सोना-चांदी की कीमतों में भारी सेंध, 10 ग्राम सोना ₹1.58 लाख और चांदी ₹2.60 लाख पर आई

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सांकेतिक तस्वीर (फोटो : Canva)

Gold-Silver Price: ईरान-इजराइल संकट के बीच सोने-चांदी के दाम लुढ़के. जहां एक तरफ कच्चा तेल महंगा हो रहा है, वहीं दूसरी तरफ निवेशकों ने सोने से दूरी बना ली है.

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Gold-Silver Price : मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच आज यानी 13 मार्च 2026 को सर्राफा बाजार से निवेशकों और खरीदारों के लिए राहत की खबर आई है. अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग की अनिश्चितता के बावजूद सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है.

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आज के भाव: सोना और चांदी दोनों टूटे

इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक

  • सोना (Gold): 24 कैरेट सोने की कीमत 1,748 रुपये गिरकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गई है. कल (12 मार्च) यही सोना 1.60 लाख रुपये के स्तर पर था.
  • चांदी (Silver): चांदी में तो बड़ी गिरावट देखी गई है. एक किलो चांदी 8,350 रुपये सस्ती होकर 2.60 लाख रुपये पर आ गई है. शुक्रवार को इसका रेट 2.68 लाख रुपये था.

कीमतें गिरने की 3 मुख्य वजहें

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, वैश्विक तनाव के बीच भी दाम गिरने के पीछे ये तीन बड़े कारण हैं

  • कैश की डिमांड बढ़ी: ईरान और इजराइल की जंग की वजह से बाजार में डर का माहौल है. ऐसे में निवेशक सोने में पैसा लगाने के बजाय कैश (नकद) अपने हाथ में रखना ज्यादा पसंद कर रहे हैं.
  • ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद खत्म: अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों को देखते हुए लग रहा है कि वहां का केंद्रीय बैंक (फेडरल रिजर्व) फिलहाल ब्याज दरें नहीं घटाएगा. जब ब्याज दरें नहीं घटतीं, तो सोने की चमक थोड़ी कम हो जाती है.
  • शेयर बाजार और तेल का असर: मिडिल ईस्ट संकट से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे शेयर बाजारों में गिरावट है. इस अफरा-तफरी का असर कमोडिटी मार्केट (सोना-चांदी) पर भी पड़ रहा है और बिकवाली बढ़ गई है.

अलग-अलग शहरों में अलग रेट क्यों ?

अक्सर लोग पूछते हैं कि दिल्ली और चेन्नई में सोने के रेट अलग क्यों होते हैं? इसके 4 बड़े कारण हैं.

  • ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना सुरक्षित तरीके से एक शहर से दूसरे शहर ले जाने का खर्च.
  • खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में सोने की मांग बहुत ज्यादा है, इसलिए वहां के ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं जिससे उन्हें थोक में छूट मिलती है.
  • लोकल एसोसिएशन: हर शहर की अपनी ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग के हिसाब से रेट तय करती है.
  • पुराना स्टॉक: जिन दुकानदारों के पास पुराना और सस्ता सोना रखा है, वे ग्राहकों को थोड़ा सस्ता रेट दे पाते हैं.

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