ePaper

कितनी संपत्ति के मालिक हैं मलयालम के सुपरस्टार मोहनलाल, जिन्हें मिला दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड

Updated at : 20 Sep 2025 8:29 PM (IST)
विज्ञापन
Mohanlal Net Worth

मलयालम फिल्मों के सुपरस्टार मोहनलाल

Mohanlal Net Worth: मलयालम सुपरस्टार मोहनलाल को 2023 का दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड मिला है. अभिनय के साथ वे सफल व्यवसायी भी हैं. उनके पास लगभग 417.5 करोड़ रुपये (50 मिलियन डॉलर) की संपत्ति है. मोहनलाल की लग्जरी कार कलेक्शन में धीरूभाई अंबानी की विंटेज कैडिलैक, रेंज रोवर, टोयोटा लैंड क्रूजर जैसी गाड़ियां शामिल हैं. फिल्मों, ब्रांड एंडोर्समेंट और टीवी शो से उनकी भारी कमाई होती है.

विज्ञापन

Mohanlal Net Worth: मलयालम फिल्म के सुपरस्टार मोहनलाल को साल 2023 के लिए दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित करने का ऐलान किया गया है. शनिवार को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने को घोषणा की कि मलयालम अभिनेता मोहनलाल को प्रतिष्ठित दादा साहेब फाल्के पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया जाएगा. मंत्रालय ने कहा, “भारतीय सिनेमा में उनके असाधारण योगदान के लिए इस महान अभिनेता, निर्देशक और निर्माता को सम्मानित किया जा रहा है.” सबसे बड़ी बात यह है कि अभिनेता मोहनलाल मलायलम फिल्मों के प्रोड्यूसर के बालाजी के दामाद हैं. के बालाजी ने मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी की विंटेज कार खरीदी थी, जो अब उनके दामाद मोहनलाल के पास है. के बालाजी ने उस कार का इस्तेमाल कई फिल्मों में किया है. आइए, जानते हैं कि मलयालम फिल्म के सुपरस्टार मोहनलाल के पास कितनी संपत्ति है.

मोहनलाल की संपत्ति

अंग्रेजी की वेबसाइट द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, मलयालम फिल्मों के सुपरस्टार मोहन लाल के पास करीब 50 मिलियन अमेरिकी डॉलर यानी करीब 417.5 करोड़ रुपये की संपत्ति है. मोहनलाल न केवल अभिनय की दुनिया के सुपरस्टार हैं, बल्कि वे एक सफल कारोबारी होने के साथ ब्रांड एंडोर्समेंट, टेलीविजन समेत कई क्षेत्रों में भी सक्रिय रहते हैं.

मोहनलाल की आमदनी के स्रोत

अभिनेता मोहनलाल ने साल 1980 में फिल्म ‘मंजिल विरिंजा पोक्कल’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. उन्होंने मलयालम फिल्मों के कई और यादगार किरदार निभाएं हैं. बताया जाता है कि वे फिल्मों के लिए काफी अधिक फीस लेते हैं. इसके अलावा, मोहनलाल ब्रांड एंडोर्समेंट और विज्ञापनों से भी अच्छी-खासी आमदनी करते हैं. वे एक टीवी रियलिटी गेम शो की मेजबानी भी करते हैं, जिसके लिए उन्हें करीब 18 करोड़ रुपये फीस के तौर पर भुगतान किए जाते हैं. वे फिल्मों के निर्माता-निदेशक भी हैं. केरल की राजधानी तिरुअनंतपुरम में एक फिल्म प्री-प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन स्टूडियो भी है.

धीरूभाई की विंटेज कार के मालिक हैं मोहनलाल

सबसे खास बात यह है कि मोहनलाल मुकेश अंबानी के पिता धीरूभाई अंबानी की विंटेज कैडिलैक कार के मालिक भी हैं. 1958 की यह लेफ्ट-हैंड ड्राइव कैडिलैक सेडान पहले फिल्म प्रोड्यूसर के बालाजी (मोहनलाल के ससुर) के पास थी. उन्होंने इसे अपनी कई फिल्मों में इस्तेमाल किया था. यह कार पहले चेन्नई में थी, जिसे बाद में मोहनलाल कोच्चि ले गए और उन्होंने इसकी मरम्मत भी करवाई. पहले यह कार लाल रंग की थी, जिसे कोच्चि के फ्लेमिंगो गैराज में ठीक किया गया और फिर उसकी क्वालिटी बनाए रखने के लिए उसे दोबारा पेंट किया गया. धीरूभाई अंबानी की इस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर एमएएस 2100 था.

इसे भी पढ़ें: Upcomming IPO: नवरात्र के पहले दिन से ही शेयर बाजार में 7 आईपीओ की होगी धमाकेदार एंट्री, ग्रे मार्केट में दिखेगा दम

मोहनलाल के पास कई लग्जरी गाड़ियां

सुपरस्टार मोहनलाल के पास कई शानदार लग्ज़री गाड़ियां हैं, जिनमें हिंदुस्तान एंबेसडर एमके4, रेंज रोवर ऑटोबायोग्राफी, टोयोटा लैंड क्रूजर और टोयोटा इनोवा क्रिस्टा शामिल हैं. जनरल मोटर्स का प्रीमियम कार ब्रांड कैडिलैक अमेरिका, कनाडा और चीन जैसे बड़े देशों में अपनी मजबूत पकड़ रखता है और यह 34 अन्य देशों में भी उपलब्ध है. अमेरिका में कैडिलैक हमेशा से प्रीमियम कारों के क्षेत्र में अग्रणी रहा है.

इसे भी पढ़ें: SIP Calculator: हर महीने 5000 के एसआईपी से कितने साल में बनेगा 1 करोड़, जानें क्या कहता है कैलकुलेशन

विज्ञापन
KumarVishwat Sen

लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola