NSE के पूर्व सीईओ रवि नारायण मनी लॉन्ड्रिंग और फोन टैपिंग केस में ईडी की रिमांड पर, जानें पूरा मामला

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पूर्व प्रमुख रवि नारायण की गिरफ्तारी, एक्सचेंज से जुड़े को-लोकेशन के मामले में हुई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी अधिकारियों द्वारा की गई जांच के दौरान रवि नारायण सहयोग नहीं कर रहे थे और उनके खिलाफ सबूतों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.
NSE Scam Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी, ED) ने मनी लाउंडरिंग के एक मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई, NSE) के पूर्व प्रबंध निदशेक (एमडी, MD) एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ, CEO) रवि नारायण को गिरफ्तार कर लिया है.
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के पूर्व प्रमुख रवि नारायण की गिरफ्तारी, एक्सचेंज से जुड़े को-लोकेशन के मामले में हुई है. रिपोर्ट्स के अनुसार, ईडी अधिकारियों द्वारा की गई जांच के दौरान रवि नारायण सहयोग नहीं कर रहे थे और उनके खिलाफ सबूतों के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था.
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‘को-लोकेशन घोटाला’ मामले और कर्मचारियों के फोन की अवैध टैपिंग करने के आरोपों से जुड़े दो आपराधिक मामलों के तहत रवि नारायण की भूमिका की जांच संघीय जांच एजेंसी कर रही है. ऐसा समझा जाता है कि नारायण की गिरफ्तारी फोन टैप करने के मामले में धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए, PMLA) की आपराधिक धाराओं के तहत हुई है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ईडी ने इससे पहले एनएसई की एक अन्य पूर्व एमडी एवं सीईओ चित्रा रामकृष्ण को लगभग इसी मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि मामले की समानांतर जांच कर रहे केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई, CBI) ने उन्हें ‘को-लोकेशन’ मामले में गिरफ्तार किया था.
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