अंबानी परिवार के पास भारत की जीडीपी के 12% के बराबर संपत्ति, तो अदाणी के पास कितनी?

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (बाएं) और अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी (दाहिने).
Mukesh Ambani Net Worth: देश के अमीर शख्सियतों की संपत्ति का मूल्यांकन करने वाली कंपनी हुरुन इंडिया की ओर से भारत के सबसे अमीर कारोबारी घरानों की सूची मंगलवार को जारी की है. इसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी का परिवार देश के सबसे अमीर कारोबारी परिवारों की सूची में लगातार दूसरे साल नंबर वन बना है. वहीं, अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी का परिवार दूसरे नंबर है. सबसे खास बात यह है कि मुकेश अंबानी के परिवार के पास देश की कुल जीडीपी का करीब 12% के बराबर संपत्ति है.
Mukesh Ambani Net Worth: उद्योगपति मुकेश अंबानी की अगुवाई वाला अंबानी परिवार 28 लाख करोड़ रुपये की कुल संपत्ति के साथ देश का सबसे समृद्ध कारोबारी घराना है. यह देश की जीडीपी के 12% के बराबर है. पिछले एक साल में परिवार की संपत्ति में 10% की वृद्धि हुई है, जिससे उन्होंने शीर्ष स्थान बरकरार रखा है. हुरुन इंडिया ने देश के सबसे अमीर कारोबारी परिवारों की लिस्ट जारी की है, जिसमें अंबानी परिवार लगातार दूसरी बार नंबर वन पोजिशन पर कायम है.
अदाणी परिवार का दूसरा स्थान
गौतम अदाणी के नेतृत्व वाला अदाणी परिवार 14.01 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर है. हुरुन इंडिया की रिपोर्ट में उन्हें “पहली पीढ़ी के उद्यमी” के रूप में सबसे मूल्यवान पारिवारिक कारोबार का मालिक बताया गया है.
कुमार मंगलम बिड़ला परिवार में 20% बढ़ोतरी
कुमार मंगलम बिड़ला परिवार की संपत्ति 20% बढ़कर 6.47 लाख करोड़ रुपये हो गई है, जिससे वे कई पीढ़ियों वाले कारोबारी घरानों में दूसरे पायदान पर पहुंच गए हैं. जिंदल परिवार ने 21% उछाल के साथ 5.70 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति हासिल की और एक स्थान ऊपर आया. वहीं, बजाज परिवार की संपत्ति में 21% गिरावट आई, जिससे वे चौथे स्थान पर खिसक गए.
देश के शीर्ष 300 कारोबारी परिवार
रिपोर्ट के मुताबिक, देश के 300 सबसे मूल्यवान परिवारों की कुल संपत्ति 140 लाख करोड़ रुपये (1.6 लाख करोड़ डॉलर) है, जो भारत की जीडीपी का 40% है. इन परिवारों ने पिछले साल रोजाना औसतन 7,100 करोड़ रुपये की संपत्ति बनाई.
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अन्य महत्वपूर्ण आंकड़े
- 37 नए परिवार अरबपति सूची में शामिल हुए, जिससे संख्या 161 हो गई.
- 25% से अधिक कारोबार शेयर बाजार में सूचीबद्ध नहीं हैं.
- 89% कारोबार भौतिक उत्पाद बेचते हैं, जबकि 11% सेवाएं प्रदान करते हैं.
- मुंबई से 91, एनसीआर से 62 और कोलकाता से 25 परिवार सूची में शामिल.
- अगले 5 वर्षों में 130 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति अगली पीढ़ी को हस्तांतरित होगी.
रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि अमेरिका में शुल्क वृद्धि के चलते अगले 12 महीनों में 120 से अधिक कारोबारी घरानों के अरबों डॉलर के निर्यात पर असर पड़ सकता है.
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लेखक के बारे में
By KumarVishwat Sen
कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.
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