ITR भरने बैठे हैं? पहले AIS और 26AS रिकॉर्ड जरूर चेक कर लें
Published by : Soumya Shahdeo Updated At : 20 May 2026 1:14 PM
ITR Filing 2026 (Photo: Freepik)
ITR Filing 2026: ITR फाइल करने से पहले AIS और Form 26AS जरूर चेक करें, वरना टैक्स नोटिस और रिफंड में देरी जैसी परेशानी हो सकती है.
ITR Filing 2026: इनकम टैक्स रिटर्न यानी ITR भरने का सीजन शुरू हो चुका है. ऐसे में नौकरीपेशा लोगों के लिए सबसे जरूरी काम है कि वे FY 2025-26 के अपने सभी फाइनेंशियल रिकॉर्ड ठीक से जांच लें. छोटी सी गलती भी बाद में टैक्स नोटिस या रिफंड में देरी की वजह बन सकती है. ITR फाइल करने से पहले ये दो डॉक्युमेंट्स AIS और Form 26AS सबसे ज्यादा काम आते हैं. इन दोनों में आपकी कमाई, टैक्स कटौती और बड़े लेनदेन की जानकारी होती है. अगर ITR में दी गई जानकारी इन रिकॉर्ड से मैच नहीं करती, तो परेशानी हो सकती है.
AIS क्या होता है?
AIS यानी Annual Information Statement एक ऐसा रिकॉर्ड है, जिसमें पूरे साल के आपके कई फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन दिखते हैं. इसमें सैलरी, बैंक ब्याज, डिविडेंड, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड इनवेस्टमेंट जैसी जानकारी शामिल रहती है. सरल भाषा में समझें तो सरकार के पास आपके पैसों से जुड़े जो रिकॉर्ड हैं, उनका पूरा ब्योरा AIS में दिख जाता है.
Form 26AS में क्या दिखता है?
Form 26AS आपके PAN से जुड़ा टैक्स स्टेटमेंट होता है. इसमें यह जानकारी रहती है कि आपके ऊपर कितना TDS कटा, कितना टैक्स जमा हुआ और कोई टैक्स रिफंड मिला या नहीं. इसके अलावा इसमें बड़े लेनदेन जैसे प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री, शेयर ट्रेडिंग और म्यूचुअल फंड इनवेस्टमेंट की जानकारी भी दी हुई होती है. इसलिए ITR भरने से पहले इसे ध्यान से देखना बेहद जरूरी है.
ITR भरने से पहले क्या जरूर चेक करें?
टैक्सपेयर्स को AIS और Form 26AS में अपनी सैलरी, बैंक ब्याज, डिविडेंड इनकम और TDS की जानकारी जरूर मिलानी चाहिए. अगर आपने शेयर बाजार या म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट किया है, तो उसके रिकॉर्ड भी चेक करें. इसके अलावा किराये की आय, टैक्स रिफंड, विदेशी ट्रांजैक्शन और टैक्स भुगतान की जानकारी भी सही होनी चाहिए. FY 2025-26 के लिए नौकरीपेशा और गैर-ऑडिट मामलों में ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 तय की गई है.
गलती दिखे तो क्या करें?
अगर AIS या Form 26AS में कोई गलत एंट्री, डुप्लिकेट रिकॉर्ड या मिसमैच दिखता है, तो उसे नजरअंदाज न करें. टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स पोर्टल पर जाकर फीडबैक दे सकते हैं और सुधार की रिक्वेस्ट डाल सकते हैं. एक्स्पर्ट्स भी सलाह देते हैं कि ITR फाइल करने से पहले इन दोनों रिकॉर्ड को ध्यान से जांच लेना चाहिए. इससे रिफंड जल्दी मिलने की संभावना बढ़ती है और बाद में नोटिस आने का खतरा भी कम हो जाता है.
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लेखक के बारे में
By Soumya Shahdeo
सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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