आलू-टमाटर ने बिगाड़ा रसोई का बजट, शाकाहारी थाली 7% महंगी

आलू-टमाटर का दाम बढ़ने से शाकाहारी थाली महंगी हुई.
Potato-Tomato Price: क्रिसिल की मासिक 'रोटी चावल रेट' रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर महीने में शाकाहारी थाली की कीमत सालाना आधार पर सात फीसदी बढ़कर 32.7 रुपये हो गई. शाकाहारी थाली महंगी होने के पीछे मुख्य कारण टमाटर की कीमतों में 35 फीसदी और आलू की कीमतों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी है.
Potato-Tomato Price: आलू-टमाटर और प्याज की कीमतें आम आदमी को ढंग से शाकाहारी भोजन भी नहीं करने दे रहा है. स्थिति यह है कि महंगाई के इस दौर में देश में शाकाहारी थाली करीब सात फीसदी तक महंगी हो गई है. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि टमाटर और आलू की कीमतें बढ़ने से नवंबर महीने में घरेलू शाकाहारी भोजन साल भर पहले की तुलना में सात फीसदी तक महंगा हो गया है.
आलू 50 फीसदी और टमाटर 30 फीसदी महंगा
क्रिसिल की मासिक ‘रोटी चावल रेट’ रिपोर्ट में कहा गया है कि नवंबर महीने में शाकाहारी थाली की कीमत सालाना आधार पर सात फीसदी बढ़कर 32.7 रुपये हो गई. शाकाहारी थाली महंगी होने के पीछे मुख्य कारण टमाटर की कीमतों में 35 फीसदी और आलू की कीमतों में 50 फीसदी की बढ़ोतरी है. पिछले महीने टमाटर के दाम 53 रुपये प्रति किलो और आलू के दाम 37 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए. इसके अलावा, दालों की कीमतों में भी 10 फीसदी का उछाल देखने को मिला.
दिसंबर में घट सकते हैं आलू-टमाटर के दाम
हालांकि रिपोर्ट कहती है कि दिसंबर महीने में नई फसलों की आवक आने से आलू-टमाटर समेत कई जरूरी उत्पादों के दाम गिरने की संभावना है. नवंबर में आयात शुल्क में बढ़ोतरी की वजह से वनस्पति तेल की कीमतें भी 13 प्रतिशत तक बढ़ गईं. राहत की बात यह रही कि एलपीजी की कीमतों में कटौती से ईंधन लागत 11 प्रतिशत घट गई। इससे घरेलू थाली की लागत पर दबाव कम करने में मदद मिली.
इसे भी पढ़ें: Petrol Diesel Price: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कहीं उछाल तो कहीं गिरावट, जानें बिहार-झारखंड और यूपी के प्रमुख शहरों के भाव
मांसाहारी थाली के भी बढ़ गए दाम
नवंबर महीने में मांसाहारी थाली की कीमत भी दो फीसदी बढ़कर 61.5 रुपये हो गई. इस दौरान ब्रॉयलर मुर्गे की कीमत तीन फीसदी बढ़ी. मांसाहारी थाली की गणना में ब्रॉयलर का भारांक 50 फीसदी है. अक्टूबर की तुलना में शाकाहारी थाली की कीमत में दो फीसदी की गिरावट दर्ज की गई, जिसके पीछे टमाटर की कीमतों में 17 फीसदी की मासिक गिरावट की अहम भूमिका रही. वहीं मांसाहारी थाली की कीमत स्थिर रही.
इसे भी पढ़ें: सोने की कीमत में 300 रुपये की बढ़ोतरी, चांदी 1300 रुपये चमकी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




