Jio Coin: रिलायंस ने लॉन्च किया अपना Crypto, क्या मुकेश अंबानी की योजना है बड़ी,जानिए सब कुछ

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Jio Coin: मुकेश अंबानी की जियो प्लेटफॉर्म्स ने पॉलीगॉन लैब्स के साथ साझेदारी की घोषणा की, जिससे Jio Coin के चर्चे शुरू हो गए
Jio Coin: रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की डिजिटल शाखा, जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने मौजूदा एप्लिकेशंस और सेवाओं को वेब क्षमताओं से सशक्त बनाने के लिए ब्लॉकचेन कंपनी पॉलीगॉन लैब्स के साथ साझेदारी की है. इस साझेदारी का उद्देश्य जियो के 450 मिलियन से अधिक ग्राहकों को पॉलीगॉन के ब्लॉकचेन समाधानों का लाभ पहुंचाना है.
Polygon के साथ साझेदारी का महत्व
पॉलीगॉन लैब्स के भुगतान के वैश्विक प्रमुख ऐश्वर्या गुप्ता ने कहा कि यह साझेदारी रिलायंस को पॉलीगॉन के बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने की अनुमति देती है, जिससे वे अपने उपयोगकर्ताओं को वेब3 तकनीक का उपयोग करने में सक्षम बना सकते हैं. इस साझेदारी का उद्देश्य उन एप्लिकेशनों का निर्माण करना है जो पॉलीगॉन के बैकएंड पर चलें, जिससे उपयोगकर्ता नई तकनीकों का फायदा उठा सकें.
ब्लॉकचेन तकनीक का भविष्य
हालांकि, गुप्ता ने गोपनीयता के कारण वेब3 उत्पादों के बारे में अधिक जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उन्होंने बताया कि यह साझेदारी क्रिप्टोकरेंसी और वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (VDA) से आगे ब्लॉकचेन तकनीक के अन्य उपयोग क्षेत्रों पर भी ध्यान केंद्रित करेगी. गुप्ता के अनुसार, “एआई और क्रिप्टो के मिलकर नए एजेंटिक फ्रेमवर्क बनाने की संभावना है, जिसमें ब्लॉकचेन पर आधारित समुदाय और भुगतान जैसी सेवाओं का विकास किया जा सकता है.”
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विकेंद्रीकरण और ब्लॉकचेन के उपयोग के मामले
गुप्ता ने यह भी बताया कि कंपनी ने फ्लिपकार्ट जैसे बड़े ब्रांडों के साथ मिलकर वेब3 के लिए साझेदारी की है. उन्होंने कहा, “हमने 60 ब्रांडों के साथ काम किया है और उपयोगकर्ताओं को इस तकनीकी साझेदारी के बारे में नहीं पता चलता क्योंकि यह बैकएंड में कार्य करता है.”
पॉलीगॉन का विकास और वेब3 का भविष्य
2017 में Matic Network के रूप में स्थापित, पॉलीगॉन को 2021 में Polygon के नाम से रीब्रांड किया गया था. कंपनी ने 2022 में एक फंडिंग राउंड के दौरान अपने मूल MATIC टोकन की निजी बिक्री से लगभग $450 मिलियन जुटाए. वेब3 इंटरनेट की अगली पीढ़ी को संदर्भित करता है, जो ब्लॉकचेन-आधारित उपयोग के मामलों जैसे क्रिप्टोकरेंसी, NFT और विकेंद्रीकृत वित्त को बढ़ावा देता है. यह विकेंद्रीकृत स्वभाव के कारण उपयोगकर्ताओं को अधिक नियंत्रण प्रदान करता है.
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By Abhishek Pandey
अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।
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