अब पानी पीना भी हुआ महंगा, गर्मियों से पहले आम आदमी को झटका

महंगी होगी पानी की बोतल (फोटो क्रेडिट-Canva)
Iran Israel War Impact: ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें $100 के पार पहुंच गई हैं, जिसका सीधा असर भारत की पैकेज्ड वाटर इंडस्ट्री पर पड़ा है. प्लास्टिक, ढक्कन और लेबल महंगे होने से छोटे निर्माताओं ने कीमतें बढ़ा दी हैं. जानिए गर्मियों के सीजन से ठीक पहले आपकी पानी की बोतल कितनी महंगी होने वाली है.
Iran Israel War Impact: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर अब आपकी प्यास पर भी पड़ने वाला है. कच्चे तेल (Crude Oil) की बढ़ती कीमतों की वजह से अब बोतलबंद पानी यानी पैकेज्ड वाटर महंगा होने जा रहा है. 5 अरब डॉलर के इस भारतीय बाजार में गर्मियों का सीजन शुरू होने से ठीक पहले कीमतों में उछाल की आहट सुनाई दे रही है. आइए समझते हैं कि कच्चे तेल का पानी की बोतल से क्या लेना-देना है और आपकी जेब पर इसका कितना असर पड़ेगा.
तेल महंगा तो बोतल महंगी क्यों?
शायद आप सोच रहे होंगे कि तेल के दाम बढ़ने से पानी क्यों महंगा हो रहा है? इसकी वजह है प्लास्टिक.
- पॉलिमर का खेल: प्लास्टिक की बोतलें, ढक्कन (कैप) और उन पर लगने वाले लेबल ‘पॉलिमर’ से बनते हैं, जो कच्चे तेल से निकलता है.
- लागत में भारी बढ़ोतरी: बोतलों के कच्चे माल की कीमत 50% बढ़कर ₹170 प्रति किलो हो गई है. वहीं, जो ढक्कन (Cap) पहले सस्ता था, उसकी कीमत अब दोगुनी होकर 45 पैसे प्रति पीस पहुँच गई है.
- पैकेजिंग भी महंगी: गत्ते के बॉक्स, लेबल और यहाँ तक कि उन्हें चिपकाने वाली टेप के दाम भी बढ़ गए हैं.
छोटे मैन्युफैक्चरर्स ने बढ़ाए दाम
भारत में करीब 2,000 छोटे बोतलबंद पानी निर्माता हैं. लागत बढ़ने की वजह से इन्होंने डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए प्रति बोतल ₹1 (करीब 5%) की बढ़ोतरी कर दी है) . ऑल इंडिया पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में कीमतें 10% तक और बढ़ सकती हैं.
बड़ी कंपनियों का क्या है हाल ?
फिलहाल बिस्लेरी (Bisleri), किनले (Kinley) और एक्वाफिना (Aquafina) जैसे बड़े ब्रांड्स ने खुदरा कीमतें नहीं बढ़ाई हैं. ये कंपनियां बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठा रही हैं ताकि मार्केट में अपनी पकड़ बनी रहे. लेकिन अगर युद्ध लंबा खिंचता है, तो ये बड़ी कंपनियां भी कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हो सकती हैं.
प्रीमियम पानी भी हुआ महंगा
सिर्फ साधारण पानी ही नहीं, बल्कि नेचुरल मिनरल वाटर (जैसे Aava) का बाजार भी प्रभावित हुआ है. प्रीमियम पानी बनाने वाली कंपनियों ने रिसेलर्स के लिए कीमतें 18% तक बढ़ा दी हैं. कंपनियों का कहना है कि वे 40-50% अतिरिक्त लागत खुद वहन कर रही हैं, लेकिन गर्मियों के पीक सीजन में इसे जारी रखना मुश्किल होगा.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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