावत (स्थिर) रखा गया था.
साल 2025 में मिली थी बड़ी राहत

पिछले साल (2025) रिजर्व बैंक ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए चार अलग-अलग मौकों पर रेपो रेट में कुल 1.25% की भारी कटौती की थी, जिसके बाद ब्याज दरें 5.25% के निचले स्तर पर आ गई थीं.
- फरवरी 2025: करीब 5 साल के लंबे अंतराल के बाद ब्याज दरों को 6.50% से घटाकर 6.25% किया गया.
- अप्रैल 2025: दरों में फिर 0.25% की कटौती हुई.
- जून 2025: तीसरी बार में आरबीआई ने सीधे 0.50% की बड़ी कटौती की.
- दिसंबर 2025: साल के अंत में 0.25% की एक और कटौती के बाद ब्याज दरें 5.25% पर स्थिर हो गईं.
रिजर्व बैंक क्यों बढ़ाता या घटाता है ब्याज दरें?
भारतीय रिजर्व बैंक देश का सेंट्रल बैंक है और उसके पास ‘रेपो रेट’ (पॉलिसी रेट) के रूप में महंगाई से लड़ने का एक बहुत ही शक्तिशाली हथियार होता है.
जब महंगाई (Inflation) ज्यादा होती है तब रिजर्व बैंक रेपो रेट को बढ़ा देता है. इससे बैंकों को आरबीआई से मिलने वाला कर्ज महंगा हो जाता है. बैंक आम ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं. लोन महंगा होने से लोग गाड़ियां, मकान या अन्य चीजें कम खरीदते हैं (डिमांड घटती है), जिससे बाजार में पैसों का फ्लो कम होता है और महंगाई अपने आप काबू में आ जाती है.
जब इकोनॉमी को रफ्तार देनी होती है जब आर्थिक मंदी का दौर हो या विकास दर बढ़ानी हो, तो आरबीआई ब्याज दरों को घटा देता है. इससे लोन सस्ते हो जाते हैं, लोग जमकर खरीदारी और निवेश करते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आती है.
हर दो महीने में क्यों बैठती है यह कमिटी ?
आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) में कुल 6 सदस्य होते हैं. इनमें से 3 सदस्य खुद आरबीआई के होते हैं (गवर्नर सहित) और बाकी 3 सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है.
यह कमिटी हर दो महीने में देश की आर्थिक स्थिति और महंगाई की समीक्षा के लिए बैठक करती है. केंद्रीय बैंक द्वारा जारी वित्त वर्ष 2026-27 के आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, इस पूरे साल में कुल 6 बैठकें होनी हैं, जिनमें से यह इस वित्त वर्ष की दूसरी बैठक है.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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