रुपये की हालत पतली, डॉलर के आगे कमजोर पड़ गई भारतीय करेंसी

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रुपया बनाम डॉलर (Photo: AI)

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Rupee vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया है. जानिए तेल की कीमतों, मजबूत डॉलर और RBI की चिंता की पूरी वजह.

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Rupee vs Dollar: भारतीय रुपया लगातार दबाव में है. मंगलवार को बाजार खुलते ही रुपया डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 96.85 पर पहुंच गया. ट्रेडिंग के दौरान यह और टूटकर 96.93 तक चला गया. खास बात ये है कि रुपया लगातार 13वें दिन कमजोर हुआ है, जिससे बाजार में चिंता बढ़ गई है.

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पिछले शुक्रवार को रुपया पहली बार 96 प्रति डॉलर के पार गया था और अब गिरावट का सिलसिला जारी है. जानकारों का कहना है कि महंगे कच्चे तेल, मजबूत डॉलर और दुनियाभर में बढ़ती अनिश्चितता की वजह से भारतीय मुद्रा पर दबाव बना हुआ है.

डॉलर इतना मजबूत क्यों हो रहा है?

अमेरिका में बॉन्ड यील्ड तेजी से बढ़ रही है. मंगलवार को 30 साल के अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड 5.18% तक पहुंच गई, जो 2007 की ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस के बाद सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. वहीं 10 साल की बॉन्ड यील्ड भी बढ़कर 4.66% तक पहुंच गई. जब अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो दुनियाभर के इन्वेस्टर्स वहां पैसा लगाना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं. इससे डॉलर मजबूत होता है और भारत जैसे उभरते बाजारों की मुद्रा कमजोर पड़ने लगती है. यही असर अभी रुपये पर भी दिख रहा है.

तेल की कीमतों का क्या असर पड़ रहा है?

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी भी रुपये के लिए बड़ी परेशानी बन रही है. मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव की वजह से तेल बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है, इसलिए तेल महंगा होने पर ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ते हैं. इससे डॉलर की मांग बढ़ती है और रुपया कमजोर हो जाता है. साथ ही महंगा तेल महंगाई बढ़ाने का भी खतरा पैदा करता है, क्योंकि ट्रांसपोर्ट से लेकर रोजमर्रा की कई चीजें महंगी हो सकती हैं.

RBI क्या कर रहा है?

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, रुपये की गिरावट को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक बाजार में डॉलर बेच रहा है. इसका मकसद रुपये पर दबाव कम करना है ताकि गिरावट बहुत तेज न हो. हालांकि फिलहाल ग्लोबल हालात रुपये के खिलाफ नजर आ रहे हैं. अगर कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और डॉलर मजबूत रहता है, तो आने वाले दिनों में रुपये पर दबाव जारी रह सकता है.

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