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ई-कॉमर्स कंपनियों पर फिर बरसे Piyush Goyal, कहा-एफडीआई नियमों का कर रही हैं उल्लंघन

Updated at : 24 Aug 2024 10:01 AM (IST)
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ई-कॉमर्स कंपनियों पर फिर बरसे Piyush Goyal, कहा-एफडीआई नियमों का कर रही हैं उल्लंघन

ई-कॉमर्स कंपनियों पर पीयूष गोयल ने छेड़ी बहस

Piyush Goyal: केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार 21 अगस्त 2024 को देश में ई-कॉमर्स कंपनियों की बढ़ते वर्चस्व और छोटी दुकानों के अस्तित्व को लेकर चिंता जताते हुए बहस छेड़ दी थी. उन्होंने कहा था कि कीमतों में बहुत ज्यादा वृद्धि हो रही है.

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Piyush Goyal: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल एक बार फिर देश में कारोबार कर रही ई-कॉमर्स कंपनियों पर बरस पड़े. शुक्रवार 23 अगस्त 2024 को मुंबई में आयोजित चार्टर्ड अकाउंटेंट के एक कार्यक्रम में उन्होंने ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर चिंता जाहिर की. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन रिटेल विक्रेताओं ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) कानून के नियमों का पालन नहीं किया है.

उपभोक्ताओं के ऑनलाइन खरीद करने पर किसे फायदा होता है?

चार्टर्ड अकाउंटेंट के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि उपभोक्ताओं को यह सोचना चाहिए कि जब वे किसी चीज को ऑनलाइन खरीदते हैं, तो उससे फायदा किसे पहुंचता है. उन्होंने जो बहस शुरू की है, उससे सबक लेना चाहिए. उन्होंने कहा कि भारतीय कानून में यह प्रावधान है कि विदेशी ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए देश में केवल कंपनियों के बीच (बी2बी) लेन-देन की ही अनुमति है.

छोटे दुकानदारों के हानिकारक हैं ई-कॉमर्स कंपनियां

उन्होंने कहा कि दुख की बात है कि ई-कॉमर्स कंपनियों की ओर से कानून का पूरी तरह से अक्षरशः पालन नहीं किया गया है. इसके अनुरूप ढांचे बनाए गए हैं, जो छोटे व्यापारियों और छोटे खुदरा विक्रेताओं के हितों के लिए हानिकारक हैं. उन्होंने कहा कि अमेजन जैसी कंपनियों की गहरी जेबें उन्हें बाजार बिगाड़ने वाले मूल्य निर्धारण में लिप्त होने में मदद करती हैं और वे उपभोक्ता की पसंद और वरीयताओं को प्रभावित करने के लिए एल्गोरिदम का इस्तेमाल भी करती हैं.

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ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर पीयूष गोयल ने छेड़ी बहस

इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बुधवार 21 अगस्त 2024 को देश में ई-कॉमर्स कंपनियों की बढ़ते वर्चस्व और छोटी दुकानों के अस्तित्व को लेकर चिंता जताते हुए बहस छेड़ दी थी. उन्होंने कहा था कि कीमतों में बहुत ज्यादा वृद्धि हो रही है. इसके साथ ही, उन्होंने सामाजिक व्यवधानों की भी चेतावनी दी थी, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोग बेरोजगार हो रहे हैं. इसके बाद गुरुवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ई-कॉमर्स कंपनियों के खिलाफ नहीं है, बल्कि चाहती है कि वे निष्पक्ष और ईमानदार रहें. उन्होंने कहा था कि सरकार ऑनलाइन कंपनियों को प्रोत्साहित करना चाहती है. वह ऐसी इकाइयों के पक्ष में है, जिनमें गति और सुविधा जैसे जबर्दस्त लाभ हैं.

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KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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